Sunday, April 5, 2020

विषय

अयोध्या विवाद

पीस पार्टी, जमीयत, मिस्बाहुद्दीन समेत अयोध्या मामले में कई याचिकाएँ दायर कर रहा मुस्लिम पक्ष

मुस्लिम पक्षकारों में सुन्नी वक़्फ़ बोर्ड ने आगे क़ानूनी लड़ाई लड़ने से कदम पीछे खींच लिए हैं। इक़बाल अंसारी ने भी कोई क़ानूनी कदम उठाने से इंकार कर दिया है।

अयोध्या में मस्जिद के लिए 5 एकड़ क्यों: SC में याचिका दाखिल करेगी हिन्दू महासभा

अखिल भारत हिन्दू महासभा ने बाबरी मस्जिद ध्वंस के एवज में मुआवजे के रूप में मुस्लिम पक्ष को मिल रही 5 एकड़ ज़मीन के खिलाफ याचिका दायर करने जा रही है। इस आदेश पर आपत्ति जताते हुए महासभा अदालत से इस आदेश पर पुनर्विचार करने के लिए कहेगी।

‘जबरन रखी गई मूर्ति देवता कैसे’: अयोध्या निर्णय को चुनौती देगा मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड

जीलानी का दावा है कि उनकी याचिका तत्कालीन मस्जिद के मुख्य गुंबद में रखी गई मूर्ति को देवता का दर्जा देने के विरोध पर आधारित होगी।

हमें पाँच एकड़ अलॉट कीजिए, हम बनाएँगे अस्पताल: शिया वक्फ बोर्ड

"शिया वक्फ बोर्ड ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले से बिलकुल इत्तेफाक नहीं रखता, न ही वह एआईएमपीएलबी का हिस्सा है। रिज़वी ने यह भी कहा कि देश के मुसलमानों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।"

अयोध्या में राम मंदिर: पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा सुन्नी वक्फ बोर्ड, 6-1 से लिया फैसला

मस्जिद के लिए जमीन कबूल करने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बोर्ड के एक सदस्य ने कहा है कि इस संबंध में अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं, कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी बनाने के लिए जमीन ली जाएगी।

राम मंदिर फैसले पर पुनर्विचार याचिका का उमर खालिद कनेक्शन, आतंकी संगठन SIMI से भी है रिश्ता

जिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मुस्लिम पक्ष ने राम मंदिर फैसले पर पुनर्विचार याचिका दायर करने की बात कही, वहाँ सय्यद कासिम रसूल इल्यास मीडिया को संबोधित कर रहे थे। सय्यद कासिम कोई और नहीं, उमर खालिद के अब्बू हैं। यह कभी SIMI के मेंबर भी थे, जिसे बाद में आतंकी संगठन...

वामपंथियों का दोगलापन, लिब्रहान रिपोर्ट की इन बातों पर साध लेते हैं चुप्पी

लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट में माना गया है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में ही हुआ था। इस रिपोर्ट में हिन्दू धर्म ग्रन्थ रामायण के आधार पर कमीशन ने राम और अयोध्या दोनों के अस्तित्व को स्वीकार किया है। ऐसे में इन वामपंथी इतिहासकारों से पूछा जाना चाहिए कि...

अयोध्या पर फैसला सुनाने वाले 5 जज उस समय पैदा भी नहीं हुए थे, जब दायर हुआ था पहली बार मुकदमा

साल 1950 में 16 जनवरी को फैजाबाद जिले के स्थानीय कोर्ट में पहली बार इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले सीजेआई रंजन गोगोई इन पाँचों न्यायधीशों में उम्र के लिहाज से सबसे बड़े हैं, जिनकी जन्मतिथि 18 नवंबर 1954 है।

‘5 एकड़ जमीन मिली तो बनवाएँगे स्कूल या अस्पताल’ – 14 कोस में जगह माँगने वाले इकबाल अंसारी

"अगर सरकार हमें जमीन देती है तो हम वहाँ पर स्कूल या फिर अस्पताल बनवाएँगे। कोर्ट के फैसले के बाद हिंदू-मुस्लिम के बीच पैदा हुई नफरत खत्म हो गई हैं। इसलिए अब वे नहीं चाहते कि हिंदुस्तान में माहौल में बिगड़े। मोदी और योगी सरकार में अमन शांति है..."

अयोध्या अधिनियम 1993 की वो धारा, जिसके तहत बनेगा राम मंदिर के लिए ट्रस्ट

इस मामले में अयोध्या अधिनियम की वैधता को डॉक्टर एम इस्माइल फारुकी और अन्य बनाम भारत संघ व अन्य 1994 SCC (6) 360 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया था। अगर उस समय ऐसा नहीं होता तो अधिनियम की धारा 4(3) को रद्द कर दिया जाता और जो सुनवाई अयोध्या पर हुई, वो कभी संभव ही नहीं होती।

ताज़ा ख़बरें

हॉस्पिटल से भड़काऊ विडियो बना भेज रहे थे मुल्तानी परिवार के 4 कोरोना+, इंदौर में अब तक 128 मामले

एक अप्रैल को शहर के जिस इलाके में डॉक्टरों पर पथराव किया गया था वहॉं से 10 संक्रमित मिले हैं। मरने वालों में 42 वर्षीय व्यक्ति से लेकर 80 साल की बुजुर्ग महिला तक शामिल हैं। इस बीच एक संक्रमित लड़की के लिफ्ट लेकर अस्पताल से घर पहुॅंच जाने का मामला भी सामने आया है।

मुसलमान होने के कारण गर्भवती को अस्पताल से निकाला? कॉन्ग्रेसी मंत्री के झूठ को खुद महिला ने दिखाया आइना

गर्भवती के साथ मौजूद औरत ने साफ़-साफ़ कहा कि डॉक्टर ने उन्हें तुरंत वहाँ से चले जाने को कहा क्योंकि मरीज की स्थिति गंभीर थी और देरी होने पर मरीज व पेट में पल रहे बच्चे को नुकसान हो सकता था।

लेटरहेड पर राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल: पूर्व त्रिपुरा कॉन्ग्रेस अध्यक्ष पर FIR

रॉय के लेटरहेड में देखा जा सकता है कि फिलहाल वो किसी आधिकारिक पद पर नहीं हैं। बावजूद वह अपने लेटरहेड पर राष्ट्रीय प्रतीक का इस्तेमाल कर रहे हैं। कानूनन किसी व्यक्ति और निजी संगठन के लिए इसका उपयोग प्रतिबंधित है।

कश्मीर में पिता को दिल का दौरा, मुंबई से साइकिल पर निकल पड़े आरिफ: CRPF और गुजरात पुलिस बनी फरिश्ता

आरिफ ने बताया कि वो रात भर साइकिल चला कर गुजरात-राजस्थान सीमा तक पहुँचे थे। अगली सुबह गुजरात पुलिस के कुछ जवान उन्हें मिले। उन्होंने उनके लिए न सिर्फ़ जम्मू-कश्मीर जाने का प्रबंध किया, बल्कि भोजन की भी व्यवस्था की।

तबलीगियों पर युवक ने की टिप्पणी, मो. सोना ने गोली मार हत्या की: CM योगी ने दिया रासुका लगाने का निर्देश

1. लोटन निषाद चाय की दुकान पर जाते हैं। 2. तबलीगी जमातियों और कोरोना संक्रमण को लेकर टिप्पणी करते हैं। 3. पास में ही मोहम्मद सोना बैठा होता है। 4. दोनों के बीच विवाद होता है, मारपीट शुरू होती है। 5. मो. सोना तमंचे से फायर कर लोटन निषाद की जान ले लेता है।

प्रचलित ख़बरें

फलों पर थूकने वाले शेरू मियाँ पर FIR पर बेटी ने कहा- अब्बू नोट गिनने की आदत के कारण ऐसा करते हैं

फल बेचने वाले शेरू मियाँ का एक वीडियो सोशल मीडिया में वायरल हो रहा था, जिसमें वो फलों पर थूक लगाते हुए देखे जा रहे थे। इसके बाद पुलिस ने उन पर कार्रवाई कर गिरफ्तार कर लिया, जबकि उनकी बेटी फिजा का कुछ और ही कहना है।

वैष्णो देवी गए 145 को हुआ कोरोना: पत्रकार अली ने फैलाया झूठ, कमलेश तिवारी की हत्या का मनाया था जश्न

कई लोग मीडिया पर आरोप लगा रहे थे कि जब किसी हिन्दू धार्मिक स्थल में श्रद्धालु होते हैं तो उन्हें 'फँसा हुआ' बताया जाता है जबकि मस्जिद के मामले में 'छिपा हुआ' कहा जाता है। इसके बाद फेक न्यूज़ का दौर शुरू हुआ, जिसे अली सोहराब जैसों ने हज़ारों तक फैलाया।

नर्सों के सामने नंगे हुए जमाती: वायर की आरफा खानम का दिल है कि मानता नहीं

आरफा की मानें तो नर्सें झूठ बोल रही हैं और प्रोपेगेंडा में शामिल हैं। तबलीगी जमात वाले नीच हरकत कर ही नहीं सकते, क्योंकि वे नि:स्वार्थ भाव से मजहब की सेवा कर रहे हैं। इसके लिए दुनियादारी, यहॉं तक कि अपने परिवार से भी दूर रहते हैं।

मधुबनी, कैमूर, सिवान में सामूहिक नमाज: मस्जिद के बाहर लाठी लेकर औरतें दे रही थी पहरा

अंधाराठाढ़ी प्रखंड के हरना गॉंव में सामूहिक रूप से नमाज अदा की गई। यहॉं से तबलीगी जमात के 11 सदस्य क्वारंटाइन में भेजे गए हैं। बताया जाता है कि वे भी नमाज में शामिल थे। पुरुष जब भीतर नमाज अदा कर रहे थे दर्जनों औरतें लाठी और मिर्च पाउडर लेकर बाहर खड़ी थीं।

हिन्दू %ट कबाड़ रहे हैं, तुम्हारी पीठ पर… छाप दूँगा: जमातियों की ख़बर से बौखलाए ज़ीशान की धमकी

"अपनी पीठ मजबूत करके रखो। चिंता मत करो, तुम्हारी सारी राजनीति मैं निकाल दूँगा। और जितनी %ट तुम्हारी होगी, उतना उखाड़ लेना मेरा। जब बात से समझ न आए तो लात का यूज कर लेना चाहिए। क्योंकि तुम ऐसे नहीं मानोगे।"

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