Friday, June 21, 2024
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तमिलनाडु में बाढ़ से तबाही: सेना ने सँभाला मोर्चा, मछुआरों ने 10000 लोगों की बचाई जान; राज्य ने केंद्र से माँगा ₹19000 करोड़

सबसे ज्यादा तबाही तिरुनेलवेली में देखने को मिल रही है। वहाँ ताम्रपर्णी नदी के खतरे के निशान को पार करने के कारण काफी इमारतें पानी में डूब गईं। वहीं, भारतीय नौसेना के जवानों ने थुथुकुडी के श्रीवैकुंडम रेलवे स्टेशन पर भोजन और अन्य राहत सामग्री वितरित की।

दक्षिणी तमिलनाडु में मिचौंग तूफान के बाद हो रही भारी बारिश के चलते हर तरफ तबाही मची हुई है। थुथुकुडी, तिरुनेलवेली, तेनकासी और कन्याकुमारी जिले सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। इन जिलों में भारी बारिश की वजह से भयंकर बाढ़ आई हुई है और हजारों लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुँचाया गया है।

इन इलाकों में भारतीय नौसेना, तटरक्षक बल और सेना को बचाव एवं सहायता कार्यों में लगाया गया है। सेना नावों और हेलीकॉप्टरों के जरिए बाढ़ग्रस्त क्षेत्रों में फँसे हुए लोगों तक पहुँच रही है। वहीं, तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने दिल्ली में पीएम नरेंद्र मोदी से मुलाकात की और राहत कार्यों के लिए 19,000 करोड़ से ज्यादा की माँग की।

वायुसेना, नौसेना, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ राहत-बचाव कार्य में जुटीं

बचाव और राहत कार्यों के लिए 84 से अधिक नावों को तैनात किया गया है। इनके जरिए लोगों को निकाला भी गया। विभिन्न स्थानों पर स्थापित राहत शिविरों के माध्यम से 50,000 से अधिक प्रभावित व्यक्तियों को आवश्यक खाद्य आपूर्ति दी गई और रेलवे स्टेशन पर फँसे लोगों को एयरफोर्स ने भोजन पहुँचाया।

बाढ़ की वजह से हजारों घर और व्यवसाय पानी में डूब गए, जिससे संपत्ति और बुनियादी ढाँचे को व्यापक नुकसान हुआ। सड़कें और पुल बह गए, जिससे परिवहन और संचार नेटवर्क बाधित हो गया। इस बाढ़ की वजह से कृषि फसलों को भारी नुकसान हुआ है। इसके कारण किसानों की आजीविका प्रभावित हुई है।

सबसे ज्यादा तबाही तिरुनेलवेली में दिखी, जहाँ ताम्रपर्णी नदी के खतरे के निशान को पार करने के कारण काफी इमारतें पानी में डूब गईं। वहीं, सेना के जवानों ने थुथुकुडी के श्रीवैकुंडम रेलवे स्टेशन पर फँसे 500 लोगों को भोजन और अन्य राहत सामग्री वितरित की। इसके लिए वायुसेना ने तीन एडवांस्ड लाइट हेलीकॉप्टर (एएलएच) को लगाया था।

तमिलनाडु के मुख्य सचिव शिवदास मीणा ने मंगलवार (19 दिसंबर 2023) को कहा कि पिछले दो दिनों में बारिश के कारण 10 लोगों की मौत हुई है। मुख्य सचिव ने कहा कि तिरुनेलवेली और तूतीकोरिन में रिकॉर्ड बारिश और बाढ़ आई है।

तिरुनेलवेली जिला कलेक्टर केपी कार्तिकेयन ने कहा है कि बाढ़ से 9 लोगों की मौत हुई है। भारी बारिश को देखते हुए तिरुनेलवेली और तेनकासी जिलों में स्कूलों और कॉलेजों में छुट्टी घोषित कर दी गई है। इसी तरह थुथुकुडी जिले में भी छुट्टी घोषित की गई है।

मछुआरों ने बचाई 10 हजार से अधिक की जान

अब भारी बारिश थम गई है, लेकिन कुछ क्षेत्रों में बाढ़ का पानी अभी भी जमा है। राहत और पुनर्वास के प्रयास जारी हैं, जो प्रभावित लोगों को भोजन, आश्रय और चिकित्सा सहायता प्रदान करने पर केंद्रित हैं। तमिलनाडु सरकार भी क्षतिग्रस्त बुनियादी ढाँचे की मरम्मत और बाढ़ के दीर्घकालिक प्रभाव का आकलन करने पर काम कर रही है, तो दक्षिणी तमिलनाडु में बाढ़ प्रभावित समुदायों को राहत और पुनर्वास सहायता प्रदान करने के लिए कई संगठन काम कर रहे हैं।

द न्यू इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के मुताबिक, तिरुनेलवेली जिले के उवारी, कूथनकुली, इदिन्थाकराई और कूट्टापुली और कन्नियाकुमारी जिले के चिन्नामुट्टम और थूथूर के लगभग 400 मछुआरों ने सोमवार और मंगलवार को तिरुनेलवेली जिले में अपनी 72 नावों का उपयोग करके 10,000 से अधिक लोगों को बचाया।

मंत्री थंगम थेनारासु ने मछुआरों को धन्यवाद देते हुए कहा कि इन्होंने तिरुनेलवेली जंक्शन, कोक्कीराकुलम, जिला कलेक्टरेट, सिंधुपूनथुराई, सीएन किरामम, कुरुक्कुथुराई, नोचिकुलम, मुन्नीरपल्लम, चेरनमहादेवी और अंबासमुद्रम सहित विभिन्न स्थानों पर लोगों को बचाया। थेनारासु ने कहा, “उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर लोगों को राहत शिविरों में पहुँचाया।”

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री ने पीएम मोदी से की मुलाकात

तमिलनाडु के मुख्यमंत्री एमके स्टालिन ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से राहत पहलों पर चर्चा करने और अतिरिक्त मदद माँगने के लिए मुलाकात की। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से तमिलनाडु की मदद के लिए 19 हजार करोड़ रुपए से अधिक की माँग की।

उन्होंने मिचौंग तूफान और दक्षिणी जिलों में भारी बारिश से हुए नुकसान को राष्ट्रीय आपदा घोषित करने और आपदा राहत कोष से मदद देने का अनुरोध किया। उन्होंने कहा कि राज्य के दक्षिणी जिलों में पिछले 100 सालों में बारिश से इतना अधिक नुकसान नहीं हुआ था।

मुख्यमंत्री स्टालिन ने कहा, “मैंने पीएम से तत्काल राहत के लिए 7,033 करोड़ और स्थायी राहत के लिए 12,659 करोड़ रुपए की माँग की है। हमने बाढ़ से प्रभावित लोगों को राहत के रूप में 6000 रुपए देने की घोषणा की है। इसे बाँटा जा रहा है। 8 मंत्रियों और 10 आईएएस अधिकारियों को बचाव और राहत के लिए भेजा गया है।”

उन्होंने आगे कहा, “एसडीआरएफ की 15 टीमें और एनडीआरएफ की 10 टीमें अन्य बलों के साथ जमीन पर राहत एवं बचाव कार्य में लगी हुई हैं। अब तक 12,553 लोगों को बचाया गया है। उन्हें 143 राहत शिविरों में रखा गया है। बाढ़ वाले इलाकों में हेलीकॉप्टरों से भोजन बाँटा जा रहा है।”

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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