ममता बनर्जी ने कहावत सुनी होगी कि जान है तो जहान है। अगर ईमानदारी से काम करने वाला पत्रकार ज़िंदा ही नहीं बचेगा तो ममता बनर्जी बताएँ कि उनकी ऐसी पेंशन किस काम की है?
हत्यकाण्ड के वक्त प्रदेश के गृह सचिव रहे गुप्ता ने तत्कालीन प्रधानमंत्री नरसिम्हा राव के पीएमओ को जवाब देते हुए ममता बनर्जी के आरोपों को तथ्यहीन बताया था।
सार्वजनिक जगहों पर जुमे की नमाज अता किए जाने की हरियाणा के सीएम खट्टर भी आलोचना कर चुके हैं। बीते साल नोएडा पुलिस ने कंपनियों को एडवाइजरी जारी कर कहा था कि वे अपने कर्मचारियों को सार्वजनिक जगहों पर नमाज अता करने से रोकें। बीते साल ही मद्रास हाई कोर्ट ने कहा था कि सार्वजनिक जगहों का इस्तेमाल प्रार्थना के लिए नहीं किया जाना चाहिए।