विषय: Ayodhya Dispute

मुलायम ने कहा- परिंदा भी पर नहीं मार सकता, लेकिन उन भाइयों ने गुंबद पर भगवा लहरा दिया

शरद और रामकुमार राम मंदिर आंदोलन की कहानी बन गए थे। अयोध्या में उनकी कथाएँ सुनाई जा रही थी। उन्होंने मुलायम सिंह के दावे "परिंदा भी पर नहीं मार सकता" की हवा निकाल दी थी। और फिर 2 नवंबर 1990 को घर से खींचकर दोनों को गोली मार दी गई।
शिया वक्फ बोर्ड के चेयरमैन वसीम रिज़वी (फोटो साभार- न्यूज़18)

हमें पाँच एकड़ अलॉट कीजिए, हम बनाएँगे अस्पताल: शिया वक्फ बोर्ड

"शिया वक्फ बोर्ड ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड के फैसले से बिलकुल इत्तेफाक नहीं रखता, न ही वह एआईएमपीएलबी का हिस्सा है। रिज़वी ने यह भी कहा कि देश के मुसलमानों ने सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का स्वागत किया है।"
राम मंदिर, सुप्रीम कोर्ट

अयोध्या में राम मंदिर: पुनर्विचार याचिका दाखिल नहीं करेगा सुन्नी वक्फ बोर्ड, 6-1 से लिया फैसला

मस्जिद के लिए जमीन कबूल करने को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। बोर्ड के एक सदस्य ने कहा है कि इस संबंध में अभी फैसला नहीं हुआ है। वहीं, कुछ रिपोर्टों में कहा गया है कि इस्लामिक यूनिवर्सिटी बनाने के लिए जमीन ली जाएगी।
बाबरी मस्जिद, राम मंदिर

वामपंथियों का दोगलापन, लिब्रहान रिपोर्ट की इन बातों पर साध लेते हैं चुप्पी

लिब्रहान आयोग की रिपोर्ट में माना गया है कि भगवान राम का जन्म अयोध्या में ही हुआ था। इस रिपोर्ट में हिन्दू धर्म ग्रन्थ रामायण के आधार पर कमीशन ने राम और अयोध्या दोनों के अस्तित्व को स्वीकार किया है। ऐसे में इन वामपंथी इतिहासकारों से पूछा जाना चाहिए कि...
राम मंदिर, सुप्रीम कोर्ट

अयोध्या पर फैसला सुनाने वाले 5 जज उस समय पैदा भी नहीं हुए थे, जब दायर हुआ था पहली बार मुकदमा

साल 1950 में 16 जनवरी को फैजाबाद जिले के स्थानीय कोर्ट में पहली बार इस संबंध में मुकदमा दर्ज हुआ था। राम मंदिर पर फैसला सुनाने वाले सीजेआई रंजन गोगोई इन पाँचों न्यायधीशों में उम्र के लिहाज से सबसे बड़े हैं, जिनकी जन्मतिथि 18 नवंबर 1954 है।
राम मंदिर, अयोध्या

‘5 एकड़ जमीन मिली तो बनवाएँगे स्कूल या अस्पताल’ – 14 कोस में जगह माँगने वाले इकबाल अंसारी

"अगर सरकार हमें जमीन देती है तो हम वहाँ पर स्कूल या फिर अस्पताल बनवाएँगे। कोर्ट के फैसले के बाद हिंदू-मुस्लिम के बीच पैदा हुई नफरत खत्म हो गई हैं। इसलिए अब वे नहीं चाहते कि हिंदुस्तान में माहौल में बिगड़े। मोदी और योगी सरकार में अमन शांति है..."
प्रतीकात्मक तस्वीर

अयोध्या अधिनियम 1993 की वो धारा, जिसके तहत बनेगा राम मंदिर के लिए ट्रस्ट

इस मामले में अयोध्या अधिनियम की वैधता को डॉक्टर एम इस्माइल फारुकी और अन्य बनाम भारत संघ व अन्य 1994 SCC (6) 360 में सुप्रीम कोर्ट द्वारा बरकरार रखा गया था। अगर उस समय ऐसा नहीं होता तो अधिनियम की धारा 4(3) को रद्द कर दिया जाता और जो सुनवाई अयोध्या पर हुई, वो कभी संभव ही नहीं होती।
रंजन गोगोई

CJI, PM मोदी ने किया साफ़: अब काशी, मथुरा सहित किसी धार्मिक स्थल पर विवाद के लिए तैयार नहीं है देश

अलग-अलग बयानों में मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और सरसंघ संचालक मोहन भागवत ने संदेश दिया कि विवादों को पीछे छोड़कर अब देश के आगे बढ़ने का वक्त है।
सुन्नी वक्फ बोर्ड

अयोध्या मामला: मुस्लिम पक्ष के पास बचा है यह रास्ता, 17 नवंबर को सुन्नी वक्फ बोर्ड करेगा फैसला

मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले का अध्ययन कर रहा है। खबर के मुताबिक, इस अध्ययन के बाद वह 17 नवंबर को रिव्यू पिटीशन डालने पर फैसला करेगा।
लाल कृष्ण अडवाणी

मैं सही साबित हुआ, मेरी मेहनत लाई रंग: राम रथी आडवाणी का अयोध्या फैसले पर कथन

इस ऐतिहासिक क्षण के एक दिन पहले कल ही अपना 93वाँ जन्मदिन मनाने वाले आडवाणी, जिन्होंने अपना कैरियर फिल्म समीक्षा पत्रकार के रूप में शुरू किया था, ने अंग्रेजी में एक बयान जारी कर फैसले से संतोष जाहिर किया है। साथ ही कहा है कि अंततः उनका स्टैंड सही साबित हुआ है।
सुब्रमण्यम स्वामी

अशोक सिंघल को भारत रत्न दो, तुरंत करो घोषणा: स्वामी की माँग

भारतीय जनता पार्टी के नेता और राज्य सभा के सांसद सुब्रमण्यम स्वामी ने विश्व हिन्दू परिषद के पूर्व कार्यकारी अध्यक्ष स्वर्गीय अशोक सिंघल को भारत रत्न दिए जाने की माँग की है। साथ ही पूर्व केंद्रीय मंत्री ने इसके लिए तुरंत घोषणा की भी माँग की है। उनकी यह माँग राम जन्मभूमि आंदोलन की दशकों की माँग पर आज सुप्रीम कोर्ट की स्वीकृति की मुहर के आलोक में आई है।
गिरोह के सदस्यों का भी ध्यान रखा गया है

लिबरलों को मिली ‘रूदन कक्ष’ हेतु 5 वर्गफीट जमीन, रवीश को पेपर रोल, राठी-कामरा के लिए ChiRAnDh योजना

जजों ने इस बात का ख्याल रखा है कि कोई भी लिबरल, अजेंडाबाज़ रवीश टाइप पत्रकार, टुटपुँजिया कॉमेडियन, पंक्चर के काम करने वाले 'हा-हा' रिएक्शन ब्रीड के लौंडे या मीम का फैक्ट चेक करने वाले गंजे आदि छूट न जाएँ क्योंकि दर्द तो बहुत हुआ होगा।

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