विषय: अंतरिक्ष

‘व्योममित्र’

गगनयान से पहले अंतरिक्ष में जाएगा बिना पैरों वाला ‘व्योममित्र’, परीक्षण कर इसरो को भेजेगा रिपोर्ट

पैर नहीं होने के कारण व्‍योमम‍ित्र को हाफ ह्यूमनॉइड कहा जा रहा है। वह केवल आगे और बगल में झुक सकता है। वह अंतरिक्ष में कुछ परीक्षण करेगा और इसरो के कमांड सेंटर से संपर्क में रहेगा।
इसरो, के सिवन

ISRO 2020: चंद्रयान-3 को ग्रीन सिग्नल, आपके मोबाइल में जल्द होगा स्वदेशी ‘GPS’

नए साल पर इसरो चीफ के. सिवन ने लक्ष्य और योजनाओं का खाका पेश किया। साथ ही बताया कि चंद्रयान-2 का ऑर्बिटर बहुत अच्छा काम कर रहा है। यह अभी अगले 7 साल तक काम करता रहेगा।
RISAT2-BR1 के लॉन्च की तस्वीरें

इसरो का 50वाँ लॉन्च: ख़ुफ़िया सैटेलाइट कक्षा में, सेना को एयर स्ट्राइक में नहीं होगी अब समस्या

RISAT2-BR1 के पहले तक भारत को बादल घिर आने की स्थिति में ज़मीनी तस्वीरों के लिए कनाडाई उपग्रहों से मिली तस्वीरों पर निर्भर रहना पड़ता था। यह समस्या भारत की इस साल फरवरी में हुई बालाकोट एयर स्ट्राइक के दौरान भी खड़ी हुई थी।
रावण-1: श्री लंका का सैटेलाइट

रावण-1: श्री लंका ने अंतरिक्ष में दिखाई धाक, कक्षा में स्थापित किया अपना पहला उपग्रह

श्री लंका के इस पहले उपग्रह (कक्षा में स्थापित) का वजन 1.5 किलोग्राम है। यह श्री लंका और उसके आसपास के क्षेत्रों के चित्र लेकर उस इलाके की भौगोलिक परिस्थितियों को समझने में और बेहतरी प्रदान करेगा।
भारत अंतरिक्ष में भी स्वनिर्भर होने के लिए कर रहा है तैयार

अंतरिक्ष में भारत का नया लक्ष्य: 2030 तक होगा अपना स्पेस स्टेशन

फ़िलहाल इसरो का ध्यान चंद्रयान-2 पर है, जिसे 15 जुलाई को उड़ान भरनी है। यह चन्द्रमा के दक्षिणी ध्रुव पर उतरने का प्रयास करेगा, जो कि अब तक मानव द्वारा अनछुआ है।
बाह्य अंतरिक्ष संधि

मिशन शक्ति: भारत रहा अंतरराष्ट्रीय क़ानून के दायरे में, UN Space Treaty की प्रमुख बातें

आपने अक्सर सुना होगा कि फलाँ कम्पनी चाँद पर ज़मीन बेच रही है या फलाँ उद्योगपति ने वहाँ ज़मीं ख़रीदी। यह सब आउटर स्पेस ट्रीटी की अस्पष्टता के कारण होता है। हालाँकि, ये संधि बाह्य अंतरिक्ष में अस्त्र-शस्त्र की तैनाती को रोकती है।
ASAT

ASAT तकनीक 2012 से ही थी भारत में, कॉन्ग्रेस के लचर नेतृत्व के कारण फाँक रही थी धूल

2012 में DRDO के प्रमुख वीके सारस्वत थे। एक दिन उन्होंने देश को चौंका दिया, यह घोषणा करके कि भारत के पास Low Earth Orbit और Polar Orbit में परिक्रमा करने वाले सैटेलाइट को निष्क्रिय करने लायक ऐंटी सैटलाइट वेपन की सारी तकनीक और उसे बनाने के लिए सारे कल-पूर्जे मौजूद हैं।
'गगनयान'

भारत के ‘गगनयान’ मिशन में सहयोग प्रदान करेगा अमरीका: बोले नासा के पूर्व अध्यक्ष

ISRO के अध्यक्ष (चेयरमैन) डॉ. के सिवन NASA के एडमिनिस्ट्रेटर जिम ब्राइडनस्टान के साथ बात कर रहे हैं।
इसरो ने सफलता पूर्वक जीसैट-31 लाँच किया

ISRO ने GSAT-31 लॉन्च कर रचा इतिहास, पिछले साल किए जा चुके हैं कई सफल परीक्षण

भारतीय अंतरिक्ष अनुसंधान संगठन इसरो ने बुधवार को सफलता पूर्वक जीसैट-31 उपग्रह को लाँच किया। इसरो ने यूरोपीय कंपनी एरियनस्पेस की प्रक्षेपण यान की मदद से इस उपग्रह को लाँच किया। बंगाल की खाड़ी और हिंद महासागर के तटीय क्षेत्र में संचार की सुविधा को बेहतर बनाने के लिए इस उपग्रह को लाँच किया गया है। जीसैट-31 क्या है? जीसैट-31 उपग्रह का वजन 2535 किग्रा है। यह देश की 40वाँ संचार उपग्रह है। यह उपग्रह अपने प्रक्षेपण के बाद 15 सालों तक तटीय क्षेत्र के में संचार की...

गगनयान से अंतरिक्ष में भेजे जायेंगे 3 भारतीय; मोदी कैबिनेट ने मंजूर किया दस हजार करोड़ का बजट

नरेन्द्र मोदी ने इस साल स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर ऐलान किया था कि 2022 तक तीन भारतीय अंतरिक्ष में भेजे जायेंगे। सरकार ने अब इसके लिए दस हजार करोड़ का बजट मंजूर कर दिया है।

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