Wednesday, July 17, 2024
Homeविविध विषयअन्यकेरल में सरकारी नौकरों को सैलरी नहीं, न रिटायर लोगों को पेंशन… जिनके खातों...

केरल में सरकारी नौकरों को सैलरी नहीं, न रिटायर लोगों को पेंशन… जिनके खातों में पैसा, वो भी फ्रीज: राज्य में आर्थिक संकट, 3.5 लाख कर्मचारी प्रभावित

कुछ सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि वेतन उनके खातों में तो दिख रहा है लेकिन वो उसे निकाल नहीं सकते। असंतुष्ट कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने कुछ लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए सैलरी खातों में आ जाने का भ्रम पैदा किया है।

केरल सरकार इन दिनों आर्थिक तंगी से जूझ रही है। इसी वजह से वहाँ के सरकारी कर्मचारियों को सैलरी मिलने में देरी हो रही। पहले राज्य कर्मचारियों का वेतन 1 तारीख को आना था। देरी की वजह से अब यह 4 मार्च को आने की उम्मीद है। वेतन मिलने में हो रही इस देरी का कारण बैंकों में सरकारी ट्रेजरी से समय से पैसा न पहुँचना बताया जा रहा है। इस व्यवधान की वजह से समय से वेतन पाने की उम्मीद लगाए लगभग 3.5 लाख कर्मचारी प्रभावित हुए हैं।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक केरल में चल रहे आर्थिक संकट के चलते कर्मचारी ट्रेजरी सेविंग्स बैंक (ईटीएसबी) का खाता फ्रीज हो चुका है। सरकारी खजाने को फिर से भरने के लिए फ़िलहाल प्रयास शुरू किए जा चुके हैं। कर्मचारियों को वेतन देने के अलावा अन्य जरूरी कामों को पूरा करने के लिए सार्वजनिक क्षेत्र के संगठनों से आने वाले भंडार और लाभांश को राज्य सरकार के खजाने में ट्रांसफर करने के निर्देश दिए गए हैं। इन अतिरिक्त प्रयासों के चलते ही राज्य कर्मचारियों के वेतन 4 मार्च को आने की उम्मीद है।

सैलरी में हो रही इस देरी की वजह से केरल के सरकारी कर्मचारियों में निराशा है। वो अपनी ही सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन कर रहे हैं। इन हालातों के बीच सचिवालय एक्शन काउंसिल ने भी रोष जताते हुए अपना बयान जारी किया है। काउंसिल ने इस देरी के लिए प्रदेश सरकार के गलत मैनेजमेंट को जिम्मेदार बताया है। केरल सरकार के खिलाफ ऐसी बयानबाजी कर्मचारियों के मन में बढ़ रहे असंतोष का प्रतीक मानी जा रही है।

फिलहाल इस पूरे मामले पर राज्य सरकार का ट्रेजरी और वित्त विभाग मौन साध कर बैठा है। वह इस समय के पीछे तकनीकी कारणों का हवाला दे रहा है। हालाँकि राज्य कर्मचारी सरकार की इस सफाई से संतुष्ट नहीं हैं। वो सरकार की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर रहे हैं।

केरल के सरकारी कर्मचारियों का कहना है कि वेतन उनके ईटीएसबी खातों में तो दिख रहा है लेकिन वो उसे निकाल नहीं सकते। असंतुष्ट कर्मचारियों का कहना है कि सरकार ने कुछ लोगों की नाराजगी दूर करने के लिए सैलरी खातों में आ जाने का भ्रम पैदा किया है। सैलरी के अलावा पेंशन पाने वाले रिटायर हो चुके कर्मचारी भी अपने पेंशन की उम्मीद लगाए बैठे हैं। केरल के इतिहास में ऐसा पहली बार हुआ है।

माना जा रहा है कि सैलरी आने का भ्रम पैदा करके वर्तमान सरकार केरल में चल रहे आर्थिक संकट को जानबूझ कर छिपाने का प्रयास कर रही है। वेतन आने में देरी होने से प्रभावितों में गृह, राजस्व, ट्रेजरी, जीएसटी और सचिवालय जैसे महत्वपूर्ण विभागों के कर्मचारी भी शामिल हैं। इसकी वजह से इस मामले ने और अधिक तूल पकड़ लिया है। फ़िलहाल आने वाले समय में यदि ऐसे ही हालत बने रहे तो माना जा रहा है कि यह राज्य कर्मचारियों के मन में और अधिक असंतोष को पैदा करेगा।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

अमेरिकी राजनीति में नहीं थम रहा नस्लवाद और हिंदू घृणा: विवेक रामास्वामी और तुलसी गबार्ड के बाद अब ऊषा चिलुकुरी बनीं नई शिकार

अमेरिका में भारतीय मूल के हिंदू नेताओं को निशाना बनाया जाना कोई नई बात नहीं है। निक्की हेली, विवेक रामास्वामी, तुलसी गबार्ड जैसे मशहूर लोग हिंदूफोबिया झेल चुके हैं।

आज भी फैसले की प्रतीक्षा में कन्हैयालाल का परिवार, नूपुर शर्मा पर भी खतरा; पर ‘सर तन से जुदा’ की नारेबाजी वाले हो गए...

रिपोर्ट में यह भी कहा गया था कि गौहर चिश्ती 17 जून 2022 को उदयपुर भी गया था। वहाँ उसने 'सर कलम करने' के नारे लगवाए थे।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -