Friday, November 27, 2020
Home देश-समाज मरकज में थे 526 विदेशी, मलेशिया में भी हुआ था जलसा: तबलीगी जमात के...

मरकज में थे 526 विदेशी, मलेशिया में भी हुआ था जलसा: तबलीगी जमात के खिलाफ 59 चार्जशीट

दिल्ली पुलिस ने मरकज के हाजी यूनुस को 20 से ज्यादा जमातियों का जुटान न करने का निर्देश दिया था, जिसका खुलेआम उल्लंघन किया गया। मरकज प्रबंधन से एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार संपर्क कर सोशल डिस्टेंसिंग का प्लान करने की चेतावनी दी गई थी।

कोरोना वायरस संक्रमण के प्रसार, सरकारी दिशा-निर्देशों के उल्लंघन और पुलिस तथा डॉक्टरों के साथ दुर्व्यवहार को लेकर तबलीगी जमात से जुड़े लोगों के खिलाफ दिल्ली पुलिस ने 59 चार्जशीट दायर की है।

36 देशों के उन जमातियों को भी आरोपित बनाया गया है, जिन्होंने वीजा नियमों की धज्जियाँ उड़ाई। निजामुद्दीन मरकज़ द्वारा जाँच एजेंसियों से सच्चाई छिपाने की बात भी पुलिस ने बताई है।

खुलासा हुआ है कि दिल्ली के निजामुद्दीन स्थित मरकज की तरह मलेशिया में भी कार्यक्रम हुआ था और वहाँ भी कोरोना के कई मरीज मिले थे। इंडोनेशिया में भी ऐसा ही कार्यक्रम प्रस्तावित था जो रद्द हो गया।

पुलिस ने कहा है कि इनमें से कई विदेशी जमातियों ने ख़तरनाक कोरोना वायरस का संक्रमण चारों ओर फैलाया। दिल्ली पुलिस ने मरकज के हाजी यूनुस को पहले ही वहाँ 20 से ज्यादा जमातियों का जुटान न करने का निर्देश दिया था, जिसका खुलेआम उल्लंघन किया गया।

‘इंडियन एक्सप्रेस’ की ख़बर के अनुसार, चार्जशीट में खुलासा किया गया है कि मलेशिया में हुई मरकज 27 फरवरी से 1 मार्च के बीच आयोजित की गई थी। इस कार्यक्रम के बाद मलेशिया में कोरोना के 500 संक्रमित मरीज मिले थे। इंडोनेशिया में भी 18 मार्च को मरकज का कार्यक्रम आयोजित होने वाला था, जिसे बाद में कोरोना संक्रमण फैलने के भय से रद्द कर दिया गया था। कई देशों के जमातियों ने फिर भारत आकर संक्रमण फैलाया।

ऐसा नहीं है कि दिल्ली पुलिस आँख बंद किए हुए थी और उसने निजामुद्दीन मरकज में हो रही मनमानी के विषय में कुछ नहीं किया या प्रबंधकों को आगाह नहीं किया। दरअसल, दिल्ली के दक्षिण-पूर्वी जिले के शीर्ष अधिकारियों ने कई बार मरकज को चेताया था। मरकज प्रबंधन से एक-दो बार नहीं बल्कि कई बार संपर्क कर सोशल डिस्टेंसिंग का प्लान करने की चेतावनी दी गई थी। 19 मार्च को उन्हें प्रशासन ने लॉकडाउन के दिशा-निर्देशों का पालन करने को कहा था।

मार्च 21, 2020 को पुलिस-प्रशासन के अधिकारी फिर से मरकज के मुफ़्ती शहजाद से मिले और सारे विदेशी जमातियों को उनके देश वापस भेजने की सलाह दी, जिसे नज़रअंदाज़ कर दिया गया। इसके 3 दिन बाद दिल्ली पुलिस ने लॉकडाउन सम्बन्धी प्रतिबंधों की सार्वजनिक घोषणा की, लेकिन मरकज़ का प्रबंधन आँख मूँदे रहा। 25 मार्च को मरकज़ में एक बांग्लादेशी नागरिक में कोरोना के लक्षण दिखे थे।

इसके बाद इसकी जाँच के लिए वहाँ मेडिकल टीम पहुँची थी। मेडिकल टीम ने भी पाया था कि वहाँ सोशल डिस्टेंसिंग या ऐसे किसी भी दिशा-निर्देश का पालन नहीं किया जा रहा है। इसके ठीक पहले पुलिस ने मरकज़ में जाकर छानबीन की थी। तब दिल्ली पुलिस ने पाया था कि वहाँ की इमारत में 1709 लोग रह रहे हैं। इनमें से 1183 भारतीय नागरिक थे और विदेशी नागरिकों की संख्या 526 थी। तब भी पुलिस ने कार्रवाई की थी।

चार्जशीट में बताया गया है कि जिस समय मरकज में मौजूद एक इंडोनेशियाई जमाती कोरोना वायरस से संक्रमित पाया गया था, तब भी मौलाना साद के करीबी लगातार दावा कर रहे थे कि मरकज में किसी भी शख्स में कोरोना के लक्षण नहीं हैं और सभी के स्वस्थ होने के झूठे दावे किए जा रहे थे। 28 मार्च को हजरत निजामुद्दीन पुलिस स्टेशन के एसएचओ ने डीसीपी क्राइम ब्रांच को मरकज और मौलाना साद की हरकतों के बारे में लिखित में अवगत कराया था।

हालाँकि, मरकज के वकील मुजीद रहमान का कहना है कि पुलिस-प्रशासन द्वारा उस वक़्त सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करने की सलाह देने का क्या तुक था, जब मरकज में सारे जमाती पहले से ही सेल्फ-आइसोलेशन में थे। वकील ने हैरतअंगेज बयान देते हुए कहा कि प्रशासन को हवाई अड्डे बंद करने चाहिए थे, लोगों की स्क्रीनिंग के साथ-साथ कांटेक्ट ट्रेसिंग पर जोर देना चाहिए था।

चार्जशीट में ये भी बताया गया है कि कुछ विदेशी जमाती तो अपना पासपोर्ट तक दिखाने में अक्षम रहे। साथ ही अंदर कोई भी मास्क या सैनिटाइजर वगैरह का प्रयोग नहीं कर रहा था। कइयों ने पर्यटन वीजा पर आकर मजहबी कार्यक्रमों में हिस्सा लिया। कोर्ट अब इन चार्जशीट के आधार पर निर्णय लेगी कि हत्या के प्रयास का मामला चलाया जाए या नहीं।

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

कानपुर लव जिहाद SIT रिपोर्ट: आखिर वामपंथियों को 14 साल की बच्चियों का मुस्लिम द्वारा गैंगरेप क्यों नॉर्मल लगता है?

बात यह है कि हर मामले में मुस्लिम लड़का ही क्यों होता है? ईसाई या सिक्ख लड़के आखिर किसी हिन्दू लड़की को अपना नाम हिन्दू वाला बता कर प्रेम करते क्यों नहीं पाए जाते?

नाबालिगों से गैंगरेप, जबरन मुस्लिम बनाना, नाम बदल कर दोस्ती… SIT की वह रिपोर्ट जिसे वामपंथी नकार रहे हैं

ऑपइंडिया के पास मौजूद SIT रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि यह ग्रूमिंग जिहाद के कुछ बेहद चर्चित मामले थे, जिनमें हिन्दू युवतियों को धोखा देकर उनके धर्मांतरण का प्रयास या उनका उत्पीड़न किया गया।

दिल्ली के बेगमपुर में शिवशक्ति मंदिर में दर्जनों मूर्तियों का सिर कलम, लोगों ने कहते सुना- ‘सिर काट दिया, सिर काट दिया’

"शिव शक्ति मंदिर में लगभग दर्जन भर देवी-देवताओं का सर कलम करने वाले विधर्मी दुष्ट का दूसरे दिन भी कोई अता-पता नहीं। हिंदुओं की सहिष्णुता की कृपया और परीक्षा ना लें।”

संविधान दिवस पर PM मोदी ने की एक राष्ट्र और एक चुनाव पर बात, कहा- ये केवल विमर्श का नहीं बल्कि देश की जरूरत

"हमारे निर्णय का आधार एक ही मानदंड होना चाहिए और वो है राष्ट्रहित। राष्ट्रहित ही हमारा तराजू होना चाहिए। हमें ये याद रखना है कि जब विचारों में देशहित और लोकहित की बजाय राजनीति हावी होती है तो उसका नुकसान देश को उठाना पड़ता है।"

संविधान दिवस: आरक्षण किसे और कब तक, समान नागरिक संहिता पर बात क्यों नहीं? – कुछ फैसले जो अभी बाकी हैं

भारत की धर्म निरपेक्षता के खोखलेपन का ही सबूत है कि हिंदुओं के पास आज अपनी एक 'होम लैंड' नहीं है जबकि कथित अल्पसंख्यक...

बंगाल: मर्डर, फायरिंग, बमबाजी, आगजनी… BJP के प्रदेश अध्यक्ष से लेकर बूथ अध्यक्ष तक बने निशाना

बीजेपी (BJP) ने दक्षिण दिनाजपुर में अपने बूथ अध्यक्ष स्वाधीन राय की हत्या का आरोप सत्ताधारी तृणमूल कॉन्ग्रेस (TMC) के गुंडों पर लगाया है।

प्रचलित ख़बरें

‘उसे मत मारो, वही तो सबूत है’: हिंदुओं संजय गोविलकर का एहसान मानो वरना 26/11 तुम्हारे सिर डाला जाता

जब कसाब ने तुकाराम को गोलियों से छलनी कर दिया तो साथी पुलिसकर्मी आवेश में आ गए। वे कसाब को मार गिराना चाहते थे। लेकिन, इंस्पेक्टर गोविलकर ने ऐसा नहीं करने की सलाह दी। यदि गोविलकर ने उस दिन ऐसा नहीं किया होता तो दुनिया कसाब को समीर चौधरी के नाम से जानती।

फैक्टचेक: क्या आरफा खानम घंटे भर में फोटो वाली बकरी मार कर खा गई?

आरफा के पाँच बज कर दस मिनट वाले ट्वीट के साथ एक ट्वीट छः बज कर दस मिनट का था, जिसके स्क्रीनशॉट को कई लोगों ने एक दूसरे को व्हाट्सएप्प पर भेजना शुरु किया। किसी ने यह लिखा कि देखो जिस बकरी को सीने से चिपका कर फोटो खिंचा रही थी, घंटे भर में उसे मार कर खा गई।

हाथ में कलावा, समीर चौधरी नाम की ID: ‘हिंदू आतंकी’ की तरह मरना था कसाब को – पूर्व कमिश्नर ने खोला राज

"सभी 10 हमलावरों के पास फर्जी हिंदू नाम वाले आईकार्ड थे। कसाब को जिंदा रखना पहली प्राथमिकता थी। क्योंकि वो 26/11 मुंबई हमले का सबसे बड़ा और एकलौता सबूत था। उसे मारने के लिए ISI, लश्कर-ए-तैयबा और दाऊद इब्राहिम गैंग ने..."

जहाँ बहाया था खून, वहीं की मिट्टी पर सर रगड़ बोला भारत माता की जय: मुर्दों को देख कसाब को आई थी उल्टी

पुलिस कमिश्नर राकेश मारिया सुबह साढ़े चार बजे कसाब से कहते हैं कि वो अपना माथा ज़मीन से लगाए... और उसने ऐसा ही किया। इसके बाद जब कसाब खड़ा हुआ तो मारिया ने कहा, “भारत माता की जय बोल” कसाब ने फिर ऐसा ही किया। मारिया दोबारा भारत माता की जय बोलने के लिए कहते हैं तो...

‘माझ्या कक्कानी कसाबला पकड़ला’ – बलिदानी ओंबले के भतीजे का वो गीत… जिसे सुन पुलिस में भर्ती हुए 13 युवा

सामने वाले के हाथों में एके-47... लेकिन ओंबले बिना परवाह किए उस पर टूट पड़े। ट्रिगर दबा, गोलियाँ चलीं लेकिन ओंबले ने कसाब को...

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।
- विज्ञापन -

पाकिस्तान: निकाह में सास ने दामाद को तोहफे में थमाई AK-47, शान से फोटो खिंचवाते Video वायरल

पाकिस्तान की एक शादी समारोह का वीडियो वायरल हुआ है। इसमें सास को दामाद को शगुन के तौर पर AK-47 थमाते देखा जा सकता है।

लालू यादव पर दोहरी मार: वायरल ऑडियो मामले में बीजेपी विधायक ने कराई FIR, बंगले से वार्ड में किए गए शिफ्ट

जेल से कथित तौर पर फोन करने के मामले में लालू यादव पर FIR हुई है। साथ ही उन्हें बंगले से रिम्स के वार्ड में शिफ्ट कर दिया गया है।

कानपुर लव जिहाद SIT रिपोर्ट: आखिर वामपंथियों को 14 साल की बच्चियों का मुस्लिम द्वारा गैंगरेप क्यों नॉर्मल लगता है?

बात यह है कि हर मामले में मुस्लिम लड़का ही क्यों होता है? ईसाई या सिक्ख लड़के आखिर किसी हिन्दू लड़की को अपना नाम हिन्दू वाला बता कर प्रेम करते क्यों नहीं पाए जाते?

2008 में फार्म हाउस में पार्टी, अब कर रहे इग्नोर: 26/11 पर राहुल गाँधी की चुप्पी 12 साल बाद भी बरकरार

साल 2008 में जब पाकिस्तान के आतंकी मुंबई के लोगों को सड़कों पर मार चुके थे उसके कुछ दिन बाद ही गाँधी परिवार के युवराज अपने दोस्त की संगीत रस्म को इंजॉय कर रहे थे।

’26/11 RSS की साजिश’: जानें कैसे कॉन्ग्रेस के चहेते पत्रकार ने PAK को क्लिन चिट देकर हमले का आरोप मढ़ा था भारतीय सेना पर

साल 2007 में तत्कालीन प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अजीज़ को उसके उर्दू भाषा अखबार रोजनामा राष्ट्रीय सहारा के लिए उत्कृष्ट अवार्ड दिया था। कॉन्ग्रेस में अजीज़ को सेकुलरिज्म का चमचमाता प्रतीक माना जाता था।

नाबालिगों से गैंगरेप, जबरन मुस्लिम बनाना, नाम बदल कर दोस्ती… SIT की वह रिपोर्ट जिसे वामपंथी नकार रहे हैं

ऑपइंडिया के पास मौजूद SIT रिपोर्ट में स्पष्ट लिखा है कि यह ग्रूमिंग जिहाद के कुछ बेहद चर्चित मामले थे, जिनमें हिन्दू युवतियों को धोखा देकर उनके धर्मांतरण का प्रयास या उनका उत्पीड़न किया गया।

‘कबीर असली अल्लाह, रामपाल अंतिम पैगंबर और मुस्लिम असल इस्लाम से अनजान’: फॉलोवरों के अजीब दावों से पटा सोशल मीडिया

साल 2006 में रामपाल के भक्तों और पुलिसकर्मियों के बीच हिंसक झड़प हुई थी जिसमें 5 महिलाओं और 1 बच्चे की मृत्यु हुई थी और लगभग 200 लोग घायल हुए थे। इसके बाद नवंबर 2014 में उसे गिरफ्तार किया गया था।

26/11 की नाकामी छिपाने के लिए कॉन्ग्रेस चाटुकारों की फौज के साथ किसानों को भड़काने में जुटी, शेयर की पुरानी तस्वीरें

कॉन्ग्रेस की एकमात्र कोशिश है कि बस किसी तरह लोगों का ध्यान इस दिन किसी दूसरे मुद्दे की ओर भटक जाए और कोई उनकी नाकामयाबी व कायरता पर बात न करे।

केरल: राहुल गाँधी ने बाढ़ पीड़ितों के लिए भेजी थी राहत किटें, बंद दुकान में लावारिस मिलीं

बाढ़ प्रभावितों के लिए राहुल गाँधी की तरफ से भेजी गई राहत किटें केरल के एक दुकान में लावारिस मिली हैं।

दिल्ली के बेगमपुर में शिवशक्ति मंदिर में दर्जनों मूर्तियों का सिर कलम, लोगों ने कहते सुना- ‘सिर काट दिया, सिर काट दिया’

"शिव शक्ति मंदिर में लगभग दर्जन भर देवी-देवताओं का सर कलम करने वाले विधर्मी दुष्ट का दूसरे दिन भी कोई अता-पता नहीं। हिंदुओं की सहिष्णुता की कृपया और परीक्षा ना लें।”

हमसे जुड़ें

272,571FansLike
80,411FollowersFollow
358,000SubscribersSubscribe