पहले छिपकर भारत में की एंट्री, फिर अलग-अलग जगह करने लगे काम: बंगाल में रेलवे स्टेशन से 9 बांग्लादेशी घुसपैठिए गिरफ्तार, पुलिस जाँच में जुटी

पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद जिले में अवैध घुसपैठ के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए भगवानगोला रेलवे स्टेशन परिसर से नौ बांग्लादेशी नागरिकों को गिरफ्तार किया है।

पुलिस के अनुसार यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। शुरुआती जाँच में सामने आया है कि गिरफ्तार किए गए सभी लोग भारत के अलग-अलग हिस्सों में काम कर रहे थे और गुप्त तरीके से वापस बांग्लादेश लौटने की तैयारी में थे।

पुलिस ने सभी आरोपितों के खिलाफ संबंधित कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। अब जाँच एजेंसियाँ यह पता लगाने में जुटी हैं कि ये लोग भारत में कैसे दाखिल हुए, यहाँ कितने समय से रह रहे थे और उन्हें किसने पनाह या रोजगार उपलब्ध कराया। मामले में मानव तस्करी या अवैध घुसपैठ से जुड़े किसी बड़े नेटवर्क की भी जाँच की जा रही है।

गुप्त सूचना के बाद रेलवे स्टेशन पर हुई छापेमारी

पुलिस अधिकारियों के मुताबिक उन्हें सूचना मिली थी कि भगवानगोला रेलवे स्टेशन के आसपास कुछ संदिग्ध विदेशी नागरिक घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही भगवानगोला पुलिस स्टेशन की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए स्टेशन परिसर में छापेमारी की।

वहाँ मौजूद संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ के दौरान उनकी गतिविधियाँ और जवाब संदेहास्पद पाए गए। इसके बाद उनकी पहचान और दस्तावेजों की जाँच की गई, जिसमें पुष्टि हुई कि सभी नौ लोग बांग्लादेश के नागरिक हैं।

पुलिस का कहना है कि उनके पास भारत में रहने या यात्रा करने से जुड़े वैध दस्तावेज नहीं मिले। इसके बाद सभी को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई।

भारत में काम करने के बाद लौटने की थी तैयारी, जाँच जारी

प्रारंभिक जाँच में पुलिस को जानकारी मिली है कि गिरफ्तार किए गए लोग भारत के विभिन्न राज्यों में मजदूरी और अन्य काम कर रहे थे। जाँच एजेंसियों को संदेह है कि वे गुप्त तरीके से वापस बांग्लादेश लौटने की कोशिश कर रहे थे और गिरफ्तारी से पहले देश छोड़ने की तैयारी में थे।

अधिकारियों के अनुसार इस पूरे मामले में किसी बड़े अवैध घुसपैठ गिरोह या मानव तस्करी नेटवर्क की भूमिका से भी इनकार नहीं किया जा सकता। इसी दिशा में जाँच आगे बढ़ाई जा रही है और पुलिस का कहना है कि जाँच पूरी होने के बाद आवश्यकतानुसार आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।