Friday, August 6, 2021

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रामधारी सिंह दिनकर

हथियारों से लैस होना जरूरी, वरना भेड़िये तो राह चलते साधुओं पर भी अकारण झपट्टा मारते हैं: दिनकर ने क्यों कहा था ऐसा?

फ़रवरी 21, 1963 को राज्यसभा में दिए अपने भाषण में राष्ट्रकवि रामधारी सिंह दिनकर ने समझाया था कि अहिंसा का अर्थ क्या होता है।

भरे सदन में नेहरू को सुनाने वाला राष्ट्रकवि जो चाहता था ‘हर-हर-बम’ का महोच्चार

रामधारी सिंह दिनकर भरे सदन में नेहरू की आलोचना से नहीं हिचकते थे। समसामयिक समस्याओं का समाधान वह द्वापर से खोज लाते थे। राष्ट्रकवि दिनकर 'कुरुक्षेत्र' में भीष्म और 'रश्मिरथी' में कर्ण के संवादों में आज के युग के हिसाब से प्रासंगिकता खोज रहे होते हैं।

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