महिला को ठोकर मारने के बाद ड्राइवर राजऋषि ने ही मिहिर को भाग जाने के लिए कहा था। मृतका के पति प्रदीप का कहना है कि उन्होंने कई बार मिहिर को रुकने के लिए कहा लेकिन उस पर कोई फर्क नहीं पड़ा।
अदालत के फैसले के बाद आरोपित किशोर के दादा जेल से रिहा हो जाएँगे, लेकिन पिता को जेल में ही रहना होगा। पिता विशाल अग्रवाल पर खून के अदला-बदली करने में मिली-भगत के आरोप हैं।