अमेरिका के कब्जे से कम हमें कुछ मंजूर नहीं’: वेनेजुएला के बाद अब दूसरे क्षेत्र पर पड़ी राष्ट्रपति ट्रंप की नजर, ग्रीनलैंड के PM बोले- हमें ये बिलकुल स्वीकार नहीं

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर ग्रीनलैंड पर कब्जा करने की बात कही है। उन्होने कहा है कि ग्रीनलैंड को अमेरिकी कब्जे में आना होगा, इससे कम हमें मंजूर नहीं है। उन्होंने अमेरिकी सुरक्षा के लिए ग्रीनलैंड की ‘जरूरी’ बताया।

राष्ट्रपति ट्रंप ने लिखा, “नाटो को अमेरिका का साथ देना चाहिए, अगर अमेरिका ने इसे कंट्रोल नहीं किया तो रूस या चीन इस पर कब्जा कर लेगा, जो किसी भी हाल में स्वीकार नहीं होगा।”

उनके मुताबिक, अगर ग्रीनलैंड अमेरिका के हाथ में होगा तो नाटो भी मजबूत होगा। वहीं ग्रीनलैंड के कब्जे को लेकर नाटो में मतभेद के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अमेरिका की सैन्य ताकत के सामने नाटो कुछ भी नहीं है।

अमेरिकी राष्ट्रपति ने ग्रीनलैंड को गोल्डन डोम नामक बड़े रक्षा प्रोजेक्ट के लिए बहुत महत्वपूर्ण बताया है। दरअसल गोल्डन डोम अमेरिका का मिसाइल रक्षा प्रोजेक्ट है। यह प्रोजेक्ट इजराइल के आयरन डोम से प्रेरित है। गोल्डन डोम का मकसद चीन, रूस जैसे देशों से आने वाले खतरे से अमेरिका को बचाना है।

ट्रंप का यह बयान व्हाइट हाउस में अमेरिका, डेनमार्क और ग्रीनलैंड के अधिकारियों के बीच हुई हाई कमेटी बैठक के बाद आया है। इस बैठक में कोई बड़ा समझौता नहीं हुआ।

बैठक के बाद ग्रीनलैंड की विदेश मंत्री विवियन मोट्जफेल्ड ने कहा कि उन्हें अमेरिका के साथ संबंधों को मजबूत करने की उम्मीद है, लेकिन ग्रीनलैंड पर अमेरिका का राज स्वीकार नहीं कर सकते।

इससे पहले डेनमार्क की पीएम ने ग्रीनलैंड पर राष्ट्रपति ट्रंप के बयान को लेकर कहा था कि अमेरिका अगर ग्रीनलैंड पर कब्जा करने के लिए सैन्य कार्रवाई करता है, तो नाटो टूट सकता है। उन्होंने चेतावनी दी थी कि अमेरिकी कार्रवाई नाटो के लिए अंत की शुरुआत होगी।

ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री जेन्स फ्रेडरिक नीलसन का कहना है कि अगर ग्रीनलैंड को डेनमार्क और अमेरिका में से किसी एक को चुनना पड़ा, तो वे डेनमार्क को चुनना पसंद करेंगे। उन्होंने कहा कि राष्ट्रपति ट्रंप लगातार ग्रीनलैंड को धमका रहे हैं।

नीलसन ने कहा कि डेनिश कॉमनवेल्थ का हिस्सा होने के नाते ग्रीनलैंड नाटो का भी हिस्सा है। इसलिए ग्रीनलैंड की रक्षा नाटो को करना चाहिए। उन्होंने ये भी कहा था कि ग्रीनलैंड के हिसाब से अब सबसे मुश्किल दौर आने वाला है।

नीलसन ने डेनमार्क की पीएम फ्रेडरिकसेन के साथ मिलकर कोपेनहेगन में प्रेस कॉन्फ्रेंस में ये बात कही थी। हालाँकि, नीलसन के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप ने कहा था कि वो इससे सहमत नहीं हैं और नीलसन को धमकी भी दी थी। उन्होंने कहा था कि ये ग्रीनलैंड के प्रधानमंत्री के लिए मुसीबत बन सकता है।