125 जिलों में फैला नक्सलवाद अब 20 जिलों तक सिमट गया है। वहीं, वामपंथी आतंकियों का गढ़ रहे बस्तर के 29 गाँवों में पहली बार स्वतंत्रता दिवस पर तिरंगा फहराया गया है।
प्रत्येक सुबह वामदेव अपने शिष्य को एक हस्तलिखित पर्ची देते थे। उस पर्ची को रोज़ अलग-अलग संतों के पास लेकर जाना होता था। उसमें अमित शाह के लिए सिफ़ारिश होती थी। इस तरह अमित शाह रोज़ किसी न किसी नए संत के साथ समय व्यतीत करते थे, भंडारे में खाते और दक्षिणा इकट्ठा किया करते थे।