लाल किले पर धार्मिक झंडे फहराए जाने और गिरफ्तार किए गए किसानों को लेकर अकाल तख्त के जत्थेदार ज्ञानी हरप्रीत सिंह ने कहा है, “निशान साहिब सिख पहचान का प्रतीक है। झंडा फहराना अपराध नहीं बनता।”
हर एक परिवार से कम से कम एक व्यक्ति को प्रदर्शन में दिल्ली पहुँचने का फरमान दिया गया है। ऐसा न करने पर जुर्माने और गाँव-समाज से बहिष्कार की धमकी दी गई है।
महापंचयात में सैंकड़ों लोग शामिल हुए। सबकी मौजूदगी में हुई मुजफ्फरनगर महापंचायत में फैसला लिया गया कि आज सीधा दिल्ली नहीं जाना है। गाजीपुर बॉर्डर पर पहले से ही बहुत लोग पहुँच गए हैं।