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निकले थे ‘न्याय यात्रा’ पर, तोड़ डाला कानून… पुलिस वालों पर भी किया हमला: कॉन्ग्रेसियों पर असम में FIR दर्ज

असम पुलिस के अनुसार यात्रा के लिए तय रास्ते को छोड़ मनमाने ढंग से रूट बदला गया। 'भारत जोड़ो न्याय यात्रा' में शामिल कॉन्ग्रेसियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला भी कर दिया।

राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ असम में कानूनी पचड़े में फँस गई है। जोरहाट जिला पुलिस ने स्वतः संज्ञान लेते हुए गुरुवार (18 जनवरी 2024) को इस यात्रा और इसके मुख्य आयोजक केबी बायजू (KB Byju) पर FIR दर्ज की है।

असम पुलिस ने ये FIR यात्रा के लिए चयनित रास्तों पर सरकारी दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने पर दर्ज की। पुलिस के मुताबिक, जोरहाट से गुजरते वक्त कॉन्ग्रेस नेता राहुल गाँधी के नेतृत्व में इस यात्रा ने पुलिस-प्रशासन के नियमों का उल्लंघन करते हुए निर्धारित रास्तों से हटकर दूसरा रास्ता पकड़ लिया।

पुलिस के अनुसार रैली के रास्ते में अचानक बदलाव की वजह से बाधा पैदा हुई। इस कारण से भीड़ अनियंत्रित हो गई। यातायात नियंत्रण के लिए लगे बैरिकेड तोड़ने लगी। ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ में शामिल कॉन्ग्रेसियों ने ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों पर हमला भी कर दिया।

इस FIR में यह भी कहा गया है कि रैली की वजह से क्षेत्र में भगदड़ और दंगा जैसे हालात पैदा हो गए थे। पुलिस ने रैली आयोजक केबी बायजू के नेतृत्व वाली रैली पर आपराधिक साजिश के तहत भीड़ को उकसाने का भी आरोप लगाया है।

असम पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि यात्रा को केबी रोड की ओर से जाने की इजाजत नहीं थी। इस रोड पर यात्रा के पहुँचने के कारण हालात काबू से बाहर हो गए। अचानक भारी भीड़ की वजह से कुछ लोग गिर गए और भगदड़ जैसे हालात पैदा हो गए।

एक्शन मोड में सीएम हिमंत बिस्वा सरमा

असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा ने 18 जनवरी 2024 को कहा कि अगर राहुल गाँधी की भारत जोड़ो न्याय यात्रा राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करती है तो उस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।

सीएम बिस्वा ने मीडिया से कहा, “असम में भारत जोड़ो न्याय यात्रा की योजना बनाने वाली टीम में दो लोगों ने जानबूझकर दिशा-निर्देशों का उल्लंघन किया। वे रैली को गुवाहाटी से गुजारने की योजना बना रहे हैं। यहाँ तक ​​कि बीजेपी भी राजधानी शहर से होकर अपनी रैलियाँ नहीं करती है, क्योंकि इससे परेशानी पैदा होगी। अगर कॉन्ग्रेस गुवाहाटी के रास्ते रैली निकालने के लिए मजबूर करेगी तो हम उन्हें नहीं रोकेंगे; इसके बजाय, हम केस दर्ज करेंगे।”

सीएम बिस्वा ने ये भी कहा कि असम के लोग भारत जोड़ो न्याय यात्रा में शामिल नहीं होंगे। उन्होंने कहा, “केवल एक खास समुदाय (मियाँ या बाँग्लादेशियों की तरफ इशारा) इस यात्रा में दिलचस्पी रखता है।”

विवादों में ‘न्याय यात्रा’

बताते चलें कि 14 जनवरी को मणिपुर से शुरू हुई राहुल गाँधी की ‘भारत जोड़ो न्याय यात्रा’ नागालैंड से होते हुए 18 जनवरी को असम में प्रवेश किया। असम में आते ही कॉन्ग्रेस को पहला झटका इसी पार्टी में रही नेता की ओर से लगी। असम यूथ कॉन्ग्रेस की अध्यक्ष रहीं अंगकिता दत्ता ने सवाल किया कि उन्हें कब न्याय मिलेगा। ये वही अंगकिता हैं, जिन्हें यूथ कॉन्ग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष बीवी श्रीनिवास के उत्पीड़न और प्रताड़ना के खिलाफ आवाज उठाने पर पार्टी ने निष्कासित कर दिया था।

अपनी ही पार्टी की निष्कासित महिला नेता को न्याय दिलाने के बजाय राहुल गाँधी असम पहुँच कर राजनीति करने लगे। उन्होंने असम सरकार को ‘नफ़रत की खाद’ से उपजी ‘भ्रष्टाचार की फसल’ बताया। उन्होंने कहा कि असम के मुख्यमंत्री हिंदुस्तान के सबसे भ्रष्ट मुख्यमंत्री हैं, जिनका काम है नफ़रत की आड़ में जनता का पैसा लूटना।

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ऑपइंडिया स्टाफ़
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कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

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