वहीं जानकारी मिली है कि सिया को कुछ लोगों से धमकियाँ मिल रही थीं। इसे लेकर वह बेहद परेशान थीं। दिल्ली पुलिस के मुताबिक मामले की जाँच की जा रही है। फिलहाल कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी।
वामपंथियों और उनके गिरोह को ये बात नहीं भूलना चाहिए कि जिस कानून-व्यवस्था में उन्हें यकीन नहीं है, आज उसी ने उन्हें मानवीय आधार पर जमानत दी। ये चीज वामपंथियों को याद रखना चाहिए।
उत्तर पूर्वी दिल्ली में फरवरी 2020 में CAA के विरोध में हुए हिंदू विरोधी दंगों के दौरान एक व्हाट्सएप ग्रुप की भूमिका सामने आई है। मामले में चार्जशीट दायर किया गया है।
नॉर्थ दिल्ली के इंद्रलोक पुलिस चौकी पर कुछ लोगों द्वारा हमला करने की घटना सामने आई है। आरोपितों ने द्वारा लाठी-डंडे ही नहीं चलाए बल्कि पुलिस पर पथराव के साथ ही फायरिंग भी की गई है।