‘बाइट ऑफ सिएटल फेस्टिवल’ में अँधाधुँध गोलीबारी में 2 लोगों की हुई मौत, 5 घायल: अमेरिका के वाशिंगटन की घटना

अमेरिका में वाशिंगटन के सिएटल में गोलीबारी की खबर है। रविवार (26 जुलाई 2026) को ‘बाइट ऑफ सिएटल फेस्टिवल’ के दौरान अज्ञात बंदूकधारी ने अँधाधुँध गोलीबारी की। इस दौरान 2 लोगों की मौत हो गई जबकि कम से कम 5 लोग घायल हो गए। इसमें एक छोटा बच्चा भी शामिल है। अभी तक आरोपित को गिरफ्तार नहीं किया जा सका है।

हालाँकि कुछ मीडिया रिपोर्टों में दो संदिग्धों को हिरासत में लिए जाने का दावा किया गया है, लेकिन सिएटल पुलिस ने अभी तक उनकी पहचान, गिरफ्तारी की परिस्थितियों या आरोपों की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।

भारी भीड़ थी, तभी चली गोलियाँ

सिएटल के अग्निशमन विभाग के स्पोक्सपर्सन ग्रेस नुनेज के मुताबिक, शाम 6 बजे उनकी टीम मौके पर पहुँची और दो लोगों को बचाने की कोशिश की, लेकिन वे लोग मौके पर ही दम तोड़ चुके थे। जबकि 4 लोगों को वाशिंगटन यूनिवर्सिटी के हार्बरव्यू मेडिकल सेंटर ले जाया गया है, जहाँ वे ट्रॉमा सेंटर में भर्ती हैं। घायलों को हाथ, पैर, पेट, जाँघ, पैर के निचले हिस्से में गोलियाँ लगी है। एक महिला की हालत गंभीर बताई गई है। उसकी सर्जरी की जा रही है। घायल महिलाओं में एक महिला को मामूली चोटें आई थी। उसने अस्पताल जाने से इनकार कर दिया।

सिएटल पुलिस ने घटना के बाद वहाँ मौजूद लोगों को सुरक्षित बाहर निकाला और जनता से अपील की कि वे घटनास्थल से दूर रहें। इस बीच अमेरिकी खुफिया विभाग ये पता लगाने की कोशिश कर रहा है कि घटना किसने और क्यों किया।

सिएटल फूड फेस्टिवल ‘बाइट ऑफ सिएटल’ अमेरिका में काफी मशहूर है, इसमें हजारों लोग हर साल शामिल होते हैं। रविवार को कार्यक्रम समाप्त हो रहा था। ये तीन दिनों तक चला। इन तीन दिनों में यहाँ करीब 350000 लोगों के आने की बात कही जा रही है। यहाँ एंट्री फ्री होती है।

घटना के चश्मदीद एस्टन वाकोनाबो के मुताबिक, वह अपनी गर्लफ्रेंड के साथ एक फोटो बूथ पर लाइन में खड़ा था, तभी वहाँ आसपास लोग बेतहाशा भागने लगे। उन्हें लगा कि शायद यहाँ भगदड़ मच गई है। लेकिन कुछ देर बाद उन्होंने जमीन पर गिरे लोगों को देखा, जिन्हें गोलियाँ लगी थी। चश्मदीद के मुताबिक, इनकी संख्या करीब 8 थी। हर जगह लाशें दिख रही थी।

एक और चश्मदीद पॉल स्किनर के मुताबिक, वे फूड ट्रक क्रेव के लिए बाइट ऑफ सिएटल बूथ चलाने में मदद कर रहे थे, तभी वहाँ अफरा-तफरी मच गई।

उन्होंने कहा, हमने पटाखों जैसी आवाज सुनी, लेकिन वहाँ इतनी भीड़ थी कि ऐसी आवाजें निकलना ठीक नहीं था। फिर जब भीड़ तेजी से भागने लगी तो उन्हें लगा कि जरूर कुछ हुआ है। उसने कहा कि वे लोग नीचे झुक गए और छिपने की कोशिश करने लगे।