विषय: कर्ज माफी

कॉन्ग्रेस कर्जमाफी वादा

कॉन्ग्रेस सरकारों की कर्जमाफी: किसानों को नहीं मिली राहत, यूपी पर गला फाड़ने वाला मीडिया भी चुप

मध्य प्रदेश, राजस्थान, छत्तीसगढ़ और पंजाब में कॉन्ग्रेस की कर्जमाफी योजना फ्लॉप हो गई है। किसान आत्महत्या कर रहे हैं और विरोध-प्रदर्शन हो रहे हैं। इन सबके बावजूद मीडिया इन ख़बरों को तवज्जो नहीं दे रहा। जबकि, यूपी में छोटी-मोटी गड़बड़ियों को भी हाइलाइट किया गया।

राहुल गाँधी को माफी माँगनी चाहिए, किसानों के कर्ज माफ करने में रहे विफल: कॉन्ग्रेस नेता

5 बार सांसद और 2 बार विधायक रह चुके लक्ष्मण सिंह ने कहा- अब समय है कि आगे वादे करने की बजाय, उचित समय बताया जाए कि किसानों का पूरा कर्ज कब माफ कर दिया जाएगा।
दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

क़र्ज़माफ़ी संभव नहीं, राहुल गाँधी को नहीं करना चाहिए था वादा: दिग्विजय के भाई लक्ष्मण सिंह

राहुल गाँधी ने चुनाव के दौरान सरकार गठन के 10 दिनों के भीतर किसानों की क़र्ज़माफ़ी करने का ऐलान किया था। लेकिन लक्ष्मण सिंह के कहना है कि क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर संभव नहीं है। राहुल गाँधी को ऐसा वादा नहीं करना चाहिए था।
पूर्व मुख्यमंत्री एच डी कुमारास्वामी

14000 खातों से गायब हुई कर्ज़ माफ़ी की रकम: किसानों ने कहा – कॉन्ग्रेस-JDS ने हमें बनाया बेवकूफ

एक ऑडिट रिपोर्ट के अनुसार जिन 13,988 खातों से पैसे गायब हुए हैं, वह उन किसानों के हैं जो इस योजना के लिए तो अयोग्य थे लेकिन उनके खाते में धनराशि फिर भी स्थानांतरित हो गई। बैंकों को ऐसे खातों में जमा किए गए ₹60 करोड़ (लगभग) वसूलने के निर्देश दिए गए हैं।

किसानों को कर्ज़ माफ़ी के नाम पर ठग रही कॉन्ग्रेस सरकार, सच जानने के लिए BJP ने गठित की जाँच समिति

भाजपा किसान मोर्चा के अध्यक्ष पूनम चंद्राकर ने कर्ज़माफ़ी की सच्चाई जानने के लिए समिति का गठन किया है। इस जाँच समिति में मोर्चा के प्रदेश महामंत्री भारत सिंह सिसोदिया, चंदन साहू, गौरीशंकर श्रीवास और दिलीप पाणिग्रही शामिल हैं।
ज्योतिरादित्य सिंधिया

कॉन्ग्रेस की कर्जमाफी योजना की खुली पोल: सिंधिया ने सबके सामने किसान को चुप कराया

मध्य प्रदेश में कॉन्ग्रेस सरकार किसानों की कर्जमाफ़ी के बड़े वादे के साथ सत्ता में आई थी। इस दौरान कॉन्ग्रेस पार्टी ने प्रदेश के 34 लाख किसानों के 2 लाख रुपए तक का कर्ज माफ़ करने का वादा किया था।
कमलनाथ

कॉन्ग्रेस का क़र्ज़माफ़ी नहीं धोखा: किसानों को ख़ुद चुकाना पड़ेगा 11 महीने का ब्याज

मान लीजिए किसी किसान पर 31 मार्च 2018 की स्थिति में 2 लाख रुपए का ऋण है। अगर क़र्ज़माफ़ी योजना के तहत सरकार ने मार्च 2019 में वो ऋण अगर चुका भी दिया तो किसानों को 7% की दर से 14,000 रुपए अतिरिक्त देने पड़ेंगे।
कमलनाथ

‘आपकी ऋण माफ़ी अब चुनाव के बाद होगी’: गोभक्त कमलनाथ का लोगों को SMS

इसी तरह के SMS दोपहर 2 बजे के करीब ऋण माफी के अन्य आवेदकों को भी भेजा गया, जबकि लोकसभा चुनाव की आचार संहिता के लिए चुनाव आयोग ने शाम को 5 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी।
पुलवामा हमले

पुलवामा आतंकी हमला: 23 जवानों के कर्जे को SBI ने किया माफ़

बलिदान हुए 40 जवानों में से 23 सीआरपीएफ कर्मियों ने बैंक से कर्ज लिया हुआ था और इसी दिशा में बैंक ने तत्काल प्रभाव से बकाया कर्ज माफ़ करने का निर्णय किया है।
राहुल गाँधी और उनके वादे

पहले न्यूनतम आय फिर कर्ज़माफ़ी… सत्ता के लिए और कितने लॉलीपॉप देंगे जनता को राहुल बाबा!

राज्यों में चुनाव जीतने से पहले राहुल यह वादा करते थे कि अगर वो चुनाव जीतते हैं तो 10 दिन के भीतर किसानों का कर्ज माफ़ कराएँगे। लेकिन चुनाव के तुरंत बाद राहुल जनता को समझाते नज़र आए कि यह इतना आसान काम नहीं हैं।
कमलनाथ

MP: कर्ज़माफ़ी को लेकर समस्या सुनाने गए लोगों को कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं ने दौड़ा-दौड़ा कर पीटा

लोग कर्ज माफ़ी को लेकर किसानों की दिक्कतों को बताने के लिए मंत्री से मिलने आए थे। लेकिन, जल्द ही मंत्री से मिलने पहुँचे लोगों और कॉन्ग्रेस कार्यकर्ताओं के बीच की बहस हाथापाई में बदल गई।
कर्ज़ माफ़ी या घोटाला!

राजस्थान: कर्ज़ माफ़ी के नाम पर घोटाला शुरू, शक़ के घेरे में कॉन्ग्रेसी सरकार!

कर्ज़ माफ़ी के नाम पर यह घोटाला कितने बड़े स्तर का है, इसका पैमाना है अकेले डूंगरपुर जिले से लाभार्थियों की सूची। यहां के 1700 से अधिक किसानों के नाम उस सूची में हैं लेकिन आश्चर्य की बात है कि किसी ने भी लोन नहीं लिया था।

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