Tuesday, July 27, 2021
Homeदेश-समाजअयोध्या में राम मंदिर: पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा सुन्नी वक्फ बोर्ड, 6-1 से...

अयोध्या में राम मंदिर: पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा सुन्नी वक्फ बोर्ड, 6-1 से लिया फैसला

सुन्नी वक्फ बोर्ड और इकबाल अंसारी इस मामले के दो मुख्य मुस्लिम पक्ष थे। अंसारी भी पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से इनकार कर चुके हैं। लेकिन, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का फैसला किया है।

अयोध्या भूमि विवाद में नौ नवंबर को आए सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले के खिलाफ सुन्नी वक्फ बोर्ड पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा। लखनऊ में मंगलवार (नवंबर 26, 2019) को हुई बोर्ड की बैठक में यह फैसला किया गया। 6 सदस्य फैसले के समर्थन में थे, जबकि एकमात्र सदस्य अब्दुल रज्जाक ने इसका विरोध किया। एक अन्य सदस्य बैठक में मौजूद नहीं थे।

सुप्रीम कोर्ट ने राम जन्मभूमि रामलला को सौंपते हुए मस्जिद बनाने के लिए अयोध्या में मुस्लिम पक्ष को कहीं और पॉंच एकड़ जमीन उपलब्ध कराने का निर्देश दिय केंद्र सरकार को दिया था। सुन्नी वक्फ बोर्ड की बैठक में मस्जिद के लिए जमीन कबूल करने के संबंध में कोई फैसला नहीं हो पाया है। इसकी पुष्टि खुद अब्दुल रज्जाक खान ने की। उन्होंने कहा कि इस संबंध में बोर्ड की अगली बैठक में विचार किया जाएगा। हालाँकि कुछ मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि बोर्ड जमीन लेगा लेकिन वहाँ मस्जिद की बजाय इस्लामिक यूनिवर्सिटी बनेगी।

गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट का फैसला आने के बाद सुन्नी वक्फ बोर्ड कई मौकों पर पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करने की बात कह चुका है। हालॉंकि आखिरी फैसला आज की बैठक में होने की बात कही गई थी। पिछली बैठक में बोर्ड के दो सदस्यों ने पु​नर्विचार याचिका दाखिल करने का समर्थन किया था। बोर्ड की बैठक से पहले जानी-मानी 100 मुस्लिम हस्तियों ने रिव्यू पीटिशन नहीं दाखिल करने अपील की थी। इनलोगों का कहना था कि पुनर्विचार दायर करना विवाद को जिंदा रखेगा और मुस्लिम समुदाय को नुकसान पहुँचाएगा।

सुन्नी वक्फ बोर्ड और इकबाल अंसारी इस मामले के दो मुख्य मुस्लिम पक्ष थे। अंसारी भी पुनर्विचार याचिका दाखिल करने से इनकार कर चुके हैं। लेकिन, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड और जमीयत-उलेमा-ए-हिंद ने पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का फैसला किया है।

अयोध्या में राम मंदिर: 75 साल बाद वक्फ बोर्ड के दस्तावेजों से हटेगा बाबरी मस्जिद का नाम

‘शरीयत के ख़िलाफ़ है सुप्रीम कोर्ट का फ़ैसला, मुस्लिम समर्थन भी करें तो फर्क़ नहीं पड़ता’

अयोध्या अधिनियम 1993 की वो धारा, जिसके तहत बनेगा राम मंदिर के लिए ट्रस्ट

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

समर्थन ले लो… सस्ता, टिकाऊ समर्थन: हर व्यक्ति, संस्था, आंदोलन और गुट के लिए है राहुल गाँधी के पास झऊआ भर समर्थन!

औसत नेता समर्थन लेकर प्रधानमंत्री बनता है, बड़ा नेता बिना समर्थन के बनता है पर राहुल गाँधी समर्थन देकर बनना चाहते हैं।

हड़प्पा काल का धोलावीरा शहर विश्व धरोहर में हुआ शामिल, बतौर CM नरेंद्र मोदी ने तैयार करवाया था इन्फ्रास्ट्रक्चर

भारत के विश्व धरोहर स्थलों की संख्या अब बढ़कर 40 हो गई है। इनमें से 10 स्थलों को तो सूची में साल 2014 के बाद ही जोड़ा गया है।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -

 

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
111,488FollowersFollow
393,000SubscribersSubscribe