पहले जनजातीय महिलाओं को शादी का झाँसा देकर जमीन पर कब्जा, फिर बाहरी मुस्लिमों को बसाने की चाल: सोनभद्र में सामने आया ‘लैंड जिहाद’ का गंभीर मामला

उत्तर प्रदेश के सोनभद्र जिले के दुद्धी क्षेत्र के बघाड़ू गाँव में जनजातीय महिलाओं को शादी के लालच में फँसाकर उनकी जमीन खरीदने और बाहरी मुस्लिम परिवारों को बसाने का आरोप सामने आया है। स्थानीय पुलिस ने इस संबंध में कई आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जाँच शुरू कर दी है।

जाँच में क्या-क्या आया सामने

बघाड़ू गाँव की निवासी रेनू कुमारी ने पुलिस को शिकायत दी कि बहादुर अली, नसीम उद्दीन, अजमत अली, रजिया पनिका और अमवार निवासी अब्दुल सुभान उनके परिवार पर बार-बार दबाव डाल रहे थे।

आरोप है कि इन लोगों ने रेनू और उसकी बहनों को यह कहकर शादी के लिए लालच दिया कि शादी के बाद उन्हें समृद्धि और अच्छा जीवन मिलेगा। जब लड़कियों ने इन प्रस्तावों को ठुकराया, तो उनके परिवार को धमकी भी दी गई।

पुलिस और स्थानीय अधिकारियों की प्रारंभिक जाँच में पता चला कि बहादुर अली ने गरीब और जनजातीय लोगों की जमीन खरीदकर अपने रिश्तेदारों और बाहरी मुस्लिमों को वहाँ बसाया। रजिया पनिका के नाम पर और उसके भाई के नाम पर कई रजिस्ट्री कराई गई हैं। यह काम बड़े पैमाने पर संगठित तरीके से किया जा रहा है।

भू-अधिकार और जनजाति सुरक्षा नियमों के तहत SC/ST की जमीन सीधे किसी बाहरी व्यक्ति को नहीं बेची जा सकती लेकिन रजिया के जनजातीय नाम का फायदा उठाकर जमीन की खरीद-बिक्री की जा रही है। खरीदी गई जमीन पर घर बनाना और बसावट का काम भी तेजी से चल रहा है। शुरुआती जाँच में पता चला कि धारा 80 के तहत कुछ जमीनों को अकृषिक घोषित कर गैर प्रांतीय मुस्लिमों को बेच दिया गया।

भाजपा जिलाध्यक्ष नंदलाल ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को इस मामले की शिकायत की थी। उनके अनुसार, पिछले 15 सालों में बघाड़ू और आसपास के क्षेत्रों में बाहरी मुस्लिम परिवारों की संख्या तेजी से बढ़ी है। पुलिस और प्रशासन ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जाँच शुरू कर दी है।

SDM ने कहा कि जाँच में सामने आए आंकड़े और सभी पहलुओं को गहनता से खंगाला जा रहा है। जाँच के बाद जो भी तथ्य सामने आएँगे, उनके आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।