Sunday, April 18, 2021

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काशी

भारत की विविधता, संस्कृति, लोक कला, साहित्य को समेटती होली: हर राज्य में उल्लास का अलग है रंग

जहाँ ब्रजधाम में राधा और कृष्ण के होली खेलने के वर्णन मिलते हैं वहीं अवध में राम और सीता के जैसे होली खेलें रघुवीरा अवध में। राजस्थान के अजमेर शहर में ख्वाजा मोईनुद्दीन चिश्ती की दरगाह पर गाई जाने वाली होली का विशेष रंग है।

होली के रंग में जीवन का उल्लास: होलिका, होलाका, धुलेंडी, धुरड्डी, धुरखेल, धूलिवंदन… हर नाम में छिपा है कुछ बहुत खास

आध्यात्मिक रूप से होलिका दहन का मकसद पुराने कपड़ों या वस्तुओं को जलाना ही नहीं है, बल्कि पिछले एक साल की यादों को जलाना है ताकि...

बनारस की अड़भंगी चिता-भस्म होली: 11 तस्वीरों और 5 वीडियो से समझिए काशी की परंपरा, जहाँ मृत्यु भी है उत्सव

बनारस की होली भी बनारस के मिजाज के अनुसार ही अड़भंगी और निराली है। यह दुनिया का इकलौता शहर जहाँ अबीर, गुलाल के अलावा धधकती चिताओं के बीच चिता-भस्म से होली खेली जाती है।

काशी में क्यों खेली जाती है चिता-भस्म की होली, भूतभावन महादेव अब भी आते हैं महाश्मशान मणिकर्णिका?

बनारस की होली भी बनारस के मिजाज के अनुसार ही अड़भंगी है। दुनिया का इकलौता शहर जहाँ अबीर, गुलाल के अलावा धधकती चिताओं के बीच चिता भस्म की होली होती है।

उड़त गुलाल लाल भए अम्बर: माँ गौरा का गौना कराने निकले महादेव, काशी में जीवन के उत्सव का आगाज

रंगभरी एकादशी वैसे तो पूरे देश में मनाई जाती है, पर काशी जैसा उत्साह शायद ही कहीं दिखता है। रंग-गुलाल से सराबोर काशी की यह परंपरा 357 साल पुरानी है। आज से बुढ़वा मंगल तक अब हर तरफ बनारस में एक ही रंग दिखेगा और वह रंग है होली का।

वीडियो: 16 राज्यों की 1000 महिलाओं ने अस्सी घाट पर किया शिव तांडव स्तोत्र का पाठ, अंतरराष्‍ट्रीय महिला दिवस पर भव्य आयोजन

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस पर काशी में अस्‍सी घाट पर देश भर से 1000 नारी शक्ति की जुटान एक अनोखे आयोजन के लिए हुई। देखें कार्यक्रम का भव्य वीडियो

पहली बार प्रधानमंत्री बने काशी की ‘देव दीपावली’ का हिस्सा, जानिए इस महापर्व का इतिहास…

यूँ तो काशी की देव दीपावली दुनिया भर में प्रसिद्ध है। लेकिन, यह पहला मौका था जब प्रधानमंत्री इस महापर्व में शरीक हुए।

काशी-मथुरा की मुक्ति के लिए अखाड़ा परिषद का प्रस्ताव, कहा- बात से नहीं सुलझा मामला तो होगी कानूनी लड़ाई

काशी-मथुरा की मुक्ति के लिए अखाड़ा परिषद ने प्रस्ताव पास किया है। इसमें विश्व हिन्दू परिषद का भी सहयोग माँगा है।

‘स्वामी’ चक्रपाणि की बकैती पर काशी विद्वत परिषद के मंत्री का बयान, जिसका मन होता है लाल कपड़ा पहनकर खुद को हिन्दू महासभा का...

दी प्रिंट के साथ ही कुछ अन्य मीडिया गिरोहों ने भी कोरोना वायरस पर चक्रपाणि महाराज को हिन्दू महासभा का अध्यक्ष बताते हुए खबर प्रकाशित की है कि वो कोरोना से लड़ने के लिए गोमूत्र पार्टी करने जा रहे हैं, जिससे कि कोरोना वायरस से उपचार मिल सकेगा।

ज्ञानवापी मस्जिद के पुरातात्विक सर्वेक्षण के बाद सामने आएगा सच?: 18 मार्च को होगी अगली सुनवाई

मस्जिद पक्ष द्वारा माँग की जाएगी कि इस मामले की सुनवाई को तत्काल रोक दी जाए। मस्जिद के पक्षकारों का दावा है कि उच्च न्यायालय के आदेश के मुताबिक़ निचली अदालत में इसकी सुनवाई नहीं हो सकती।

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