कॉकरोच जनता पार्टी, जेपी-अन्ना हजारे आंदोलन और भारतीय लोकतंत्र के संदर्भ में समझिए कि केवल असंतोष ही पर्याप्त क्यों नहीं होता। भारतीय मतदाता क्या देखते हैं?
लोकतंत्र में संख्या बल ही किसी भी भाषाई समूह की माँगों को मजबूती देता है। बहुभाषी भारत में यह जनगणना तय करती है कि आने वाले समय में सरकारी संसाधन और प्रशासनिक विकास किस दिशा में आगे बढ़ेंगे।
कॉकरोच जनता पार्टी खुद को 'बेरोजगार' और 'आलसी' युवाओं की आवाज बताता है। लेकिन फाउंडर अभिजीत दिबके का AAP से कनेक्शन है और पार्टी की पॉलिसी विपक्ष के प्रोपेगेंडा को हवा दे रही है।
बीजेपी ने केरलम् के लिए 13 सूत्रीय राजनीतिक एजेंडा बनाया है, जिसमें खासतौर पर ओबीसी और पिछड़े हिंदू समुदायों के बीच पकड़ मजबूत करने पर जोर दिया गया है।
AIMIM नेता सईदा फलक ने एक बार फिर देश के उच्च पदों पर बैठे नेताओं के लिए 'गंदी भाषा' का इस्तेमाल किया। मुस्लिम भीड़ को संबोधित करते हुए सईदा ने सीएम योगी को 'बंदर' कहा है।
गाजीपुर में नाबालिग लड़की की मौत के बाद गाँव पहुँचे समाजवादी पार्टी के प्रतिनिधिमंडल को लोगों ने बाहर रोक दिया। यह अखिलेश यादव की 'जातिवाद राजनीति' के खिलाफ जनता का 'विद्रोह' है।