राहुल गाँधी को माफी माँगनी चाहिए, किसानों के कर्ज माफ करने में रहे विफल: कॉन्ग्रेस नेता

"चूँकि वादा पूरा होने में अभी समय है, इसलिए राहुल गाँधी को 10 दिनों के भीतर सभी किसानों के कर्ज माफ करने की विफलता के लिए माफी माँगनी चाहिए।" लक्ष्मण सिंह के मुताबिक इस तरह के वादे कभी नहीं किए जाने चाहिए।

मध्यप्रदेश में पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह के भाई लक्ष्मण सिंह ने किसानों की कर्जमाफी के आधार पर राहुल गाँधी को आड़े हाथों लिया है। दरअसल, लक्ष्मण सिंह ने आवाज उठाई है कि राहुल गाँधी को मध्यप्रदेश के किसानों से माफी माँगनी चाहिए, क्योंकि वो अपने कर्जमाफी के वादे को पूरा करने में असफल रहे, जिसके बलबूते पर उन्होंने प्रदेश में सरकार बनाई थी।

उन्होंने कहा, “चूँकि वादा पूरा होने में अभी समय है, इसलिए राहुल गाँधी को 10 दिनों के भीतर सभी किसानों के कर्ज माफ करने की विफलता के लिए माफी माँगनी चाहिए।” लक्ष्मण सिंह के मुताबिक इस तरह के वादे कभी नहीं किए जाने चाहिए।

5 बार सांसद और 2 बार विधायक रह चुके लक्ष्मण सिंह ने कहा- अब समय है कि आगे वादे करने की बजाय,  उचित समय बताया जाए कि किसानों का पूरा कर्ज कब माफ कर दिया जाएगा।

- विज्ञापन - - लेख आगे पढ़ें -

गौरतलब है कि इससे पहले लक्ष्मण सिंह ने बुधवार को इसी मुद्दे पर बड़ा बयान दिया था। उन्होंने कहा था कि चुनाव के दौरान राहुल गाँधी को 10 दिनों के भीतर क़र्ज़माफ़ी का वादा नहीं करना चाहिए था।

आँकड़े गिनाते हुए कॉन्ग्रेस विधायक लक्ष्मण सिंह ने कहा कि 45 हज़ार करोड़ की क़र्ज़माफ़ी आसान काम नहीं है। लक्ष्मण सिंह के अनुसार, इस वर्ष किसानों की क़र्ज़माफ़ी किसी भी क़ीमत पर नहीं हो सकती।

यहाँ बता दें कि इस बयान के सुर्खियों में आने के बाद इसे मध्यप्रदेश की राजनीति के लिए बेहद अहम माना जा रहा है, क्योंकि इसी बीच मध्य प्रदेश के एक मंत्री ने ही उनके भाई दिग्विजय सिंह पर परदे के पीछे से सरकार में दखल देने का आरोप लगाया है। इसके अलावा ज्योतिरादित्य सिंधिया को कॉन्ग्रेस का प्रदेश अध्यक्ष बनाए जाने के लिए उनके समर्थक लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं, और फिलहाल कमलनाथ मध्य प्रदेश में सरकार और संगठन, दोनों के मुखिया बने हुए हैं। इसलिए ऐसे में जब दिग्विजय, सिंधिया और कमलनाथ के त्रिकोण में मध्य प्रदेश कॉन्ग्रेस की सियासत उलझी हुई है, तब लक्ष्मण सिंह का बयान मायने रखता है।

शेयर करें, मदद करें:
Support OpIndia by making a monetary contribution

बड़ी ख़बर

कमलेश तिवारी हत्याकांड
आपसी दुश्मनी में लोग कई बार क्रूरता की हदें पार कर देते हैं। लेकिन ये दुश्मनी आपसी नहीं थी। ये दुश्मनी तो एक हिंसक विचारधारा और मजहबी उन्माद से सनी हुई उस सोच से उत्पन्न हुई, जहाँ कोई फतवा जारी कर देता है, और लाख लोग किसी की हत्या करने के लिए, बेखौफ तैयार हो जाते हैं।

सबसे ज़्यादा पढ़ी गईं ख़बरें

ताज़ा ख़बरें

हमसे जुड़ें

107,042फैंसलाइक करें
19,440फॉलोवर्सफॉलो करें
110,000सब्सक्राइबर्ससब्सक्राइब करें

ज़रूर पढ़ें

Advertisements
शेयर करें, मदद करें: