Tuesday, October 19, 2021

विषय

NDRF

उत्तराखंड में भारी बारिश के कारण तबाही, अब तक 8 लोगों की मौत, केदारनाथ से लौट रहे 22 श्रद्धालुओं को SDRF ने बचाया

एसडीआरएफ और उत्तराखंड पुलिस ने 22 श्रद्धालुओं को जंगल चट्टी से निकाला है। ये श्रद्धालु केदारनाथ से लौटते वक्त भारी बारिश के बीच फँस गए थे।

40+ लोग मलबे में दबे: हिमाचल के किन्नौर में फिर बड़ा लैंडस्लाइड, HRTC बस समेत कई गाड़ियाँ खाई में, देखें वीडियो

हिमाचल प्रदेश के किन्नौर में नेशनल हाईवे-5 पर चील जंगल के पास चट्टान गिरने से बड़ा हादसा सामने आया है। इस हादसे में एचआरटीसी बस सहित कई गाड़ियों के चपेट में आने की सूचना है।

मुंबई में गिरे 3 और घर: 24 घंटे पहले 1 घर के गिरने से हो गई थी 8 बच्चों की मौत

मुबंई के पश्चिमी उपनगर दहिसर में स्थित एक चॉल में तीन मकान गिरने से 26 वर्षीय प्रद्युम्न सरोज नाम के व्यक्ति की मौत हो गई।

सिर्फ 2 मिनट का मोबाइल कनेक्शन, लटकने के लिए लोहे की रॉड: उत्तराखंड त्रासदी में ऐसे बचे 12 लोग

बसंत बताते हैं कि वह तपोवन में तीन साल से काम कर रहे हैं। उस दिन भी उन्होंने 8 बजे से काम शुरू किया और साढ़े 10 बजे उन्हें एक भयानक आवाज सुनाई दी। उन्हें भागने का मौका ही नहीं मिला।

Cyclone Nivar के अगले 12 घंटे में अति विकराल रूप धरने की आशंका: ट्रेनें, फ्लाइट रद्द, NDRF की टीम तैनात

“तमिलनाडु से लगभग 30,000 से अधिक लोगों को निकाला गया है और पुडुचेरी से 7,000 लोगों को निकाला गया है। केंद्र, राज्य और स्थानीय सरकारें मिलकर काम कर रही हैं। क्षति को कम करने के लिए सभी प्रयास किए जा रहे हैं।”

तेजी से अलीबाग की तरफ बढ़ रहा चक्रवाती तूफान निसर्ग: रायगढ़, ठाणे, मुंबई, पालघर में भारी बारिश की संभावनाएँ

चक्रवाती तूफान निसर्ग के कारण PM नरेंद्र मोदी ने महाराष्ट्र, गुजरात, दमन दीव, दादरा और नगर हवेली को आश्वासन दिया है कि वे सभी तरह से उनकी सहायता करेंगे।

सुपर साइक्लोन में तब्दील हो जाएगा अम्फान चक्रवात: PM मोदी ने बुलाई बैठक, तूफ़ान, भारी बारिश की आशंका

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे अम्फान चक्रवात (Amphan Cyclone) से निपटने की तैयारियों की समीक्षा। ओडिशा और बंगाल में अलर्ट जारी।

12 घंटे बाढ़ में घिरी रही महालक्ष्मी, 8 घंटे चला रेक्स्यू ऑपरेशन, सभी 1050 यात्री बचे

मुंबई-कोल्हापुर रूट पर चलने वाली महालक्ष्मी एक्सप्रेस नाम की यह ट्रेन मुंबई के पास बदलापुर और वांगनी स्टेशन के बीच फँसी रही। पानी का स्तर धीरे-धीरे बढ़ता जा रहा था, ऐसे में ट्रेन के लिए आगे बढ़ पाना मुश्किल हो गई थी।

एक महीने बाद मेघालय की कोयला खदान से निकाला गया पहला शव, 14 मज़दूरों की तलाश जारी

इन सभी मज़दूरों को बचाने के लिए ‘शीघ्र, तत्काल और प्रभावी’ अभियानों को चलाने की ज़रूरत है क्योंकि ये सारा मामला ज़िन्दगी और मौत का सवाल बना हुआ है।

ताज़ा ख़बरें

प्रचलित ख़बरें

हमसे जुड़ें

295,307FansLike
130,026FollowersFollow
411,000SubscribersSubscribe