झारखंड के संथाल परगना में जनजातीय समाज ने बांग्लादेशी घुसपैठियों के खिलाफ अभियान छेड़ा है। अब गाँव-गाँव डुगडुगी बजाकर लोग जमीन और बेटियाँ न सौंपने का संकल्प ले रहे हैं।
मध्य प्रदेश के नेता प्रतिपक्ष और कॉन्ग्रेस नेता उमंग सिंघार ने विवादित बयान दिया है। सिंघार ने कहा कि जनजातीय समाज हिंदू नहीं है। अब इस बयान पर राजनीतिक हलचल तेज हो गई।
झारखंड की राजधानी राँची से करीब 60 किलोमीटर दूर तामड़ गाँव में देउड़ी मंदिर है। यहाँ जनजातीय समाज के रीति-रिवाज़ और ब्राह्मण परंपराएँ साथ-साथ निभाई जाती हैं।
कार्यकर्ता ने पूछा, "हम वनवासी हैं, तो हमारे इलाके में ईसाई जनसभा और बड़े कार्यक्रमों की क्या ज़रूरत है? अलग-अलग राज्यों से ईसाई पादरी, प्रचारक और बड़े लोग सिर्फ़ यहीं सभा करने क्यों आते हैं?"