Homeराजनीतिभाजपा नेता के घर में जबरन घुसने के अपराधी दिल्ली विधानसभा स्पीकर को 6...

भाजपा नेता के घर में जबरन घुसने के अपराधी दिल्ली विधानसभा स्पीकर को 6 महीने की जेल

मामला 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय का है जब 6 फरवरी को यह लोग भाजपा नेता मनीष घई के घर में घुस गए और उनके साथ मारपीट की थी जिसपर भाजपा नेता मनीष ने मामला दर्ज कराया था और.....

दिल्ली विधानसभा के स्पीकर और आम आदमी पार्टी के नेता राम निवास गोयल और उनके बेटे सुमित गोयल को एक भाजपा नेता के घर घुसना महंगा पड़ गया। दिल्ली की रॉउज एवन्यू कोर्ट ने रामनिवास गोयल और उनके बेटे सुमित गोयल समेत पाँच लोगों को 6-6 महीने जेल की सजा सुनाई है साथ ही प्रति व्यक्ति एक-एक हज़ार रूपए का जुर्माना भी लगाया है। बता दें कि हाल ही में कोर्ट ने इन सभी लोगों को पीड़ित भाजपा नेता के घर में घुसने, मारपीट करने का दोषी ठहराया था। इनमें सबसे प्रमुख नाम दिल्ली की विधानसभा के स्पीकर रामनिवास गोयल का है जोकि दिल्ली के शाहदरा इलाके से विधायक भी हैं।

मामला 2015 में हुए दिल्ली विधानसभा चुनाव के समय का है जब 6 फरवरी को यह लोग भाजपा नेता मनीष घई के घर में घुस गए और उनके साथ मारपीट की थी जिसपर भाजपा नेता मनीष ने मामला दर्ज कराया था और उन्होंने इस मारपीट के खिलाफ न्याय पाने के लिए अदालत में लम्बी लड़ाई लड़ी जिसका फैसला अब आया है। अपने बचाव में रामनिवास गोयल ने यह दलील दी थी कि “चुनाव के दौरान भाजपा नेता मनीष के घर कम्बल और शराब छिपाकर रखी गई थी जो चुनाव से पहले गरीबों में बाँटी जानी थी।”

दिल्ली विधानसभा स्पीकर रामनिवास गोयल को 6 महीने की जेल

बता दें कि सभी दोषियों पर भारतीय दंड संहिता के तहत धारा 448 (मकान में जबरन घुसने) का आरोप था जबकि आम आदमी पार्टी के नेता रामनिवास गोयल के बेटे सुमित गोयल पर धारा 323 (चोट पहुँचाने) के तहत शिकायत दर्ज की गई थी।

अभियोग चलने के दौरान पूरी जाँच के दौरान अदालत की कार्यवाही इस नतीजे पर पहुँची कि मामले में संलिप्त सभी आरोपित दोषी पाए गए हैं जिसके बाद इस पूरे घटनाक्रम में दिल्ली विधानसभा के स्पीकर और आम आदमी पार्टी से ताल्लुक रखने वाले रामनिवास गोयल, उनके बेटे सुमित गोयल सहित अन्य पाँच लोग दोषी पाए गए हैं।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

विवादों में ‘कॉकरोचों’ का 6 जून का प्रदर्शन, दिपके ने माना- ‘नहीं ली प्रोटेस्ट की परमिशन’: समझें- SC का फैसला, 7 दिन वाला नियम...

CJP के प्रस्तावित प्रदर्शन के बहाने समझिए जंतर-मंतर पर धरना देने की पूरी प्रक्रिया, दिल्ली पुलिस के नियम और सुप्रीम कोर्ट का रुख।

‘पहले मंदिर में नमाज पढ़ेंगे, फिर कहेंगे मस्जिद थी’: बुलंदशहर से भोजशाला तक, हिंदू पवित्र स्थलों पर दावों का कट्टरपंथियों का पैटर्न और लिबरल...

हिंदुओं के पवित्र स्थानों पर नमाज अदा करना भूल नहीं, सोची-समझी साजिश है। यदि कट्टरपंथियों का मन इतना ही साफ होता तो मंदिरों पर कब्जा नहीं करते।
- विज्ञापन -