उत्तर प्रदेश में पेट्रोल, डीजल और रसोई गैस (LPG) की किल्लत दूर करने और जमाखोरों को सबक सिखाने के लिए योगी सरकार ने चौतरफा कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रदेश की जनता को राहत देने के लिए 12 मार्च से अब तक रिकॉर्ड 12,732 ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी की गई है।
इस बड़ी मुहिम का सकारात्मक परिणाम यह है कि अब बाजार में ईंधन की आपूर्ति सुदृढ़ हो गई है और भारत सरकार के सहयोग से 23 मार्च 2026 से कमर्शियल गैस सिलेंडरों के लिए 20 प्रतिशत अतिरिक्त आवंटन को भी मंजूरी मिल गई है।
कालाबाजारी करने वालों पर गिरी गाज
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के कड़े निर्देशों के बाद प्रशासन ने अवैध बिक्री रोकने के लिए कड़ा रुख अपनाया है। इस कार्रवाई के दौरान अब तक 25 LPG वितरकों समेत कुल 177 लोगों पर FIR दर्ज की जा चुकी है।
पुलिस ने 16 शातिर कालाबाजारी करने वालों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि 185 अन्य व्यक्तियों के खिलाफ सख्त कानूनी (अभियोजन) कार्यवाही शुरू की गई है। सरकार ने साफ कर दिया है कि आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति में बाधा डालने वाले किसी भी माफिया या जमाखोर को बख्शा नहीं जाएगा।
पर्याप्त स्टॉक और 20% अतिरिक्त सिलेंडर
राहत की बात यह है कि प्रदेश के सभी 4,108 LPG वितरकों के पास वर्तमान में गैस का पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है। मुख्य सचिव ने सभी जिलाधिकारियों को आदेश दिए हैं कि बुकिंग के अनुसार उपभोक्ताओं को समय पर रिफिल की डिलीवरी दी जाए।
केंद्र सरकार द्वारा कमर्शियल सिलेंडरों के कोटा में 20% की बढ़ोतरी करने से बाजार में सप्लाई और ज्यादा मजबूत हो गई है, जिससे घरेलू उपभोक्ताओं को भी बिना किसी देरी के सिलेंडर मिल रहे हैं।
24 घंटे निगरानी: कंट्रोल रूम हुए एक्टिव
पूरी व्यवस्था को पारदर्शी बनाए रखने के लिए खाद्य आयुक्त कार्यालय और होम कंट्रोल रूम में 24 घंटे सक्रिय रहने वाले सेल स्थापित किए गए हैं। यहाँ अधिकारी शिफ्टों में तैनात हैं ताकि पेट्रोलियम पदार्थों की आपूर्ति से जुड़ी किसी भी समस्या का तुरंत निस्तारण किया जा सके।
सभी जिलों में जिला पूर्ति अधिकारी (DSO) और स्थानीय प्रशासन की टीमें खुद फील्ड में उतरकर निगरानी कर रही हैं, जिससे आम जनता को बिना किसी बाधा के ईंधन और गैस उपलब्ध हो रही है।

