नक्सलियों ने जवानों को मारने का बनाया था प्लान, ‘आसमानी बिजली’ ने किया फेल

माओवादियों ने जवानों की जान से मारने के मक़सद से कई बार उन जगहों पर IED बिछाई जहाँ से वो गुजरते हैं। कई बार इन बमों का शिकार स्थानीय चरवाहे और उनके मवेशी हो जाते हैं। ऐसी हरक़तों से माओवादियों ने सड़क निर्माण कार्य में बाधाएँ उत्पन्न की।

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर से बम ब्लास्ट की ख़बर सामने आई है। दरअसल, सामरी क्षेत्र के माओवादी प्रभावित क्षेत्र पुंदाग में माओवादियों द्वारा चुनाव के दौरान जवानों को निशाना बनाते हुए IED की सीरीज़ बिछाई गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही सामरी थाना क्षेत्र से SI विनोद पासवान अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुँचने के लिए रवाना हुए, लेकिन बारिश के चलते वहाँ नहीं पहुुँच सके, लेकिन CRPF जवानों की टीम बाइक से वहाँ पहुँचने में क़ामयाब रही। इस ब्लास्ट से क्षेत्र तो ज़रूर दहल गया, लेकिन माओवादियों की मंशा पर पानी भी फिर गया।

ख़बर के अनुसार, शुक्रवार (21 जून) की शाम को बारिश के साथ आकाशीय बिजली के सम्पर्क में आने से सड़क पर बिछाए गए सभी 56 IED बम ब्लास्ट हो गए। इतनी भारी मात्रा में IED बिछाने का मक़सद किसी बड़ी घटना को अंजाम देना था। इस घटना के बाद सामरी पुलिस के साथ सामरी, सबाग व बंदुरचुआ में तैनात CRPF के जवान एलर्ट हो गए हैं। फ़िलहाल सुरक्षा की दृष्टि से एक एन्टी लैंड माइंस वाहन भी ज़िले से भेजा गया है।

हालाँकि, इस बम ब्लास्ट में किसी के हताहत होने की कोई ख़बर नहीं है। जानकारी के अनुसार, बलरामपुर-रामानुजगंज ज़िले के चुनचुना-पुंदाग क्षेत्र को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए शासन-प्रशासन द्वारा कई काम कराए जा रहे हैं। इनमें से एक सबाग से पुंदाग तक सड़क निर्माण कार्य भी है और इस कार्य में माओवादी बाधा बन रहे हैं। उन्होंने इस सड़क निर्माण कार्य में लगी मशीनों और वाहनों को आग लगा दी थी। इतना ही नहीं माओवादियों ने निर्माण कार्य में लगे इंजीनियर और मुंशी का अपहरण तक कर लिया था। 

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माओवादियों ने जवानों की जान से मारने के मक़सद से कई बार उन जगहों पर IED बिछाई जहाँ से वो गुजरते हैं। कई बार इन बमों का शिकार स्थानीय चरवाहे और उनके मवेशी हो जाते हैं। ऐसी हरक़तों से माओवादियों ने सड़क निर्माण कार्य में बाधाएँ उत्पन्न की।

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