हेमंत सोरेन को महज 3492 वोट मिले हैं, वहीं लुइस मरांडी 9821 वोटों के साथ उनसे काफ़ी आगे दिख रही हैं। दुमका में सोरेन परिवार की प्रतिष्ठा दाँव पर है, क्योंकि ये 'गुरुजी का गढ़' रहा है। शिबू सोरेन यहाँ से 8 बार सांसद रह चुके हैं।
"मोदी-शाह कहते हैं कि उन पर विश्वास करो। अमित शाह हिंदुस्तान के मुस्लिमों को कहते हैं कि उन पर विश्वास करो। यदि गोधरा कांड, सोहराबुद्दीन कांड, असम की एनआरसी सूची और उनके मुसलमानों के खिलाफ बयान देखें तो क्या वे बयान और मोदी शाह के कदम मुसलमानों में विश्वास पैदा करते हैं?"
गिनती के लोगों के साथ धरने पर बैठी प्रियंका की हालत देख महिला कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष सुष्मिता देव से रहा नहीं गया। उन्होंने आनन-फानन में किसी को फोन लगाया और फटकारने वाले अंदाज़ में पूछा- "हमारे लीडर्स कहाँ हैं? आओ भेजिए, वेणुगोपाल वगैरह को भेजिए। आप समझ गए न?"
कॉन्ग्रेस के लोग जिस तरह से व्हाट्सप्प ग्रुप बना कर कॉलेज कैम्पस में उपद्रव की साज़िश रच रहे हैं, उसका पर्दाफाश होना ज़रूरी है। इन ग्रुप्स में कॉन्ग्रेस से जुड़ाव छिपा कर उपद्रव को न्यूट्रल प्रोटेस्ट साबित करने की कोशिश की जाती है। जानिए उस ग्रुप के एडमिन्स और मैसेजों के बारे में।
"शनिवार को ही राहुल गाँधी की रीलॉन्चिंग के लिए रैली हुई थी और अगले ही दिन हिंसा भड़क गई। उनके मुताबिक विपक्ष नागरिकता कानून पर हिंदू-मुस्लिम कर विभाजनकारी नीति अपना रहा है और लोगों को गलत जानकारी दी जा रही है।"
कमलनाथ के मंत्री पीसी शर्मा ने साध्वी प्रज्ञा के धरने की तुलना 'एक तो चोरी ऊपर से सीनाजोरी' वाले कहावत से की है। उन्होंने आरोप लगाया कि गोडसे को महिमामंडित करने के कारण ही साध्वी प्रज्ञा को रक्षा सम्बन्धी संसदीय समिति में शामिल किया गया था।
मध्य प्रदेश के कमलनाथ सरकार में मंत्री इमरती देवी अक्सर सुर्खियों में बनी रहती हैं। इससे पहले भी गणतंत्र दिवस के दौरान अपने एक भाषण को लेकर इमरती देवी चर्चा में रह चुकी हैं। जिसमें अपना भाषण पढ़ते-पढ़ते उन्होंने कहा था कि अब कलेक्टर साहब....
अपनी ही पार्टी के नेता के सम्बोधन के दौरान सदन में नींद लेने के कारण सोशल मीडिया पर राहुल गाँधी की ख़ासी आलोचना हुई। राहुल गाँधी केरल के वायनाड से सांसद हैं।
यह कोई पहला मौका नहीं है कि जब अधीर होकर उन्होंने ऐसा बयान दिया हो। इससे पहले वह पीएम मोदी और गृहमंत्री अमित शाह को घुसपैठिया तक कह चुके हैं। संसद में पहले ही दिन एनआरसी का विरोध करते हुए उन्होंने कहा था कि मोदी और शाह दोनों खुद गुजरात से आकर दिल्ली में बस गए।
प्रोफेसर पाठक ने कहा कि जाँच रिपोर्ट कुलपति को सौंपी जाएगी। इंटरनल कंप्लेंट कमिटी की जाँच में क्या निकला, इस सम्बन्ध में अब तक विश्वविद्यालय प्रशासन ने कुछ भी जानकारी नहीं दी है।