Tuesday, April 13, 2021

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Taliban

मंगलवार को मांस बिक्री पर प्रतिबंध = हिंदू तालिबान का निर्माण: BJP सरकार के फैसले पर लेखक रविंदर का बेतुका बयान

रविंदर सिंह ने सवाल किया कि क्या यह प्रतिबंध 'हिंदू तालिबान का निर्माण' है? उनके ट्वीट में लिखा था, “अब आप मंगलवार को गुड़गाँव में मांस नहीं बेच सकते। कारण- क्योंकि इससे धार्मिक भावनाएँ आहत होती हैं। हिंदू तालिबान का निर्माण?"

मस्जिद में चल रही थी बम बनाने की क्लास, फट गया… मर गया 30 आतंकी: अफगान रक्षा मंत्रालय ने की पुष्टि

अफगानिस्तान के एक मस्जिद में बम बनाने के दौरान हुए विस्फोट में 30 तालिबानी आतंकी मारे गए। आधिकारिक सूचना के मुताबिक...

संघियों-मनुवादियों को खत्म करने के लिए लश्कर-तालिबान से मदद की ग्राफिटी: मेंगलुरु की सड़कों पर खुलेआम चेतावनी

26/11 हमलों की बरसी के मौके पर मेंगलुरु की दीवारों पर भयावह बातें लिखी (ग्राफिटी) हुई थीं। जिसमें चेतावनी दी गई थी कि ‘संघी और मनुवादियों’ को ख़त्म करने के लिए लश्कर-ए-तैय्यबा और तालिबान की मदद ली जा सकती है।

‘मेरे पिता ने तालिबानियों को दिया था ID कार्ड’: जॉब छुड़ाने के लिए अफगान महिला की आँख में घोपा गया चाकू, चली गोलियाँ

“कई बार जब मैं ड्यूटी पर जाती थी तो मेरे पिता मेरा पीछा करते थे। उन्होंने आसपास के इलाके में तालिबान से संपर्क रखना शुरू कर दिया था और उनसे कहने लगे थे कि वह मुझे मेरी जॉब करने से रोकें।”

मस्जिद में बैठ कर बना रहे थे बम, अचानक हुआ धमाका; जरीफ़, अब्दुल, अबू और हबीब मौके पर ही ढेर

सिकंदर खेल गाँव में स्थित मस्जिद को तालिबानी आतंकियों ने अड्डा बना रखा था। बम बनाने में हुई गड़बड़ी के कारण वहाँ विस्फोट हो गया।

पेड़ में बाँधकर मारते, कहते थे धर्म बदलो-मुस्लिम बनो: सिख निधान सिंह ने बताया अफगानिस्तान में क्या-क्या झेला

निधान सिंह को तालिबानी आतंकियों ने अफगानिस्तान के एक गुरुद्वारे से अगवा कर लिया था। उनके साथ 11 सिख भारत लाए गए हैं।

बच्चे के लिए 7 साल 9 महीने का इंतजार, आतंकियों ने 4 घंटे में छीनी जिंदगी: काबुल हमले से जैनब की गोद सूनी

काबुल में अस्पताल पर हुए आतंकी हमले ने जैनब की गोद फिर से सूनी कर दी है। गोद भरने के लिए उसने करीब सात साल इंतजार किया...

क्या अफगान-तालिबान शांतिवार्ता की घुटन का परिणाम है ISIS द्वारा गुरूद्वारे पर हमला, भारत में लिबरल-वामपंथी गिरोह की चुप्पी के मायने?

कल गुरूद्वारे पर हमले के बाद पूरा अफगानिस्तान अपने सिख-हिन्दू भाइयों के लिए उमड़ पड़ा और अपनी सहानुभूति व्यक्त कर उसके साथ खड़े होने की दृढ़ता दिखाई। इस हमले पर अभी तक तालिबान की कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। इस्लामिक स्टेट ने इसकी जिम्मेदारी लेकर एक बार फिर अपना घिनौना चेहरा दुनिया के सामने रख दिया। इधर भारत में लिबरल-वामपंथी गिरोह इसको लेकर चुप्पी साधे हुए है। जैसे उसने सुकमा में नक्सली हमले के वक्त साधा था।

अफगानिस्तान: 11 दिनों में पहली बार अमेरिकी एयरस्ट्राइक, तालिबानी हमले में मारे गए थे 20 जवान

अफगानिस्तान में 29 फरवरी को शांति समझौता हुआ था। हमलों से पहले ट्रंप और तालिबानी नेता मुल्ला बरादर के बीच बातचीत भी हुई थी। ताजा हमलों से शांति समझौता टूटने की कगार पर पहुॅंच गया है।

17 महीने तालिबान की कैद में रहने के बाद 3 भारतीय इंजीनियर रिहा, छोड़ना पड़ा 11 आतंकियों को

तालिबान द्वारा आजाद किए गए तीनों इंजीनियर, उन्हीं 7 भारतीयों में से हैं, जिनका पिछले वर्ष अफगानिस्तान में अपहरण हुआ था। इन्हें अफगानिस्तान के बघनाल प्रांत से अगवा किया गया था। सातों इंजीनियर केईसी कंपनी की ओर से वहाँ में एक पॉवर प्रोजेक्ट पर काम कर रहे थे।

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