Saturday, July 13, 2024
Homeरिपोर्टअंतरराष्ट्रीयभारत को ₹3352 करोड़ लौटाने की बारी आई तो टूटी मालदीव की हेकड़ी, माँगी...

भारत को ₹3352 करोड़ लौटाने की बारी आई तो टूटी मालदीव की हेकड़ी, माँगी मोहलत: राष्ट्रपति मुइज्जु बोले- न छोड़ें साथ, हमारी मुश्किल बढ़ जाएगी

चीन के मानसिक गुलाम मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अब कहा है कि देश में विकास कार्यों के लिए निकटतम सहयोगी भारत से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। पिछले साल के आखिर तक मालदीव पर भारत का लगभग 400.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 35 अरब रुपये) बकाया था। इसे चुकाने के लिए मुइज्जू ने भारत से समय माँगा है।

चीन के मानसिक गुलाम मालदीव के राष्ट्रपति मोहम्मद मुइज्जू ने अब कहा है कि देश में विकास कार्यों के लिए निकटतम सहयोगी भारत से उन्हें काफी उम्मीदें हैं। कुछ समय पहले यही मुइज्जू मालदीव से भारतीय सेना को हटाने पर अड़ा हुआ था। भारत को भी अपनी सेना हटानी पड़ी और उन्हें गैर-सैनिक कर्मियों से बदलना पड़ा था। बता दें कि पिछले साल के आखिर तक मालदीव पर भारत का लगभग 400.9 मिलियन अमेरिकी डॉलर (करीब 35 अरब रुपये) बकाया था। इसे चुकाने के लिए मुइज्जू ने भारत से समय माँगा है।

मालदीव के राष्ट्रपति पद को संभालने के कुछ समय बाद ही उसे अपने देश की हैसियत का अंदाजा लग गया। चीन ने उसे आर्थिक मदद तो दी, लेकिन कर्ज के जाल में भी फँसा दिया। ऐसे में अब मालदीव्स घुटने पर आ गया है। मालदीव के राष्ट्रपति ने लोकल मीडिया से बातचीत में कहा है कि भारत मालदीव को सहायता प्रदान करने में अग्रणी देश रहा है। इसके साथ ही मालदीव पर भारतीय कर्जे को चुकाने के लिए भी उसने मोहलत माँगी है। बता दें कि मालदीव पर भारत का भी काफी कर्ज है, जिसकी किश्त उसे पिछले साल के आखिर तक चुकाया था। इस किस्त की रकम 400 मिलियन डॉलर से ज्यादा की है, जिसके लिए वो अब भारत से समय माँग रहा है और राहत देने की गुजारिश कर रहा है।

मोहम्मद मुइज्जू ने कहा है कि मालदीव पर जो कर्ज है, वो काफी ज्यादा है। हम भारत से कर्जों को चुकाने के लिए राहत देने की माँग करने वाले हैं। भारत जिन प्रोजेक्ट्स पर काम कर रहा है, वो रुकनी नहीं चाहिए, वर्ना देश की दिक्कतें बढ़ जाएँगी। मुइज्जूों ने कहा, “हमें जो परिस्थितियाँ विरासत में मिली हैं, उसमें लोन की रकम काफी ज्यादा है। इतना कि मालदीव की कुल अर्थव्यवस्था से भी अधिक। भारत के लोन को चुकाने के लिए हमें और अधिक समय लगेगा।”

गौरतलब है कि मोहम्मद मुइज्जू को चीन का समर्थक माना जाता है। उसने अपने चुनावी अभियान के दौरान ‘इंडिया आउट’ का नारा दिया था। उसने राष्ट्रपति बनने के बाद भारत के प्रति सख्त रुख अपनाया और भारत को मालदीव से अपने सैनिकों को वापस बुलाने की माँग की थी। हालाँकि बाद में सैनिकों की जगह असैनिक कर्मचारियों को भेजने पर सहमति बन गई।

मालदीव से जुड़ा एक और विवाद सामने आया था, जिसमें मुइज्जू की चीन यात्रा के समय मालदीव्स के मंत्रियों ने भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर आपत्तिजनक टिप्पणियाँ की थी, जिसके बाद भारतीय नागरिकों ने मालदीव्स का बहिष्कार कर दिया था। इस अभियान की वजह से मालदीव की अर्थव्यवस्था को भी झटका लगा, जिसकी वजह से भारतीय पर्यटकों ने मालदीव की बुकिंग्स तक कैंसिल करा दी। इसके बाद मालदीव्स की सरकार को भारतीयों से माफी माँगनी पड़ी थी।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

‘अमेरिका की उप-राष्ट्रपति ने राहुल गाँधी से फोन पर की बात, दुनिया मानती है अगला PM’: कॉन्ग्रेस इकोसिस्टम के साथ-साथ मीडिया ने चलाई खबर,...

खुद को लेखक बताने वाले हर्ष तिवारी ने दावा किया कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष बनने के बाद राहुल गाँधी का कद काफी बढ़ गया है, दुनिया उन्हें अगले प्रधानमंत्री के रूप में देख रही है।

जिसे ‘चाणक्य’ बताया, उसके समर्थन के बावजूद हारा मौजूदा MLC: महाराष्ट्र में ऐसे बिखरा MVA गठबंधन, कॉन्ग्रेस विधायकों ने अपनी ही पार्टी को दिया...

जिस जयंत पाटील के पक्ष में महाराष्ट्र की राजनीति के कथित चाणक्य और गठबंधन के अगुवा शरद पवार खुद खड़े थे, उन्हें ही हार का सामना करना पड़ा।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -