विषय: Government Jobs

बदरुद्दीन अजमल

किसी की नहीं सुनेंगे, बच्चा पैदा करने के लिए जो भी करना होगा, करेंगे मुस्लिम: बदरुद्दीन अजमल

बदरुद्दीन का कहना है कि असम सरकार मुसलमानों को सरकारी नौकरी देने से रोकने के लिए यह कानून लाई है। उन्होंने कहा कि सचर समिति के अनुसार अभी 2 फीसदी से भी कम मुस्लिमों को सरकारी नौकरी मिलती है।

2020 के बाद 2 से अधिक बच्चे वालों को नहीं मिलेगी सरकारी नौकरी: असम सरकार ने लिया फैसला

इस नई नीति के तहत यह शर्त सिर्फ किसी को सरकारी नौकरी देते वक्त ही ध्यान में नहीं रखी जाएगी, बल्कि नौकरी के अंत तक सभी को इस नीति के हिसाब से यह ध्यान रखना होगा कि उनके बच्चों की संख्या दो से अधिक ना हो। बच्चों की संख्या दो से अधिक होने पर सरकारी नौकरी से उस व्यक्ति को निकाला भी जा सकता है।
मनोहर लाल खट्टर

OBC के लिए रिजर्वेशन… लेकिन भर्ती होगी जनरल कैटेगरी की: खट्टर सरकार का ऐतिहासिक फैसला

बहुत सारे पद ऐसे थे, जो कानूनी अडचनों के कारण कई दिनों से रिक्त थे। हरियाणा में आरक्षण को लेकर तरह-तरह के मामले अदालतों में लंबित हैं। रिक्त पदों में कई सारे विभिन्न सरकारी विभागों, बोर्ड-निगमों व सरकारी कंपनियों, विश्वविद्यालयों और हाई कोर्ट में हैं।

रोजगार पर ज्ञान देने वाले ज्ञानी समुदाय के नाम

अगर आप रोजगार के तमाम आँकड़ों को न मान कर ‘मैं जब मुखर्जीनगर पहुँचा तो वहाँ सारे युवा बेरोज़गार थे’ वाला लॉजिक लेकर चलिएगा तो मैं कहूँगा कि ‘मैं जब सायबर हब पहुँचा तो वहाँ सारे लोग लाखों की सैलरी पाने वाले थे, भारत बदल गया है, बेरोज़गारी शून्य प्रतिशत है’।
रवीश कुमार

कभी-कभी लगता है मैं स्वयं ही ‘बेरोज़गारी’ हूँ: रवीश, रोज़गार और आँकड़े

रवीश कुमार ने आँकड़ों को समझने की कोशिश किए बिना, अनुवाद कर दिया। वहाँ उनको 'जॉब' और 'स्लोडाउन' दिखा, बस अनुवाद कर के मोदी को लपेट लिए। जबकि इस लेख में एक ज़रूरी बात छुपा ली गई ताकि मोदी बुरा दिखे।
सफलता की कहानी

47 साल की माँ, 28 की बेटी… साथ जाती थीं कोचिंग, एक ही साथ मिली नौकरी

एन शांतिलक्ष्मी और उनकी बेटी आर तेनमोजी ने राज्य सेवा आयोग ग्रुप-4 की परीक्षा पास करके सरकारी नौकरी हासिल की है। शांतिलक्ष्मी की नियुक्ति स्वास्थ्य विभाग में हुई है जबकि तेनमोजी की नियुक्ति धर्मस्व विभाग में।

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