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असम में 5 जनजाति उग्रवादी संगठनों के 1182 कैडरों ने किया आत्मसमर्पण, CM हिमंता बिस्व सरमा के सामने डाले हथियार

इससे पहले, 1 जून 2023 को आदिवासी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (APLA) के लगभग 39 कैडरों ने असम सरकार के समक्ष अपने हथियार डाल दिए थे। स्पीयर कोर के सुरक्षा बलों ने गुमराह युवाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया था। इसके लिए असम राइफल्स (उत्तर) IG और स्पीयर कोर ने असम पुलिस के साथ मिलकर इन लोगों को मुख्यधारा में लाया था।

असम पाँच उग्रवादी समूहों से जुड़े जनजाति समाज के लगभग 1182 कैडरों ने गुरुवार (6 जुलाई 2023) को राजधानी गुवाहाटी में एक समारोह के दौरान मुख्यमंत्री हिमंता बिस्व सरमा के सामने हथियार डाल दिए। इस दौरान असम के मंत्रीगण और पुलिस अधिकारी भी मौजूद थे।

जिन उग्रवादी गुटों के कैडरों ने आत्मसमर्पण किया, उनके नाम हैं- ऑल आदिवासी नेशनल लिबरेशन आर्मी (AANLA), बिरसा कमांडो फोर्स (BCF), संथाल टाइगर फोर्स (STF), आदिवासी कोबरा मिलिटेंट असम (ACMA) और आदिवासी पीपुल्स आर्मी (APA) के थे।

उग्रवादी संगठनों के कैडरों द्वारा आत्मसमर्पण पर मुख्यमंत्री सरमा ने कहा, “असम ने शांति की दिशा में एक और छलांग लगाई! विभिन्न आदिवासी विद्रोही संगठनों के 1,182 सदस्यों का हार्दिक स्वागत, जिन्होंने हिंसा का रास्ता छोड़ दिया और उत्तर पूर्व में शांति और प्रगति के माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के मिशन मे शामिल हो गए।”

राज्य में शांति और सद्भाव बहाल करने के उद्देश्य से आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद के पदाधिकारी इस समारोह का नेतृत्व किया। इस दौरान कैडरों को समाज कल्याण की भी शपथ दिलाई गई। यह समारोह गुवाहाटी के श्रीमंत शंकरदेव कलाक्षेत्र में आयोजित किया गया।

गौरतलब है कि इन चरमपंथी संगठनों ने 24 जनवरी 2012 को सरकार के सामने आत्मसमर्पण कर दिया था और 4 अक्टूबर 2016 को सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशन (SoO) समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। SoO समझौते पर हस्ताक्षर करने के बाद से इनके और सरकार के बीच कई दौर की बातचीत हो चुकी है।

इसके बाद, 15 सितंबर 2022 को इन समूहों और सरकार के बीच समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस समझौते के तहत असम सरकार ने एक 16 सदस्यीय आदिवासी कल्याण एवं विकास परिषद का गठन किया है। इस दौरान आशिम हादसा ने इसके सचिव के तौर पर शपथ भी लिया।

इससे पहले, 1 जून 2023 को आदिवासी पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (APLA) के लगभग 39 कैडरों ने असम सरकार के समक्ष अपने हथियार डाल दिए थे। स्पीयर कोर के सुरक्षा बलों ने गुमराह युवाओं को मुख्यधारा में लाने का प्रयास किया था। इसके लिए असम राइफल्स (उत्तर) IG और स्पीयर कोर ने असम पुलिस के साथ मिलकर इन लोगों को मुख्यधारा में लाया था।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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