Thursday, October 1, 2020
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PM नरेंद्र मोदी ने Pak के ‘नेशनल डे’ पर नहीं दी बधाई: झूठ बोल रहे इमरान खान

पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने औपचारिकता निभाने के लिए बिना हस्ताक्षर का एक पत्र पाकिस्तान सरकार को भेजा था जिसे इमरान खान ने नरेंद्र मोदी की तरफ से बधाई के तौर पर प्रचारित किया।

जेहादियों को गोद में बिठाकर पाकिस्तान अपना ‘नेशनल डे’ मना रहा है जिसका भारत ने सभी मंचों से बॉयकॉट करने का निर्णय लिया है। फिर भी पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान ने ट्वीट कर यह कहा कि नरेंद्र मोदी ने नेशनल डे की बधाई दी है। इसकी सच्चाई को जानने के लिए थोड़ी ऐतिहासिक जानकारी आवश्यक है।

पाकिस्तान प्रतिवर्ष 23 मार्च को उसी प्रकार नेशनल डे मनाता है जैसे भारत में 26 जनवरी को गणतंत्र दिवस मनाया जाता है। भारत में गणतंत्र दिवस इसलिए मनाया जाता है क्योंकि 26 जनवरी 1929 को पूर्ण स्वराज की घोषणा हुई थी और 1950 में उसी दिन संविधान भी लागू हुआ था।

पाकिस्तान भी अपना नेशनल डे उसी तर्ज पर मनाता है। 23 मार्च 1940 को ऑल इंडिया मुस्लिम लीग द्वारा लाहौर प्रस्ताव पास किया गया था जिसमें भारत के उत्तर पश्चिमी और पूर्वी भाग के मुस्लिम बहुल क्षेत्रों के लिए अलग स्वायत्त राज्य की मांग की गई थी। सन 1956 में 23 मार्च के दिन ही पाकिस्तान का संविधान भी लागू हुआ था। लेकिन इतने कानूनी तामझाम करने के बाद भी विश्व का पहला इस्लामिक रिपब्लिक सभ्य और प्रगतिशील नहीं हो पाया। भारत के विरुद्ध आतंकवाद की नीति जारी रखने के कारण आज पाकिस्तान से लगभग सभी देश किनारा कर रहे हैं।

भारत ने पुलवामा हमले का बदला एयर स्ट्राइक से लेने के बाद अब पाकिस्तान के नेशनल डे का भी बहिष्कार कर दिया है क्योंकि पाकिस्तान ने नेशनल डे पर हुर्रियत के नेताओं को भी निमंत्रण दिया था। भारत ने नई दिल्ली स्थित पाकिस्तानी हाई कमीशन में नेशनल डे पर आमंत्रित सभी लोगों से आग्रह किया है कि वे पुलवामा हमले के आलोक में पाकिस्तानी नेशनल डे का बहिष्कार करें।

पाकिस्तानी उच्चायोग के बाहर सरकारी अधिकारी सभी को इस बात की सूचना दे रहे हैं कि भारत पाकिस्तान के नेशनल डे का बहिष्कार करता है और जो भी इस आयोजन में आमंत्रित हैं वे अपने विवेकानुसार निर्णय करें कि उन्हें पुलवामा हमले के दोषी देश के समारोह में जाना चाहिए या नहीं।

इमरान खान का ट्वीट पढ़कर मीडिया ने खबर उड़ाई है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री इमरान खान को नेशनल डे की बधाई व्यक्तिगत रूप से दी है। लेकिन इसमें कोई सच्चाई नज़र नहीं आती क्योंकि नरेंद्र मोदी ने अपने आधिकारिक ट्वीट से ऐसा कोई ट्वीट अभी तक नहीं किया है।

हालाँकि पाकिस्तान स्थित भारतीय उच्चायोग ने औपचारिकता निभाने के लिए बिना हस्ताक्षर का एक पत्र पाकिस्तान सरकार को भेजा था जिसे इमरान खान ने नरेंद्र मोदी की तरफ से बधाई के तौर पर प्रचारित किया। ध्यान रहे कि विदेशों में स्थित भारतीय दूतावास और उच्चायोग के अधिकारियों को इस प्रकार की औपचारिकताएँ निभानी पड़ती हैं लेकिन इमरान खान ने इसे भारतीय प्रधानमंत्री की ओर से प्राप्त हुई बधाई के रूप में प्रचारित करते हुए ट्वीट किया। उस पत्र में दक्षिण एशिया में आतंकवाद को समाप्त करने की बात भी लिखी थी जिसे छिपाकर इमरान खान ने अपने हिसाब से व्याख्या की और बधाई स्वीकार करने का नाटक किया।

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ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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