Homeदेश-समाजसरस्वती माता की 'क्लीवेज' वाली मूर्ति, साड़ी भी नहीं: त्रिपुरा में बवाल, ABVP और...

सरस्वती माता की ‘क्लीवेज’ वाली मूर्ति, साड़ी भी नहीं: त्रिपुरा में बवाल, ABVP और बजरंग दल के प्रदर्शन के बाद ढकी गई मूर्ति

त्रिपुरा के आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में सरस्वती माता की जिस मूर्ति को लेकर इतना बवाल हुआ है उस मूर्ति की फोटो में साफ पता चल रहा है कि कितने अश्लील ढंग से माता को प्रदर्शित करने का प्रयास हुआ है।

त्रिपुरा के एक आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में सरस्वती माँ की मूर्ति को अश्लीलता से गढ़ने और बिना पारंपरिक साड़ी के दिखाने पर विवाद हो गया। मूर्ति देखने के बाद अखिल भातीय विद्यार्थी परिषद और बजरंग दल ने प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरस्वती माता को इस तरह दिखाना अश्लीलता फैलाने से अधिक कुछ नहीं।

बता दें कि सरस्वती माता की जिस मूर्ति को लेकर इतना बवाल हुआ है उसकी वीडियो फोटो भी एबीवीपी त्रिपुरा ने अपने हैंडल पर शेयर की है। इस मूर्ति की फोटो में साफ पता चल रहा है कि कितने अश्लील ढंग से माता को प्रदर्शित करने का प्रयास हुआ है। मूर्ति में क्लीवेज का डिजाइन गढ़ा गया और मूर्ति पर पारंपरिक साड़ी तो दूर कोई कपड़ा तक नहीं है। इस मूर्ति की जानकारी जब हिंदूवादी कार्यकर्ताओं को हुई तो वो बहुत भड़के।

इस मामले पर एबीवीपी के त्रिपुरा यूनिट के महासचिव दिबाकर आचार्यजी ने कहा कि उन्हें इस प्रकार सरस्वती माता गलत चित्रण से समस्या है। उन्होंने कहा- “जैसा कि हम सभी जानते हैं कि आज बसंत पंचमी है और पूरे देश में देवी सरस्वती की पूजा की जाती है। सुबह-सुबह हम सभी को खबर मिली कि गवर्नमेंट आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में देवी सरस्वती की मूर्ति को बहुत गलत और अश्लील तरीके से बनाया गया है।”

प्रदर्शनकारियों के विरोध के बाद त्रिपुरा की राजधानी अगरतला में स्थित आर्ट एंड क्राफ्ट कॉलेज में रखी गई मूर्ति को साड़ी पहनाई गई। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) से संबद्ध छात्र संगठन एबीवीपी ने कॉलेज प्राधिकरण के खिलाफ सख्त कार्रवाई की माँग की और त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा से मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया।

वहीं कॉलेज के अधिकारियों ने बताया कि मूर्ति हिंदू मंदिरों में देखी जाने वाली पारंपरिक मूर्तिकला के अनुसार है और इसका धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का कोई इरादा नहीं था। मूर्ति को अंततः कॉलेज अधिकारियों द्वारा बदल दिया गया और पूजा पंडाल के पीछे प्लास्टिक की चादरों से ढक दिया गया। प्रदर्शन के बाद मौके पर पुलिस भी आई लेकिन कोई आधिकारिक कंप्लेन नहीं हुई।

Join OpIndia's official WhatsApp channel

  सहयोग करें  

'द वायर' जैसे राष्ट्रवादी विचारधारा के विरोधी वेबसाइट्स को कभी पैसों की कमी नहीं होती। देश-विदेश से क्रांति के नाम पर ख़ूब फ़ंडिग मिलती है इन्हें। इनसे लड़ने के लिए हमारे हाथ मज़बूत करें। जितना बन सके, सहयोग करें

ऑपइंडिया स्टाफ़
ऑपइंडिया स्टाफ़http://www.opindia.in
कार्यालय संवाददाता, ऑपइंडिया

संबंधित ख़बरें

ख़ास ख़बरें

सोनम वांगचुक ने धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की माँग से बनाई दूरी, CJP में फूट के बाद क्या अब आंदोलन की उलटी गिनती हो...

शिक्षा मंत्री धर्मेन्द्र प्रधान के इस्तीफे की माँग पर छात्र आंदोलन बंटता हुआ दिख रहा है। जहाँ सोनम वांगचुक ने इसे अपनी शर्तों में तरजीह नहीं दी है वहीँ सीजेपी की यह पहली शर्त है।

रवीश कुमार तुम ही पत्रकारों की पिटाई के जिम्मेदार हो, खुद ‘गोदी’ में बैठ करते रहे पत्रकारिता… अब चला रहे ‘गोदी मीडिया’ वाला प्रोपेगेंडा

रवीश कुमार की मौकापरस्ती सिर्फ एक व्यक्ति का पतन नहीं है, बल्कि यह उस विचार का पतन है जो खुद को 'पत्रकार' कहकर जनता को गुमराह करता रहा है।
- विज्ञापन -