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फैजान और तंजीम ने की दुकान में घुस मारपीट, दुकानदारों ने पकड़ा तो ‘मॉब लिंचिंग’ का झूठ फैलाने लगे इस्लामी-वामपंथी: यूपी पुलिस ने बताई सच्चाई

दुकानदार पर हमला होता देख यहाँ आसपास के व्यापारी इकट्ठा हो गए। उन्होंने फैजान और तंजीम को घटनास्थल से पकड़ लिया। व्यापारियों ने गुस्से में उनके साथ हाथापाई भी की।

उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर में कुछ मुस्लिम युवकों ने एक दुकान में घुस कर दुकानदार और नौकरों के साथ मारपीट की। उन्होंने दुकान पर काफी हंगामा किया। इसके बाद जब आसपास के दुकानदारों ने उन्हें पकड़ लिया और दोंनो के बीच हाथापाई हुई तो इसे इस्लामी हैंडल और वामपंथी मॉब लिंचिंग का एजेंडा चलाने लगे।

लगातार कई सामान्य घटनाओं की जानकारी को तोड़मोड़ कर पेश करने वाले सचिन गुप्ता आने एक वीडियो डालते हुए लिखा, “UP के जिला बुलंदशहर में भीड़ हिंसा, तंजीम और फैजान कार्बोनेट को बदलने संतलाल की दुकान पर गए थे। वहाँ दुकानदार ने मना कर दिया। विरोध पर भीड़ ने दोनों भाइयों को खूब पीटा। भीड़ पर कोई एक्शन नहीं, बल्कि पिटने वाले दोनों भाई CRPC-151 (शांतिभंग) में अरेस्ट हुए।”

अंसार इमरान ने इस घटना को मॉब लिंचिंग बताने की कोशिश की। उसने लिखा, “ताजा मामला यूपी के बुलंदशहर का है जहाँ मुस्लिम लड़के तंजीम और फैजान को वहाँ की हिंसक भीड़ ने बहुत बुरी तरीके से मारा पीटा है। मोब लिंचिंग का पूर्ण प्रयास किया गया है। सबसे हैरानीजनक बात यह है कि उस हिंसक भीड़ पर एक्शन की जगह पुलिस ने उल्टा शांति भंग के आरोप में उन दोनों को ही गिरफ्तार कर लिया है।”

खुद को पत्रकार बताने वाले रिजवान हैदर ने भी यही झूठ फ़ैलाने की कोशिश की।

घटना मॉब लिंचिंग नहीं, हमले की- पुलिस

यह घटना बुलंदशहर के गुलावटी में 30 जून, 2024 को हुई। गुलावटी के मुख्य बाजार के भीतर एक दुकान पर फैजान और तंजीम पहुँचे थे। यह दोनों आम बेचने का काम करते हैं और इनको पकाने के लिए कार्बाइड केमिकल लेने राजीव नारंग की दुकान पर पहुँचे थे।

फैजान और तंजीम ने इसके बाद दुकानदार से बहस करने लगे। उन्होंने दुकानदार के साथ बदतमीजी की। इसके बाद वह हिंसक हो गए और अपने दो और साथियों को बुला लिया। यह सभी दुकानदार समेत उसके नौकरों को मारने पीटने लगे। दुकानदार के साथ मारपीट के बाद फैजान और तंजीम के दोनों साथी भाग गए।

दुकानदार पर हमला होता देख यहाँ आसपास के व्यापारी इकट्ठा हो गए। उन्होंने फैजान और तंजीम को घटनास्थल से पकड़ लिया। व्यापारियों ने गुस्से में उनके साथ हाथापाई भी की। दोनों के खिलाफ व्यापारियों ने गुलावठी थाने पहुँच कर इस मामले में कार्रवाई की माँग की।

इसके बाद पुलिस ने तंजीम और फैजान को पकड़ कर उनका शांतिभंग में चालान कर दिया। हालाँकि, दोनों को थाने से ही जमानत मिल गई। इन दोंनो ने भी दुकानदार के विरुद्ध मामला दर्ज करवाया है। इसमें इन्होने आरोप लगाया है कि इनके साथ बिना बात के मारपीट की गई।

ऑपइंडिया से बात करते हुए सिकंदराबाद की CO पूर्णिमा सिंह ने बताया कि मामले को जिस तरह से प्रचारित कियाजा रहा है, यह ऐसा नहीं है। उन्होंने बताया कि मामला पहले दुकानदार पर हमले और बाद में उनके द्वारा जवाबा दिए जाने का है। दोनों पक्ष का मुकदमा भी दर्ज कर लिया गया है।

CO पूर्णिमा सिंह ने बताया कि तंजीम और फैजान के दो साथी भाग गए थे। तंजीम और फैजान के विरुद्ध शांतिभंग का मामला दर्ज कर लिया गया था और उन्हें थाने जमानत मिली थी। उन्होंने कहा है कि अभी दोनों पक्ष शांत हैं और कोई विवाद की बात नहीं है।

पुलिस के बयान से साफ़ हो जाता है कि मामला मॉब लिंचिंग का ना होकर हमलावरों को पकड़ने और उनके साथ हाथापाई का है। ऐसे में इस्लामी हैंडल और पत्रकार लगातार झूठ फ़ैलाने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसा ही प्रयास इन्होंने झारखंड के कोडरमा में एक दुर्घटना में मारे गए मौलाना के विषय में किया था।

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अर्पित त्रिपाठी
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