Thursday, February 25, 2021

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भीमा कोरेगांव

‘एक्टिविस्ट पादरी’ फादर स्टेन स्वामी को भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले में NIA ने किया गिरफ्तार

NIA ने महाराष्ट्र में 2018 भीमा-कोरेगाँव हिंसा के मामले में 83 वर्षीय फादर स्टेन स्वामी को झारखंड से गिरफ्तार किया है।

आजीवन कारावास वाले कैदी सहित अर्बन नक्सलियों को जेल से छोड़ो, उनको महामारी हो जाएगी: CPI (M)

अपनी माँग में CPI (M) ने अर्बन नक्सलियों को ‘मानवाधिकार कार्यकर्ता’ बताते हुए हर व्यक्ति के स्वास्थ्य पर गंभीरता से चिंता जताई है।

शरद पवार की मुसीबत बढ़ी: 4 अप्रैल को पेश होने का आदेश, उद्धव पहले ही ठुकरा चुके हैं माँग

उद्धव ठाकरे ने बीते दिनों एल्गार परिषद की जाँच NIA को सौंपने को मँजूरी दी थी। पवार ने उद्धव के फैसले की कड़ी आलोचना की थी। अब उनको समन जारी होने के बाद महाराष्ट्र सरकार के मतभेद और गहराने के कयास लगाए जा रहे हैं।

3 हफ्ते में सरेंडर करो: भीमा कोरेगाँव मामले में 2 ‘अर्बन नक्सलियों’ की जमानत याचिका ख़ारिज, पासपोर्ट होगा जब्त

चार्जशीट में यह भी कहा गया था कि एल्गर परिषद हिंसा आरोपितों द्वारा सरकार को उखाड़ फेंकने और भीमा कोरेगाँव में झड़पों के माध्यम से लोगों को उकसाने, उपद्रव करने, भड़काने और आतंकवादी गतिविधियों के लिए कैडर की भर्ती करने समेत अवैध कार्य करना उनकी साज़िश का हिस्सा थे।

भीमा कोरेगाँव हिंसा मामले की जाँच में महाराष्ट्र सरकार के हस्तक्षेप से पुणे पुलिस नाख़ुश: रिपोर्ट

सूत्रों के अनुसार महाराष्ट्र में शिवसेना-एनसीपी-कॉन्ग्रेस सरकार बनने के बाद जॉंच में हस्तक्षेप से पुलिस असहज महसूस कर रही है। एनसीपी सुप्रीमो शरद पवार ने पिछले दिनों कहा था कि इसकी जॉंच के लिए सीएम से एसआईटी बनाने की मॉंग करेंगे।

लड़े दलित और मुस्लिम, लेकिन दलित बनाम ब्राह्मण कह कर आग लगाई जाती है: भीमा कोरेगाँव का सच

आंदोलन का स्टेज सज गया, वक्ता आ गए, लेकिन इससे आंदोलन सफल नहीं कहा जाता। वो न सिर्फ हिंसा भड़काना चाहते हैं, बल्कि अपने ही लोगों से पेट्रोल बम फिंकवाते हैं, और भीड़ को कहते हैं कि देखो ब्राह्मणों ने बम फेंका तुम पर, तुम्हें 5000 सालों से सता रहे हैं, देखते क्या हो, यलगार हो!

उद्धव ठाकरे अब अर्बन नक्सलियों पर करेंगे मेहरबानी! एनसीपी नेता ने कहा, भीमा-कोरेगॉंव के केस बंद हो

भीमा-कोरेगॉंव हिंसा के आरोपितों की जमानत याचिका हाल ही में खारिज की गई थी। एनसीपी नेता का कहना है कि इस मामले में पिछली सरकार ने फर्जी मामले दर्ज किए थे। उन्होंने आरे मेट्रो मामले की तरह इससे जुड़े केस भी बंद करने को कहा है।

अर्बन नक्सल गौतम नवलखा की याचिका पर सुनवाई से SC के जस्टिस भट्ट ने भी ख़ुद को किया अलग

इस मामले में नवलखा के अलावा वरवरा राव, अरुण फरेरा, वर्णन गोन्साल्विज और सुधा भारद्वाज भी आरोपित हैं। पुणे पुलिस ने 31 दिसंबर, 2017 को एल्गार परिषद के बाद एक दिसंबर को भीमा-कोरेगाँव में हुई कथित हिंसा के मामले में जनवरी, 2018 को FIR दर्ज की थी।

भीमा-कोरेगॉंव मामला: गौतम नवलखा पर चलेगा मुकदमा, नक्सलियों से संपर्क होने की बात मानी

नवलखा के खिलाफ पुणे पुलिस ने जनवरी 2018 में प्राथमिकी दर्ज की थी। इसके खिलाफ उसकी याचिका ख़ारिज करते हुए अदालत ने कहा, "मामला भीमा-कोरेगॉंव हिंसा तक ही सीमित नहीं है। इसमें कई और पहलू हैं। गंभीरता को देखते हुए हमें लगता है कि पूरी छानबीन जरूरी है।"

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पुलिस का दावा है कि अगले दिन हिंसात्मक घटनाओं के लिए एल्गार परिषद के दौरान दिए गए भाषण जिम्मेदार थे।

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