Thursday, July 25, 2024
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बिजली माँग रहे थे लोग, बिहार पुलिस की गोली से प्रदर्शनकारी की मौत: 2 की हालत नाजुक, भाजपा ने नीतीश कुमार को बताया ‘जनरल डायर’

सीएम नीतीश कुमार को तानाशाह बताते हुए भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा, "हाल ही में एक भाजपा नेता को भी पीटा गया और उनकी मृत्यु हो गई! यह जनरल नीतीश डायर और उनकी तानाशाही सरकार का असली चेहरा है। यह लोकतंत्र का बचाव है या लोकतंत्र की हत्या? क्या यह I.N.D.I.A के लोकतंत्र का यही विचार है? बंगाल से बिहार तक - गोली, बम, विस्फोट?"

RJD और JDU गठबंधन वाली बिहार की नीतीश कुमार सरकार की खीझ बीत रहे हर एक दिन के साथ बढ़ती जा रही है। परीक्षार्थियों और शिक्षकों पर लाठी चार्ज के बाद अब बिजली कटौती को रोकने की माँग कर रहे लोगों पर आफत बनकर टूट पड़ी। कटिहार में पुलिस की फायरिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई है। इस घटना के बाद भाजपा ने नीतीश कुमार की तुलना जनरल डायर से की है।

दरअसल, भीषण गर्मी में बिजली कटौती से परेशान कटिहार के लोग बिजली विभाग के खिलाफ सड़कों पर उतर आए थे। बिजली कटौती के खिलाफ किए जा रहे प्रदर्शन के दौरान लोगों ने सड़क जाम कर रखा था। इस दौरान एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं।

स्थानीय लोगों का कहना है कि पुलिस ने प्रदर्शन कर रहे लोगों पर फायरिंग की, जिसमें 5 लोगों को गोली लगी है। इसमें से एक व्यक्ति की मौत हो गई है। पुलिस ने एक की मौत की पुष्टि की है। मृतक का नाम बासल गाँव निवासी 34 वर्षीय खुर्शीद आलम (34) है। वहीं, बारसोई के चापाखोड़ पंचायत निवासी नियाज आलम (32) की हालत नाजुक है।

कटिहार जिले के बारसोई अनुमंडल में बुधवार (26 जुलाई 2023) की दोपहर स्थानीय लोग बिजली विभाग के दफ्तर का घेराव करने पहुँचे। इस दौरान लोगों ने प्राणपुर के बस्तौल चौक और बारसोई प्रखंड मुख्यालय का मेन रोड जाम कर दिया और प्रदर्शन किया।

मीडिया रिपोर्ट में कहा जा रहा है कि भीड़ को नियंत्रित करने के लिए प्रदर्शन स्थल पर पुलिस पहुँची। पुलिस को देखते ही लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और वे आक्रोशित होकर पुलिस पर पथराव कर दिए। इसके बाद पुलिस ने उन पर फायरिंग कर दी। कहा जा रहा है कि इसी फायरिंग में खुर्शीद की मौत हुई है।

फायरिंग में मौत क बाद बिहार की राजनीति गर्मा गई है। भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता शहजाद जयहिंद ने इस पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की तुलना अंग्रेजी हुकूमत के दौरान जालियाँवाला बाग नरसंहार को अंजाम देने वाले जनरल डायर से की।

शहजाद ने कहा, “बिहार के जनरल डायर ने कटिहार में बिजली आपूर्ति की मांग कर रहे प्रदर्शनकारियों पर गोलियाँ चलवा दीं। एक की मौत, 2 गंभीर रूप से घायल हैं। बिहार में युवा, किसान, शिक्षक, आम आदमी… जो भी अपना अधिकार माँगता है, उसे लाठियाँ या गोली मिलती है।”

सीएम नीतीश कुमार को तानाशाह बताते हुए भाजपा प्रवक्ता ने आगे कहा, “हाल ही में एक भाजपा नेता को भी पीटा गया और उनकी मृत्यु हो गई! यह जनरल नीतीश डायर और उनकी तानाशाही सरकार का असली चेहरा है। यह लोकतंत्र का बचाव है या लोकतंत्र की हत्या? क्या यह I.N.D.I.A के लोकतंत्र का यही विचार है? बंगाल से बिहार तक – गोली, बम, विस्फोट?”

कटिहार जिले के पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने कहा कि फायरिंग कैसे हुई, इसका आदेश किसने दिया… इसकी जाँच कराई जाएगी। वहीं, इस मामले पर बिहार पुलिस ने अपनी प्रतिक्रिया दी है।

अपने कई ट्वीट में बिहार पुलिस ने कहा, “बिजली विभाग के कार्यालय पर लगभग एक हजार की संख्या में स्थानीय नागरिकों के द्वारा उग्र प्रदर्शन किया गया। उग्र प्रदर्शन के क्रम में भीड़ में सम्मिलित असामाजिक तत्वों के द्वारा बिजलीकर्मियों पर हमला कर दिया गया। सूचना पर विधि व्यवस्था संधारण हेतु बिजली विभाग के कार्यालय पर पहुँची।”

पुलिस ने आगे कहा, पुलिस टीम पर भी उग्र असामाजिक तत्वों के द्वारा लाठी-डण्डा, ईंट तथा पत्थर से जानलेवा हमला किया गया। पुलिस के द्वारा उपद्रवियों को सर्वप्रथम चेतावनी दी गयी। चेतावनी नहीं मानने पर सीमित बल प्रयोग कर उन्हें नियंत्रित करने का प्रयास किया गया, किन्तु भीड़ नियंत्रित नहीं हुई तथा हमला करती रही। अनियंत्रित भीड़ के हमलावर होने तथा नियंत्रित नहीं होने की स्थिति में पुलिस बल के द्वारा बिजली कर्मियों के प्राण रक्षा हेतु एवं आत्मरक्षार्थ नियंत्रित एवं सीमित फायरिंग की गयी। उग्र भीड़ मेें सम्मिलित 1 व्यक्ति की मृत्यु होने तथा 2 अन्य के जख्मी होने की सूचना है।”

पुलिस ने कहा कि उग्र भीड़ के हमले में लगभग एक दर्जन पुलिसकर्मी तथा बिजली विभाग के कर्मियों के जख्मी होने की सूचना है। जख्मी लोगों का इलाज अनुमण्डल अस्पताल, बारसोई में चल रहा है। पुलिस ने लोगों से अफवाहों पर ध्यान नहीं देने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने में मदद देने की अपील की है।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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