Sunday, July 21, 2024
Homeरिपोर्टमीडियासस्पेंड हुआ अभिसार शर्मा वाले 'NewsClick' का 'X' (पूर्व में ट्विटर) हैंडल: चीन से...

सस्पेंड हुआ अभिसार शर्मा वाले ‘NewsClick’ का ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) हैंडल: चीन से करोड़ों की फंडिंग का हुआ था खुलासा, समर्थन में गिरोह

हालाँकि, न्यूज़क्लिक का YouTube हैंडल अभी भी सक्रिय है जिसका सहारा लेकर उसने सब ज़्यादा प्रोपेगंडा फैलाया है। इसके वहाँ पर 39.50 लाख सब्सक्राइबर्स हैं।

जिस ‘NewsClick’ पर अभिसार शर्मा दिखाई देते हैं, उस मीडिया संस्थान के ट्विटर हैंडल को सस्पेंड कर दिया गया है। एलन मस्क के स्वामित्व वाले ‘X’ (पूर्व में ट्विटर) ने ‘न्यूज़क्लिक’ के हैंडल को निलंबित कर दिया है। मीडिया संस्थान ने @newsclickin यूजरनेम के साथ ट्विटर हैंडल बनाया था, जो अब मौजूद नहीं है। ट्विटर ने कहा है कि प्लेटफॉर्म के नियमों का उल्लंघन करने के कारण इस अकाउंट को निलंबित कर दिया गया है।

उधर ‘न्यूज़क्लिक’ के संपादक प्रबीर पुरकायस्थ, जिनके एक दिल्ली स्थित फ़्लैट को ED (प्रवर्तन निदेशालय) ने जब्त किया है, उन्होंने चीन से फंडिंग लेने के आरोपों को गलत बताया है। मीडिया का गिरोह भी इस संस्थान के बचाव में आ चुका है। ‘प्रेस क्लब ऑफ इंडिया (PCI)’, इंडियन विमेंस प्रेस कॉर्प्स, दिल्ली यूनियन ऑफ जर्नलिस्ट्स और ‘प्रेस एसोसिएशन’ जैसे संगठन खुल कर के न्यूज़क्लिक के बचाव में उतर आए हैं।

हालाँकि, न्यूज़क्लिक का YouTube हैंडल अभी भी सक्रिय है जिसका सहारा लेकर उसने सब ज़्यादा प्रोपेगंडा फैलाया है। इसके वहाँ पर 39.50 लाख फॉलोवर्स हैं। वहाँ वो 10,000 से भी अधिक वीडियो डाल चुका है। संसद में भाजपा सांसद निशिकांत दुबे ने ‘न्यूजक्लिक’ को देशद्रोही और टुकड़े-टुकड़े गैंग का हिस्सा बताया। आरोप है कि ‘न्यूजक्लिक’ को 38 करोड़ रुपए मिले हैं। अमेरिकी मीडिया संस्थान ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने भी अपनी रिपोर्ट में न्यूज़क्लिक को चायनीज फंडिंग के बारे में बताया था।

‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ के अनुसार, यह बहुत कम लोगों को पता है कि गैर-लाभकारी संगठनों और शैल कंपनियों की आड़ में उद्योगपति नेविल रॉय सिंघम चीन के सरकारी मीडिया के साथ मिलकर काम करता है और चीन के प्रोपेगेंडा को दुनिया भर में फैलाने के लिए फंडिंग कर रहा है। ‘न्यूयॉर्क टाइम्स’ ने लेख में कहा है कि नेविल रॉय सिंघम भारत, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका और संयुक्त राज्य अमेरिका जैसे देशों में प्रगतिशील होने की वकालत करने के बहाने चीनी सरकार के मुद्दों को लोगों के बीच फैलाने में कामयाब रहा है।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

एनडीटीवी हो या 'द वायर', इन्हें कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

बांग्लादेश में आरक्षण खत्म: सुप्रीम कोर्ट ने कोटा व्यवस्था को रद्द किया, दंगों की आग में जल रहा है मुल्क

प्रदर्शनकारी लोहे के रॉड हाथों में लेकर सेन्ट्रल डिस्ट्रिक्ट जेल पहुँच गए और 800 कैदियों को रिहा कर दिया। साथ ही जेल को आग के हवाले कर दिया गया।

‘कमाल का है PM मोदी का एनर्जी लेवल, अनुच्छेद-370 हटाने के लिए चाहिए था दम’: बोले ‘दृष्टि’ वाले विकास दिव्यकीर्ति – आर्य समाज और...

विकास दिव्यकीर्ति ने बताया कि कॉलेज के दिनों में कई मुस्लिम दोस्त उनसे झगड़ा करते थे, क्योंकि उन्हें RSS के पक्ष से बहस करने वाला माना जाता था।

प्रचलित ख़बरें

- विज्ञापन -