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दिल्ली पुलिस

सड़क खोलने की माँग कर रहे लोगों पर हजारों मुस्लिम की भीड़ ने किया पथराव: दिल्ली दंगों की चार्जशीट से नया खुलासा

23 फरवरी को जाफराबाद में हुई घटना को हिंसा की पहली घटना माना जा सकता है, जिससे दिल्ली हिंदू विरोधी दंगों की शुरुआत हुई थी। इसके बाद...

ताहिर हुसैन ने कहा: 8 जनवरी को ही खालिद सैफी, उमर खालिद से मिल कर दंगे की योजना बना ली थी

दिल्ली पुलिस की चार्जशीट के मुताबिक ताहिर हुसैन ने दंगों संलिप्तता कबूली है। उसने बताया कि 8 जनवरी को ही इसकी योजना तैयार कर ली गई थी।

प्रदर्शन की अनुमति नहीं ली, संपत्ति को पहुँचाया नुकसान: NHRC की रिपोर्ट ने जामिया के उपद्रवी छात्रों की खोली पोल

NHRC ने अपनी रिपोर्ट में कहा कि जामिया के छात्रों ने न सिर्फ़ बिना अनुमति के विरोध प्रदर्शन किया, बल्कि सार्वजनिक संपत्ति को भी नुकसान पहुँचाया।

भटका हुआ नौजवान: यूट्यूब पर दंगे देख कर भटक गया था, गोली चलाने लगा- शाहरुख माँग रहा माफी

"उस दिन के वीडियो फुटेज से मैं अन्य आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी में मदद कर सकता हूँ। मैंने गलती की, कृपया मुझे क्षमा करें।"

दिल्ली दंगों के दौरान 13 धार्मिक स्थलों को बनाया गया था निशाना, RTI से खुलासा

दिल्ली में फरवरी में हुए दंगों के दौरान 13 धार्मिक स्थलों को निशाना बनाया गया था। इन मामलों में अब तक 33 की गिरफ्तारी हुई है।

मरकज में थे 526 विदेशी, मलेशिया में भी हुआ था जलसा: तबलीगी जमात के खिलाफ 59 चार्जशीट

तबलीगी जमात के सदस्यों ने जिस तरह से पूरे भारत में कोरोना वायरस संक्रमण फैलाया, दिल्ली पुलिस ने इस मामले में 59 चार्जशीट दायर की है।

पदोन्नत होकर एडिशनल DCP बने अनुज कुमार, दिल्ली दंगों में जान पर खेल कर बचाई थी पुलिसकर्मियों की जान

पूर्वोत्तर दिल्ली के पूर्व सहायक पुलिस आयुक्त अनुज कुमार का साउथ दिल्ली में एडिशनल डिप्टी पुलिस कमिश्नर के रूप में प्रोमोशन हुआ है।

दिलबर नेगी को आग में झोंकने वाले दंगाइयों का सरगना निकला डॉ. अनवर: दिल्ली पुलिस की चार्जशीट से खुलासा

डॉ. अनवर उस प्रदर्शन के आयोजकों में शामिल था, जिसने हिंदू विरोधी दंगों के दौरान दिलबर नेगी की निर्मम हत्या कर दी थी।

अब दिल्ली की 16 वर्षीय TikTok स्टार सिया कक्कड़ ने की खुदकुशी, पुलिस को नहीं मिला कोई सुसाइड नोट

वहीं जानकारी मिली है कि सिया को कुछ लोगों से धमकियाँ मिल रही थीं। इसे लेकर वह बेहद परेशान थीं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।

सफूरा जरगर को मिली बेल: आखिर मोदी सरकार ने ‘शैतान’ के साथ ‘मानवीयता’ क्यों दिखाई?

वामपंथियों और उनके गिरोह को ये बात नहीं भूलना चाहिए कि जिस कानून-व्यवस्था में उन्हें यकीन नहीं है, आज उसी ने उन्हें मानवीय आधार पर जमानत दी। ये चीज वामपंथियों को याद रखना चाहिए।

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