जब भारत और अमेरिका ने शनिवार (7 फरवरी 2026) को अपने अंतरिम व्यापार समझौते के ढाँचे की घोषणा की, तो एक और बात ने सोशल मीडिया पर लोगों का ध्यान खींचा। अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि कार्यालय के आधिकारिक हैंडल द्वारा साझा किए गए मैप में पूरा जम्मू-कश्मीर और लद्दाख क्षेत्र, साथ ही पाकिस्तान अधिकृत कश्मीर (PoK) और अक्साई चिन को भारत का हिस्सा दिखाया गया।
स्पष्ट है कि भारत को अपनी क्षेत्रीय अखंडता के लिए किसी बाहरी प्रमाण की आवश्यकता नहीं है। भारत हमेशा से कहता रहा है कि जम्मू-कश्मीर भारत का अभिन्न अंग है। इसके बावजूद कई विश्लेषक इसे अमेरिका के रुख में एक महत्वपूर्ण बदलाव के रूप में देख रहे हैं, क्योंकि पहले अमेरिकी एजेंसियों द्वारा जारी किए गए मानचित्रों में PoK को अलग दिखाया जाता था।
From tree nuts and dried distillers’ grains to red sorghum and fresh and processed fruit, the U.S.-India Agreement will provide new market access for American products. pic.twitter.com/mqpP10LJp1
— United States Trade Representative (@USTradeRep) February 6, 2026
क्यों महत्वपूर्ण है मैप और पाकिस्तान को कैसे बनाया आलोचना का शिकार?
पहले अमेरिकी विदेश विभाग समेत कई एजेंसियों द्वारा जारी नक्शों में PoK को अलग रेखाओं के साथ दिखाया जाता था, ताकि पाकिस्तान की स्थिति को ध्यान में रखा जा सके। लेकिन इस बार ऐसा कोई अलगाव नहीं दिखाया गया। पूरे क्षेत्र को भारत का हिस्सा दर्शाया गया, जिसे कई लोग एक मजबूत कूटनीतिक संदेश मान रहे हैं।
इसका समय भी काफी अहम है। भारत और अमेरिका हाल के तनावपूर्ण दौर के बाद अपने संबंधों को फिर से मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। पिछले साल अगस्त में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भारत द्वारा रूसी तेल की खरीद जारी रखने को लेकर असहमति जताते हुए भारतीय वस्तुओं पर 50% तक का भारी टैरिफ लगा दिया था।
ट्रंप ने भारत और पाकिस्तान को फिर से एक ही रणनीतिक फ्रेम में लाने की बात भी कही थी, जिससे पूर्ववर्ती अमेरिकी प्रशासन दूरी बनाए हुए थे। ऐसे माहौल में जारी यह नया नक्शा पुराने संदेशों से अलग संकेत देता है। इसमें अक्साई चिन को भी भारत का हिस्सा दिखाया गया है, जो पूर्वी लद्दाख का वह क्षेत्र है जिस पर चीन ने जबरन कब्जा कर रखा है।
इससे पहले भारत का विदेश मंत्रालय कई बार विदेशी एजेंसियों द्वारा भारत की सीमाओं को गलत दिखाने पर आपत्ति जता चुका है। ताजा अमेरिकी नक्शा उन चिंताओं को दूर करता नजर आता है। इस फैसले पर सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएँ देखने को मिलीं। रक्षा विशेषज्ञों और भू-राजनीतिक विश्लेषकों ने इसे सकारात्मक कदम बताया।
वहीं कई लोग इसे पाकिस्तान के लिए झटका मान रहे हैं, खासकर ऐसे समय में जब पाकिस्तान वॉशिंगटन से अपने रिश्ते सुधारने की लगातार कोशिश कर रहा है। हाल के महीनों में पाकिस्तानी फौज प्रमुख असीम मुनीर कम से कम दो बार अमेरिका का दौरा कर चुके हैं और उन्होंने ट्रंप से मुलाकात भी की है, जिसमें पिछले साल जून में हुआ चर्चित लंच भी शामिल है।

