Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयहमास के हमलावरों को 'आतंकी' नहीं कहेगी कनाडा की सरकारी मीडिया, पत्रकारों को ईमेल...

हमास के हमलावरों को ‘आतंकी’ नहीं कहेगी कनाडा की सरकारी मीडिया, पत्रकारों को ईमेल भेज कर आदेश: खालिस्तानियों को भी ये कहते हैं ‘एक्टिविस्ट’

वर्ष 2005 में गाजा से इजरायली नागरिकों तथा सुरक्षा बालों बलों को हटाने जाने वाले कदम को भी CBC नहीं बताएगा।

कनाडा का सरकारी टीवी चैनल कैनेडियन ब्रॉडकास्टिंग कारपोरेशन (CBC) हमास के हमलावरों को आतंकी नहीं कहेगा। वह इजरायल द्वारा वर्ष 2005 में गाजा की जमीन पर से कब्ज़ा हटाने के निर्णय को भी जनता नहीं बताएगा। यह दिशानिर्देश CBC के पत्रकारों को लिखित रूप से दिए गए हैं।

सोशल मीडिया पर किए गए एक दावे के अनुसार, CBC के पत्रकारों को एक मेल के माध्यम से दिशानिर्देश दिया गया है कि किसी भी स्थिति में हमास के आतंकियों को वह आतंकी ना कहें। भले ही वह किसी सरकारी बयान का हवाला दे रहे हों तो लोगों को बाद में यह स्पष्ट करें कि वह आतंकी नहीं हैं।

इसमें यहाँ तक लिखा ही कि कनाडा की सरकार भी यदि हमास के आतंकियों को आतंकी कहे तो भी उसे ना माने। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2005 में गाजा से इजरायली नागरिकों तथा सुरक्षा बालों बलों को हटाने जाने वाले कदम को भी CBC नहीं बताएगा। उसका मानना है कि इजरायल ने अब भी फिलीस्तीनी भूमि पर अधिकार कर रखा है।

हमास के आतंकियों ने 7 अक्टूबर, 2023 के दिन इजरायल के दक्षिणी हिस्से में हमला बोल कर लगभग 400 लोगों को मार दिया है। हमास के आतंकियों और इजरायली सुरक्षा बलों के बीच अब भी लड़ाई जारी है। इजरायल ने गाजा पट्टी में हवाई हमले किए हैं। इजरायल ने अपने नागरिकों को सीमावर्ती इलाकों से निकालना चालू कर दिया है और आगे 24 घंटों में यह कार्रवाई पूरी कर ली जाएगी।

ऐसा पहली बार नहीं है जब CBC समेत पश्चिमी मीडिया आतंकियों को आतंकी कहने से झिझक रहा हो। इससे पहले भारत और कनाडा के बीच विवाद की जड़ बने खालिस्तानी आतंकी हरदीप सिंह निज्जर को भी कनाडाई मीडिया में एक्टिविस्ट और सिख नेता बताया था।

हरदीप सिंह निज्जर एक खालिस्तानी आतंकी था जिसकी 18 जून 2023 को कनाडा के सरे में हत्या हो गई थी। कनाडा के प्रधानमंत्री जस्टिन ट्रूडो ने इस हत्या के आरोप भारत पर लगाए थे। भारत ने इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कनाडा के नागरिकों को वीजा बंद कर दिए थे और उसे आतंकियों का शरणदाता बताया था। CBC सहित पश्चिमी मीडिया में निज्जर को कहीं पर प्लम्बर, कार्यकर्ता, सिख नेता, अलगाववादी नेता और अन्य नाम दिए गए थे। स्पष्ट रूप से उसको आतंकवादी नहीं कहा गया। यह तब है जब निज्जर के विरुद्ध दो बार इंटरपोल का नोटिस जारी हो चुका था और वह भारत में आतंकी गतिविधियों के संचालन के लिए वांछित था।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अब कोई भी खुद को रिपोर्टर बताता है’: जिन पत्रकारों को मुस्लिम भीड़ ने पीटा, उन्हें ही दिल्ली HC देने लगा नसीहत; आबिद अली...

दिल्ली हाई कोर्ट ने 16 जुलाई 2026 को पिछले साल सीमापुरी में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की कवरेज के दौरान पत्रकारों पर हुए हमले के मामले में आरोपित आबिद अली और फुरकान को जमानत दे दी।

भारत की पहली नाइट सफारी बनेगा UP का कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट, सुप्रीम कोर्ट से मिली हरी झंडी: जानिए क्या होंगी इसकी विशेषताएँ

कुकरैल रिजर्व फॉरेस्ट प्रोजेक्ट की सबसे खास बात यह है कि यहाँ मगरमच्छ और घड़ियाल रहते हैं। इसके अंदर बहुत सुंदर हिरण पार्क भी बनाया गया है।
- विज्ञापन -