Wednesday, July 17, 2024

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मॉब लिंचिंग

मॉब लिंचिंग के लिए BJP, RSS नहीं, कॉन्ग्रेस ज़िम्मेदार: मौलाना सुहैब क़ासमी

हाल ही में सूरत नगर निगम (एसएमसी) के एक कॉन्ग्रेस पार्षद असलम साइकिलवाला को पुलिस ने गुजरात के सूरत शहर के अठवा लाइन्स इलाक़े में हुई एक भगदड़ की घटना में हिरासत में लिया था। इस घटना में झारखंड में तबरेज़ अंसारी की कथित रूप से हत्या के ख़िलाफ़ रैली निकाल रहे प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर जमकर पथराव किया था। साइकिलवाला के ख़िलाफ़ आईपीसी की धारा 307 के तहत मामला दर्ज किया गया था।

‘छोटे शहरों और गाँवों में खौफ का माहौल’: मॉब लिंचिंग पर सलमान खुर्शीद का विवादित बयान

“मुझे लगता है कि दिल्ली के उन इलाकों में डर का कोई माहौल नहीं है, जहाँ हम रहते हैं या काम करते हैं, लेकिन हाँ छोटे शहरों और गाँवों में इसका डर जरूर है। इस डर को दूर करने की जिम्मेदारी हर भारतीय की है।”

सूरत भीड़ हिंसा: कॉन्ग्रेस पार्षद असलम समेत 49 गिरफ़्तार, 5000 लोगों के ख़िलाफ़ दर्ज है मामला

भीड़ ने पुलिस पर पथराव करना शुरू कर दिया था, जिसके बाद पुलिस को हवाई फायरिंग करनी पड़ी थी। भीड़ ने पाँच सिटी बसों को भी निशाना बनाया और सार्वजनिक संपत्ति को जम कर नुकसान पहुँचाया। पूरे क्षेत्र में तनाव फैलने के बाद पुलिस को धारा 144 लागू करनी पड़ी।

‘भगवा आतंकवाद’ के अब्बा दिग्विजय ने मॉब लिंचिंग का दोष BJP-RSS पर मढ़ा

दिग्विजय सिंह ने कहा कि भाजपा और आरएसएस की मानसिकता की वजह से ही मॉब लिंचिंग की घटनाएँ बढ़ रही हैं।

मॉब लिंचिंग के नाम पर रांची में मुस्लिम समुदाय ने जमकर किया बवाल, राहगीरों को पीटा, वाहनों में की तोड़फोड़

बिना एसडीओ की इजाज़त के जनाक्रोश सभा का आयोजन भी किया गया और कई मुस्लिम संगठनों के लोग इसमें शामिल हुए। धीरे-धीरे लोगों की भीड़ जुलूस में बदल गई। फिर जो हुआ उसने सभी सीमाएँ पार कर दी। इस मामले में एजाज़ गद्दी, मौलाना ओबेदुल्लाह कासमी, शमशेर आलम समेत कई अन्य पर FIR दर्ज किया गया है।

मॉब लिंचिंग के विरोध में सड़कों पर उतरे 1 लाख कट्टरपंथी: कहा- ‘कोई और कौम होता तो पलटवार कर चुका होता’

बात शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन की थी हालाँकि, जिन लोगों ने वहाँ भाषण दिया, उनमें से कई के भाषण उत्तेजक थे तो कई ने शांति बनाए रखने की अपील की। मौलवियों ने कहा कि अगर समुदाय वालों की तरह किसी और को निशाना बनाया गया होता तो वे अभी तक पलटवार कर चुके होते।

‘तबरेज़ के अब्बू विवाद में मारे गए थे, उनकी लिंचिंग नहीं हुई थी – मीडिया फैला रहा भ्रम’

मीडिया रिपोर्ट्स में यह दावा किया जा रहा था कि तबरेज़ अंसारी के पिता मस्कुर अंसारी की भी लगभग 15 साल पहले मॉब लिंचिंग कर दी गई थी। मीडिया रिपोर्टिंग में कहा गया है कि जमशेदपुर के बागबेड़ा इलाके में चोरी करते हुए मस्कुर को भीड़ ने पकड़ लिया था और लिंच कर दिया था।

तबरेज़ के अब्बू मस्कूर को भी चोरी करते पकड़े जाने पर भीड़ ने मार डाला था: रिपोर्ट

मस्कूर अंसारी को कथित तौर पर भीड़ ने जमशेदपुर के बागबेड़ा में चोरी करते हुए पकड़ लिया था और पीट-पीटकर हत्या कर दी थी।

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