अब्दुल इजेदी के 'करीबियों' ने उसे क्रिश्चियन कब्रिस्तान नहीं, बल्कि मुस्लिम कब्रिस्तान में दफनाया। यही नहीं, उसे दफनाने के लिए तथाकथित मुस्लिम धर्म के लोगों ने ऑनलाइंन फंडिंग अभियान भी चलाया।
वो सीरिया से आए, इंग्लैंड में बस गए। मासूम बच्ची को जाल में फंसाया, रेप करते रहे। 'हर बार बुलाने पर आना पड़ेगा, वर्ना जान से मार देंगे' जैसी धमकियाँ देते रहे।
भारत ने ब्रिटिश उच्चायुक्त के समक्ष कड़ा विरोध दर्ज कराया है। कहा - "जेन मैरियट का कदम भारत की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता के खिलाफ है, जो अस्वीकार्य है।"