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प्रियंका गाँधी के ‘समर्थन’ को आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने बताया दिखावा, कोर्ट में सेविकाओं के खिलाफ कॉन्ग्रेस नेता ही हैं AAP सरकार के वकील

DSAWHU ने सोमवार को एक बयान में कहा, "प्रियंका गाँधी दिल्ली आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संघर्ष का 'समर्थन' कर रही हैं, जबकि कॉन्ग्रेस के अपने राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी दिल्ली सरकार की ओर से आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ वकालत कर रहे हैं।" 

कॉन्ग्रेस महासचिव प्रियंका गाँधी वाड्रा ने दिल्ली में आँगनबाड़ी कार्यकर्तताओं को बर्खास्त किए जाने को लेकर सोमवार (25 जुलाई, 2022) को दिल्ली की केजरीवाल सरकार पर निशाना साधा था। हालाँकि, अब आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने ही प्रियंका गाँधी के समर्थन पर सवाल उठा दिया है।

बता दें कि दिल्ली सरकार ने मानदेय बढ़ाने की माँग करने वाली 800 से अधिक आँगनबाड़ी सेविकाओं को बर्खास्त कर दिया है। प्रियंका गाँधी ने इस कदम को अन्यायपूर्ण करार दिया और कार्यकर्ताओं की तत्काल बहाली की माँग की थी।

इसके बाद आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं ने प्रियंका के समर्थन को झूठा करार दिया, क्योंकि कॉन्ग्रेस पार्टी के ही नेता अभिषेक मनु सिंघवी बर्खास्त किए गए कर्मचारियों के मामले में केजरीवाल सरकार का बचाव कर रहे थे। संघ का आरोप है कि आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के प्रति कॉन्ग्रेस की ‘सहानुभूति’ सिर्फ एक ‘तमाशा’ थी और पार्टी केवल ‘चुनावी लाभ’ के लिए इस मुद्दे को उठा रही थी। गाँधी के समर्थन पर प्रतिक्रिया देते हुए, दिल्ली राज्य आँगनबाड़ी कार्यकर्ता और सहायिका संघ (DSAWHU) ने कहा कि कॉन्ग्रेस नेता का समर्थन ‘झूठी सांत्वना’ के अलावा और कुछ नहीं है।

DSAWHU ने सोमवार को एक बयान में कहा, “प्रियंका गाँधी दिल्ली आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के संघर्ष का ‘समर्थन’ कर रही हैं, जबकि कॉन्ग्रेस के अपने राज्यसभा सांसद और पार्टी प्रवक्ता अभिषेक मनु सिंघवी दिल्ली सरकार की ओर से आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के खिलाफ वकालत कर रहे हैं।” 

DSAWHU का कहना है कि आँगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के लिए कॉन्ग्रेस की ‘सहानुभूति’ ‘तमाशा’ है और पार्टी केवल ‘चुनावी लाभ’ के लिए इस मामले को उठा रही है। संघ ने आगे कॉन्ग्रेस पार्टी पर तंज कसते हुए कहा, “अगर कॉन्ग्रेस सम्मानजनक मानदेय की माँग के प्रति इतनी सहानुभूति रखती है तो वह उन राज्यों में योजना कार्यकर्ताओं के मानदेय को बढ़ाकर 25,000 रुपए क्यों नहीं कर रही है जहाँ उनकी सरकार सत्ता में है?”

गौरतलब है कि मानदेय बढ़ाने और काम के सम्मानजनक घंटों की माँग करते हुए एक महीने से अधिक समय से हड़ताल करने को लेकर दिल्ली की 884 आँगनबाड़ी सेविकाओं को नौकरी से बर्खास्त कर दिया गया था। इन कर्मियों को उनके 39-दिवसीय प्रदर्शन के खिलाफ 14 मार्च को बर्खास्तगी नोटिस जारी किए गए थे।

इसके बाद प्रियंका गाँधी ने ट्वीट किया था, “दिल्ली सरकार ने कुछ दिनों पहले ही विधायकों के मानदेय में बढ़ोतरी की थी। लेकिन एक अन्यायपूर्ण कदम उठाते हुए सरकार ने सम्मानजनक मानदेय की माँग करने वाली 800 से अधिक आँगनबाड़ी सेविकाओं को बर्खास्त कर दिया। मेहनत के बदले अच्छा मानदेय माँगना अपराध नहीं है।” उन्होंने कहा, “इन आँगनबाड़ी सेविकाओं को तुरंत बहाल किया जाना चाहिए।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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