Tuesday, January 25, 2022
Homeराजनीतिकोरोना की हकीकत जानने में न मदद कर रही, न सुरक्षा दे रही बंगाल...

कोरोना की हकीकत जानने में न मदद कर रही, न सुरक्षा दे रही बंगाल सरकार: IMCT

IMCT ने बंगाल के मुख्य सचिव से पूछा है कि राज्य में किसकी मौत कोरोना की वजह से हुई है, यह किस प्रक्रिया के तहत तय किया जा रहा। उसने निरीक्षण के दौरान पाया कि जॉंच के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसको लेकर भी नाखुशी जताई गई है।

पश्चिम बंगाल की ममता बनर्जी सरकार पर कोरोना संक्रमण से जुड़े तथ्य दबाने और लॉकडाउन के कायदों का सही तरीके से पालन नहीं करने के आरोप हैं। वह केंद्र की इंटर मिनिस्ट्रियल सेंट्रल टीम (IMCT) के साथ भी सहयोग नहीं कर रही है।

इस बाबत आईएमसीटी ने शनिवार को पश्चिम बंगाल के मुख्य सचिव को लिखित शिकायत दी है। इसमें सहयोग नहीं मिलने की बात कही गई है। साथ ही कहा गया है कि राज्य सरकार आईएमसीटी को संक्रमण से बचाव के लिए पर्याप्त सुरक्षा भी नहीं दे रही।

आईएमटीसी ने कहा है कि राज्य में स्थापित कोविड-19 अस्पतालों, क्वारंटाइन सेंटर और कंटेनमेंट जोन के संबंध में उसे समुचित जानकारी नहीं दी जा रही है। इसके लिए वह चार बार पत्र लिख चुका है। केंद्र सरकार की ओर आईएमटीसी राज्यों में कोरोना पर काबू पाने के लिए किए गए प्रबंधों की समीक्षा कर रहा है।

आईएमसीटी ने बंगाल के मुख्य सचिव से पूछा है कि राज्य में किसकी मौत कोरोना की वजह से हुई है, यह किस प्रक्रिया के तहत तय किया जा रहा। उसने निरीक्षण के दौरान पाया कि जॉंच के लिए लोगों को लंबा इंतजार करना पड़ रहा है। इसको लेकर भी नाखुशी जताई गई है।

केंद्रीय गृह मंत्रालय की गाइडलाइंस के अनुसार, राज्यों को पीपीई किट का इंतजाम करना है। लेकिन अब ताज IMCT को पीपीई किट नहीं दी गई। आईएमसीटी का कहना है कि वह राज्य में कोरोना की जमीनी हकीकत का पता लगाना चाहती है ताकि केंद्र के पास राज्य के कोरोना मरीजों और संसाधनों को लेकर सटीक जानकारी हो।

इससे पहले बंगाल में लॉकडाउन का सही तरीके से पालन नहीं किए जाने पर केंद्रीय गृह मंत्रालय ने राज्य के मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर सख्त आपत्ति जताई थी। पत्र में कहा गया था कि राज्य में सोशल डिस्टेंसिंग के मानकों का उल्लंघन किया जा रहा है। सुरक्षा एजेंसियों से मिल रहीं रिपोर्ट्स के मुताबिक पश्चिम बंगाल में लॉकडाउन का असर धीरे-धीरे घट रहा है। राज्य सरकार की तरफ से दी जा रही छूट का दायरा बढ़ता ही जा रहा है।

गौरतलब है कि ममता सरकार पर जमीनी हकीकत छिपाने के आरोप लगातार लग रहे हैं। बंगाल बीजेपी ने एक वीडियो ट्वीट कर दावा किया है कि संक्रमण से जान गॅंवाने वाले लोगों का शव रात के अंधेरे में रिहायशी इलाकों में ठिकाने लगाने की कोशिश की जा रही है। उससे पहले केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने एक वीडियो ट्वीट किया था जिसमें क्वारंटाइन वार्ड में अव्यवस्था और बदइंतजामी दिख रही थी।

 

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

5 भाषाओं में गाने वाले धृतिश्मन से लेकर PM Cares के लिए म्यूजिकल चैरिटी करने वाली साक्षी तक: PM मोदी ने बच्चों को किया...

"5 वर्षीय धृतिश्मन ने इंडिया बुक ऑफ रिकॉर्ड्स 2021 हासिल कर सबसे कम उम्र के बहुभाषी गायक के रूप में मिसाल कायम की है।

‘आतंकियों से भी ज्यादा खतरनाक है ये, चंदा खा जाती है’: राना अयूब को सऊदी वाले लगातार दे रहे डोज पर डोज, कहा –...

आतंकवादियों के समर्थन का आरोप लगा कर सऊदी अरब वाले राना अयूब पर निशाना साध रहे हैं, लेकिन इसके लिए भी वो पीएम मोदी को ही दोषी ठहरा रही हैं।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
153,340FollowersFollow
413,000SubscribersSubscribe