हमें पाँच एकड़ अलॉट कीजिए, हम बनाएँगे अस्पताल: शिया वक्फ बोर्ड

"शिया वक्फ बोर्ड का मानना है कि लम्बे समय से चले आ रहे इस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है वह देशहित में है, इसीलिए इस मामले में अब पुनर्विचार याचिका डालकर हम इसे और बढ़ाना नहीं चाहते।"

अयोध्या में सुप्रीम कोर्ट द्वारा मस्जिद के लिए निर्धारित पाँच एकड़ ज़मीन न लेने के सुन्नी वक्फ बोर्ड के बयान पर शिया वक्फ बोर्ड ने कहा है कि ज़मीन कोर्ट उन्हें (शिया वक्फ बोर्ड को) अलॉट कर दें। इस जगह पर वह अस्पताल बनवा देंगे। एक रिपोर्ट के मुताबिक इस मामले में बोलते हुए शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी ने कहा कि पाँच एकड़ की इस ज़मीन पर शिया वक्फ बोर्ड एक अस्पताल बनवाएगा जिसमें कि सभी धर्म के लोगों का इलाज मुफ्त में किया जाएगा। रिज़वी ने आगे कहा कि आज हुई बोर्ड की मीटिंग में यह तय किया गया है कि शिया वक्फ बोर्ड अयोध्या मामले में पुनर्विचार याचिका दायर नहीं करेगा।

अपने एक बयान में उन्होंने कहा कि, “शिया वक्फ बोर्ड का मानना है कि लम्बे समय से चले आ रहे इस विवाद पर सुप्रीम कोर्ट का जो फैसला आया है वह देशहित में है, इसीलिए इस मामले में अब पुनर्विचार याचिका डालकर हम इसे और बढ़ाना नहीं चाहते।” उन्होंने आगे कहा कि शिया वक्फ बोर्ड ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले से बिलकुल इत्तेफाक नहीं रखता, न ही वह एआईएमपीएलबी का हिस्सा है। रिज़वी ने यह भी कहा कि देश के मुसलमानों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।

वहीं दूसरी ओर मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने जन्मभूमि केस में पुनर्विचार याचिका दाखिल करने का फैसला किया है। बता दें कि 9 नवम्बर को सुप्रीम कोर्ट ने लम्बे समय से चले आ रहे अयोध्या विवाद पर अपना फैसला सुना दिया था। कोर्ट ने अपने इस फैसले में विवादित भूमि पर राम मंदिर निर्माण के लिए हिन्दुओं के पक्ष को सही ठहराया था वहीं मुसलामान पक्ष को धर्मनगरी अयोध्या में मस्जिद बनाने के लिए अलग से पाँच एकड़ ज़मीन देने की बात अपने फैसले में कही थी।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

रामचंद्र गुहा और रवीश कुमार
"अगर कॉन्ग्रेस में शीर्ष नेताओं को कोई अन्य राजनेता उनकी कुर्सी के लिए खतरा लगता है, तो वे उसे दबा देते हैं। कॉन्ग्रेस में बहुत से अच्छे नेता हैं, जिन्हें मैं बहुत अच्छे से जानता हूँ। लेकिन अगर मैंने उनका नाम सार्वजनिक तौर पर लिया तो पार्टी में उन्हें दबा दिया जाएगा।"

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

143,129फैंसलाइक करें
35,293फॉलोवर्सफॉलो करें
161,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: