सपा गिरगिट की तरह रंग बदलती है, सत्ता में लौटने की उम्मीद खो चुके… इसलिए कुछ भी वादा कर रहे: गोरखपुर में शिक्षकों के बीच CM योगी

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को समाजवादी पार्टी पर जमकर निशाना साधा। गोरखपुर-फैजाबाद शिक्षक निर्वाचन क्षेत्र से भाजपा उम्मीदवार ध्रुव कुमार त्रिपाठी के समर्थन में हुए शिक्षक सम्मेलन में उन्होंने कहा कि सपा की राजनीति सिर्फ अपने परिवार और पैसे वालों तक सिमटी है।

उन्होंने तंज कसा कि सपाई गिरगिट की तरह रंग बदलते हैं। सत्ता में लौटने की उम्मीद खत्म हो चुकी है, इसलिए अब जो मन में आ रहा है, वादे कर रहे हैं। सीएम योगी ने कहा कि सपाई, शिक्षा आयोग में अपने सारे रिश्तेदार भर देते थे, पैसे लेकर चयन होता था, हमारी सरकार ने ये काम निष्पक्षता के साथ किया।

रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाने वाले कालनेमि की तरह जप रहे राम नाम

सपा के शांति और सुरक्षा देने के दावे पर सीएम योगी ने एक किस्सा सुनाया। उन्होंने कहा कि यह वैसा ही है जैसे कोई मगरमच्छ नदी किनारे आकर शिकार छोड़ने और लोगों को पार करने की बात करे। ऐसे लोग नाव पार नहीं लगाते, डुबोते हैं।

अखिलेश यादव की अयोध्या यात्रा पर उन्होंने कहा कि जिन्होंने रामभक्तों पर गोलियाँ चलवाईं, वे अब कालनेमि की तरह राम नाम जप रहे हैं। मंदिर का विरोध करने वाले अब अयोध्या में दुष्प्रचार फैलाने में लगे हैं।

‘सपा और शिक्षा दो किनारे’

सीएम योगी ने कहा कि सपा और शिक्षा नदी के दो किनारे हैं, जो कभी नहीं मिल सकते। पुरानी सरकारों पर आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि तब नकल और अराजकता को संरक्षण मिलता था और दंगाइयों को मुख्यमंत्री आवास बुलाकर सम्मान दिया जाता था। शिक्षकों और बेटियों की सुरक्षा खतरे में थी। अब किसी शिक्षक को सताने वाले के सामने दो ही रास्ते हैं, जेल या जहन्नुम।

पेंशन के मुद्दे पर मुख्यमंत्री ने बताया कि 2005 में मुलायम सिंह यादव की सरकार ने नई पेंशन योजना लागू तो कर दी, पर कर्मचारियों के खाते ही नहीं खुलवाए और अंशदान भी जमा नहीं हुआ। 2018 में कमेटी बनी और 2019 की शुरुआत में ₹10 हजार करोड़ देकर 14 लाख कर्मचारियों के खाते खुलवाए गए।

CM बोले- शिक्षकों को मिल रहा ₹5 लाख तक कैशलेस इलाज, ₹1.20 करोड़ तक का बीमा

मुख्यमंत्री योगी ने बताया कि शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से लेकर विश्वविद्यालय स्तर तक के शिक्षकों और उनके परिवारों को सालाना ₹5 लाख तक का कैशलेस इलाज मिल रहा है। इसमें राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित संस्थानों के साथ रसोइये और शिक्षणेत्तर कर्मचारी भी शामिल हैं। वेतन कटे बिना 40 लाख से ₹1.20 करोड़ तक का दुर्घटना बीमा भी दिया गया है।

भर्तियों पर उन्होंने कहा कि सपा राज में आयोगों पर ‘सैफई सिंडिकेट’ का कब्जा था। रिश्तेदारों को तरजीह मिलती थी और पैसे लेकर चयन होता था। 2017 में डेढ़ लाख से ज्यादा शिक्षकों के पद खाली पड़े थे, जबकि भाजपा सरकार ने सभी 75 जिलों से निष्पक्ष चयन किया। 

शिक्षामित्रों का मानदेय 3 हजार से बढ़कर 18 हजार और अनुदेशकों का 9 हजार से ₹17 हजार हुआ। ऑपरेशन कायाकल्प और प्रोजेक्ट अलंकार के तहत 2300 माध्यमिक विद्यालयों को पैसा मिला, और स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर लैब व डिजिटल लाइब्रेरी बन रही हैं। उन्होंने कहा कि 2017 से पहले दंगों और अराजकता की वजह से प्रदेश के लोगों के सामने पहचान का संकट था। अब यूपी बीमारू नहीं, राजस्व अधिशेष वाला राज्य है।

शिक्षक नेताओं को किया याद

सीएम योगी ने महर्षि वशिष्ठ, संदीपनी और चाणक्य का नाम लेकर शिक्षकों को राष्ट्र निर्माण की नींव बताया। दिवंगत शिक्षक नेताओं ओम प्रकाश शर्मा, पंचानन राय और डॉ. वाईडी सिंह को श्रद्धांजलि देते हुए उन्होंने कहा कि ध्रुव त्रिपाठी उसी परंपरा को आगे बढ़ा रहे हैं।

उन्होंने बताया कि शिक्षकों की आवाज उठाने के कारण पिछली बार भाजपा ने उनके लिए सीट छोड़ी थी और इस बार माध्यमिक शिक्षक संघ की सहमति से उन्हें अधिकृत प्रत्याशी बनाया गया है। मतदान 23 अक्टूबर को है। सीएम योगी ने शिक्षक मतदाताओं को अवकाश देने की बात कही और जनप्रतिनिधियों से हर मतदाता तक पहुँचने को कहा।