Friday, May 24, 2024

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हिंदू मंदिर देश की धरोहर

विंध्याचल की माता विंध्यवासिनी: सृष्टि के आरंभ से हैं, प्रलय के बाद भी होंगी; एकमात्र पूर्ण पीठ के बारे में जानिए सब कुछ

51 शक्तिपीठों में शामिल माता विंध्यवासिनी का मंदिर एक जागृत पीठ माना जाता है। इस मंदिर से जुड़ी कई मान्यताएँ हैं जो अपने आप में अनूठी हैं।

माता बगलामुखी का मंदिर: साधुओं की समाधि और श्मशान से घिरा, गुप्त अनुष्ठान के लिए आते हैं नेता

मध्य प्रदेश के आगर-मालवा जिले में नलखेड़ा तहसील में स्थित माता बगलामुखी का मंदिर शैव और शाक्त संप्रदाय के साधुओं और तांत्रिकों के लिए सिद्ध स्थान है।

मैहर का शक्ति पीठ: मध्य भारत का ‘श्रृंगेरी मठ’, जहाँ सदियों से एक योद्धा करता आ रहा है माँ शारदे की पहली पूजा

मैहर के शारदा माता मंदिर को मध्य भारत का श्रृंगेरी मठ भी कहा जाता है, क्योंकि यहाँ विराजित माता शारदाम्बिका श्रृंगेरी की पूज्य देवी का ही रूप मानी जाती हैं।

तंजावुर का बृहदेश्वर मंदिर: नींव नहीं फिर भी सब कुछ भव्य-विशाल, 200 फुट की ऊँचाई और 81000 किलो का पत्थर

तमिलनाडु के तंजावुर में स्थित बृहदेश्वर मंदिर एक अद्भुत और रहस्यमयी संरचना है। चोल साम्राज्य के ‘द ग्रेट लिविंग टेंपल्स’ में से एक।

31 वर्षों बाद खुला श्रीनगर का शीतल नाथ मंदिर: इस्लामी आतंकियों ने जला डाला था, विशेष पूजा के साथ दर्शन चालू

जम्मू कश्मीर के श्रीनगर का शीतल नाथ मंदिर पिछले 31 वर्षों से बंद पड़ा हुआ था, जिसे मंगलवार (फरवरी 16, 2021) को वसंत पंचमी के मौके पर खोला गया।

जब कंगना ने खोज निकाला ‘रनौत’ की कुलदेवी का 1200 वर्ष प्राचीन मंदिर, पैतृक गाँव में की स्थापना

कंगना रनौत ने बताया कि जब वे फिल्मों में आईं और देश-विदेश में यात्राएँ करने लगीं, तो उनकी माँ ने उनसे कहा कुलदेवी की तलाश करने को कहा।

कश्मीर के रघुनाथ मंदिर में जल्द होगा श्री राम का जयघोष: 31 साल पहले आतंकियों ने मूर्तियों को झेलम में फेंक जला दिया था...

1989 में पहली बार उग्र इस्लामिक कट्टरपंथियों की भीड़ ने मंदिर पर हमला बोला था। इसके बाद 24 फरवरी 1990, 13 अप्रैल 1991 और फिर 8 मई 1992 को इस मंदिर पर हमले हुए।

मोढेरा सूर्य मंदिर, PM मोदी ने शेयर की जिसकी वीडियो: प्रतिमा पर सबसे पहले पड़ती थी सूर्य की किरणें, गजनी-खिलजी ने किया था खंडित

साल में 2 बार जब Equinox के दिन सूर्योदय होता तो सूर्य की किरणें सबसे पहले यहाँ सूर्य की प्रतिमा के सिर पर स्थित हीरे के ऊपर पड़ती थी।

एकंबरेश्वर मंदिर: जहाँ माता पार्वती की परीक्षा लेने पहुँचे थे स्वयं भगवान शिव

एकंबरेश्वर मंदिर, तमिलनाडु के मंदिरों के नगर कांचीपुरम का सबसे विशाल एवं भव्य शिव मंदिर है। भगवान शिव को यहाँ पृथ्वी के रूप में पूजा जाता है।

श्रीकालाहस्ती मंदिर: पंचमहाभूतों में से एक ‘वायु तत्व’ का प्रतीक, योग में इनसे मुक्त होने की वैज्ञानिक प्रक्रिया

श्रीकालाहस्ति में मंदिर वायु तत्व हेतु, कांचीपुरम में पृथ्वी तत्व, तिरुवन्नामलाई में अग्नि तत्व हेतु, चिदंबरम में आकाश तत्व एवं तिरुवनाईकवल में जल तत्च के लिए इन मंदिरों का निर्माण किया गया था।

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