पश्चिम बंगाल के मालदा जिले में इसी साल अप्रैल में न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और हिंसा करने के मामले में राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने बड़ी कार्रवाई की है। इस मामले में तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के दो नेताओं सरीउल शेख और यूसुफ शेख को गिरफ्तार कर लिया गया है।
सरीउल शेख कालीचक-1 ब्लॉक के TMC अध्यक्ष हैं, जबकि यूसुफ शेख सुजापुर क्षेत्र के पूर्व TMC अध्यक्ष रह चुके हैं। दोनों को शुक्रवार (8 मई 2026) को लंबी पूछताछ के बाद गिरफ्तार किया गया। जाँच एजेंसी ने दोनों के मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए।
NIA के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए दोनों TMC नेताओं का नाम उन प्रदर्शनों से सीधे तौर पर जुड़ा हुआ है, जिनमें न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाया गया था। जाँच एजेंसी का कहना है कि सरीउल शेख का सुजापुर अस्पताल के पास एक नर्सिंग होम भी है और प्रदर्शन उसी नर्सिंग होम के सामने हुआ था।
विधानसभा चुनाव की मतगणना से पहले NIA ने इस मामले में कुल नौ लोगों को नोटिस भेजा था। इनमें सुजापुर विधानसभा सीट की उम्मीदवार सबीना यास्मीन के चुनाव एजेंट अब्दुर रहमान, ब्लॉक अध्यक्ष सारीउल शेख, पूर्व खाद्य अधीक्षक हाजी केताबुद्दीन शेख और यूसुफ शेख समेत कई अन्य लोग शामिल थे।
शुरुआत में कई नेताओं ने मतगणना में व्यस्त होने का हवाला देकर पेश होने में आनाकानी की थी, लेकिन बाद में उन्हें जाँच एजेंसी के सामने उपस्थित होना पड़ा। इस मामले में NIA पहले मंजिर उर्फ भोला शेख को भी गिरफ्तार कर चुकी है, जो सुजापुर ग्राम पंचायत के हालपाड़ा इलाके का रहने वाला है।
राष्ट्रीय राजमार्ग जाम करने के पीछे साजिश की आशंका: जाँच में जुटी NIA
मामला 1 अप्रैल को मालदा के मोथाबाड़ी इलाके में 7 न्यायिक अधिकारियों को बंधक बनाने और उनके साथ दुर्व्यवहार करने से जुड़ा है। उग्र भीड़ ने कालियाचक क्षेत्र के एक BDO कार्यालय में न्यायिक अधिकारियों को करीब 8 घंटे तक बंधक बनाए रखा। इनमें 3 महिलाएँ भी शामिल थीं।
इसी रात सुजापुर अस्पताल और चौरींगी मोड़ के पास राष्ट्रीय राजमार्ग-12 को भी कई जगहों पर जाम कर दिया गया था। अब एजेंसी इस बात की जाँच कर रही है कि राष्ट्रीय राजमार्ग पर पाँच अलग-अलग जगहों पर किए गए जाम के पीछे कोई सुनियोजित साजिश थी या नहीं।

