फ्री स्कूटी, 2 नए एक्सप्रेसवे और कैशलेस इलाज… योगी कैबिनेट में पास हुए 18 प्रस्ताव, संभल हिंसा की जाँच रिपोर्ट विधानसभा में रखने पर भी मंजूरी

उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने राज्य के विकास और जनता की सुविधाओं के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंगलवार (21 जुलाई) को राजधानी लखनऊ में मुख्यमंत्री आवास पर मुख्यमंत्री योगी की अध्यक्षता में कैबिनेट की अहम बैठक हुई। इस बैठक में राज्य के विकास, शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे से जुड़े कुल 18 महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है।

कैबिनेट ने प्रदेश को दो नए एक्सप्रेसवे की सौगात देने के साथ-साथ संभल हिंसा की जाँच रिपोर्ट को विधानसभा में रखने की मंजूरी दे दी है। इसके अलावा छात्राओं के लिए मुफ्त स्कूटी योजना और 12 लाख शिक्षा कर्मियों के लिए मुफ्त कैशलेस इलाज जैसी कई बड़ी योजनाओं को पास किया गया है।

दो नए एक्सप्रेसवे और सड़कों का होगा कायाकल्प

उत्तर प्रदेश में कनेक्टिविटी को बेहतर बनाने के लिए सरकार ने 2 नए एक्सप्रेसवे बनाने का फैसला किया है। इसमें पहला एक्सप्रेसवे प्रयागराज से सोनभद्र तक 333 किलोमीटर लंबा बनाया जाएगा। इस बड़े प्रोजेक्ट पर लगभग 25 हजार करोड़ रुपए की लागत आएगी।

दूसरा विंध्य-पूर्वांचल लिंक ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे होगा, जिसे सीधे पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। 117 किलोमीटर लंबे इस लिंक एक्सप्रेसवे को गाजीपुर, मिर्जापुर, और चंदौली से होकर गुजारा जाएगा। इस योजना के लिए कुल 9,039 करोड़ रुपए तय किए गए हैं, जिसमें से 5,628 करोड़ रुपए निर्माण पर और बाकि पैसा 1,731 हेक्टेयर जमीन खरीदने में खर्च होगा।

इसके साथ ही आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे को पूर्वांचल एक्सप्रेसवे से जोड़ने वाले लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी मिल गई है। इसके लिए ईपीसी मोड (EPC Mode) में विकासकर्ता के चयन वाले प्रस्ताव को पास कर दिया गया है।

वहीं पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डायवर्जन के लिए 1.18 किलोमीटर के रास्ते में बदलाव का प्रस्ताव पास हुआ है, क्योंकि पुराने रास्ते में कई मकान आ रहे थे। राहत की बात यह है कि इसकी लागत में कोई बदलाव नहीं किया गया है।

छात्राओं के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ और नए हॉस्टल

उच्च शिक्षा को बढ़ावा देने और महिला सशक्तिकरण के लिए ‘रानी लक्ष्मीबाई स्कूटी योजना’ शुरू की जा रही है। साल 2025-26 से सभी प्रकार के कॉलेजों की टॉप 5% उत्तीर्ण छात्राओं को पेट्रोल से चलने वाली स्कूटी बिल्कुल मुफ्त दी जाएगी।

इस योजना के लिए 400 करोड़ रुपए का बजट रखा गया है, जिससे लगभग 50 हजार छात्राओं को सीधा फायदा मिलेगा। इसमें दिव्यांग और शहीद या निराश्रित परिवार की छात्राओं को प्राथमिकता दी जाएगी।

छात्राओं की सहूलियत के लिए नए हॉस्टल बनाने का फैसला भी लिया गया है। वाराणसी के बसंत महिला विश्वविद्यालय में 2.48 करोड़ रुपए की लागत से 112 छात्राओं की क्षमता वाला नया महिला छात्रावास बनेगा।

इसके अलावा वाराणसी में ही 6 हजार वर्ग मीटर जमीन पर 500 छात्राओं की क्षमता वाला ‘सीएम श्रमजीवी छात्रावास’ तैयार किया जाएगा। आपको बता दें कि झांसी, मेरठ, आगरा और गोरखपुर में ऐसे हॉस्टल के लिए 83 करोड़ रुपए पहले ही मंजूर किए जा चुके हैं।

शिक्षा कर्मियों को कैशलेस इलाज की सौगात

राज्य के करीब 12 लाख शिक्षा कर्मियों और उनके परिवारों के लिए ‘मुख्यमंत्री शिक्षक कैशलेस चिकित्सा सुविधा योजना’ शुरू की गई है। इसके तहत शिक्षकों, शिक्षामित्रों, अनुदेशकों, रसोइयों और शिक्षा विभाग के कर्मचारियों को सरकारी और सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में पूरी तरह मुफ्त इलाज मिलेगा।

सरकार हर लाभार्थी का सालाना 3,000 रुपए का पूरा प्रीमियम खुद भरेगी, यानी कर्मचारियों को अपनी जेब से एक भी पैसा नहीं देना होगा। इस योजना के तहत अस्पताल में भर्ती होने, सर्जरी, आपातकालीन इलाज, जाँच और दवाओं का खर्च पूरी तरह कवर होगा। नियम अनुसार कुछ ओपीडी (OPD) सुविधाएँ भी इसमें शामिल होंगी। इससे लाखों परिवारों को बिना किसी वित्तीय तनाव के समय पर बेहतर और गुणवत्तापूर्ण इलाज मिल सकेगा।

शिक्षा में नए सुधार और अग्निशमन के लिए नई गाड़ियाँ

उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा को बढ़ावा देने के लिए इसे विश्वविद्यालयों के हर स्तर पर शामिल किया जाएगा। नई शिक्षा नीति (NEP 2020) के तहत शोध पीठ स्थापित करने के लिए विश्वविद्यालयों को 2 करोड़ रुपए और महाविद्यालयों को 1 करोड़ रुपए तक का फंड दिया जाएगा।

इस पैसे को फिक्स्ड डिपॉजिट (FD) में रखा जाएगा और उसके ब्याज से खर्च चलाया जाएगा। इसमें केवल 50 साल पुराने और 5 हजार छात्र क्षमता वाले कॉलेज ही पात्र होंगे। आपातकालीन सेवाओं को मजबूत करने के लिए परिवहन और अग्निशमन विभाग के लिए भी बजट मंजूर हुआ है।

आउटसोर्सिंग निगम पोर्टल और कर्मचारियों के वेतन के लिए 20 करोड़ रुपए दिए गए हैं। सड़क परिवहन निगम के लिए 220 नई बसें खरीदी जाएँगी, जिनमें 400 करोड़ रुपए से 50 और 42 सीटर वाली इलेक्ट्रिक (EV) बसें शामिल हैं। वहीं आग पर काबू पाने के लिए 44 वाटर टैंकर और 5 फोम टैंकर खरीदे जाएँगे, ताकि संकरी जगहों पर भी आसानी से पहुँचा जा सके।

3 अगस्त से शुरू होगा मानसून सत्र

यूपी विधानमंडल का मानसून सत्र 3 से 6 अगस्त तक आयोजित किया जाएगा। इस दौरान राज्य सरकार अपने जरूरी विधायी कार्यों को पूरा करेगी और अनुपूरक बजट भी सदन में पेश किया जाएगा। इस सत्र में सरकार संभल हिंसा की जाँच रिपोर्ट को भी विधानसभा के पटल पर रखेगी।

संसद की तरह यूपी का यह मानसून सत्र भी काफी हंगामेदार रहने की पूरी संभावना है। विपक्ष ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी और संभल हिंसा जैसे प्रमुख मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की पूरी रणनीति बना ली है।

कैबिनेट बैठक में महिला कल्याण, गृह, उच्च शिक्षा, राज्यकर, परिवहन, सचिवालय प्रशासन, स्टांप एवं रजिस्ट्रेशन और सहकारिता विभाग से जुड़े कई अन्य महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर भी सहमति बनी है।